जंतर-मंतर प्रदर्शन के ऐलान से नई दिल्ली में सुरक्षा बढ़ी, 5 से ज्यादा लोगों के जमावड़े पर रोक
नई दिल्ली में जंतर-मंतर प्रदर्शन के ऐलान के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 163 लागू की है। इसके तहत बिना लिखित अनुमति के पांच या उससे ज्यादा लोगों के एक साथ जुटने पर रोक है।
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि बिना अनुमति किसी भी तरह का धरना, प्रदर्शन, जुलूस या सभा नहीं की जा सकती है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट
2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित है। प्रदर्शन के आयोजकों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), राज्यसभा सांसद मनोज झा और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण शामिल हैं।
प्रदर्शन सुबह 11 बजे शुरू होने का कार्यक्रम बताया गया है। पुलिस ने प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन में करीब 3 से 4 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई थी। इसी वजह से जंतर-मंतर सहित नई दिल्ली के कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल लगाया गया है।
नई दिल्ली में धारा 163 के तहत क्या रोक है?
नई दिल्ली जिले में लागू BNSS की धारा 163 के तहत कई गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। बिना पूर्व लिखित अनुमति के पांच या उससे ज्यादा लोगों का सार्वजनिक रूप से जमा होना प्रतिबंधित है।
इसके अलावा जुलूस, प्रदर्शन, धरना और नारेबाजी पर भी रोक है। बिना अनुमति भाषण देने और सार्वजनिक सभा करने की अनुमति नहीं होगी।
पुलिस के आदेश में बैनर, पोस्टर, तख्तियां, लाठी, डंडे, तलवार और ईंट-पत्थर जैसी वस्तुएं लेकर चलने पर भी रोक बताई गई है। आदेश का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
जंतर-मंतर और आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई
प्रस्तावित जंतर-मंतर प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था की है। जंतर-मंतर के अलावा नई दिल्ली जिले के दूसरे महत्वपूर्ण स्थानों पर भी जवानों की तैनाती बढ़ाई गई है।
दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान भी तैनात किए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए हैं। प्रवेश और निकास वाले रास्तों पर भी अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस का उद्देश्य किसी भी अनधिकृत भीड़ को नियंत्रित करना और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना है। साथ ही यातायात को सामान्य रखने के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है।
11 मेट्रो स्टेशनों पर भी असर
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों के प्रवेश और निकास पर रोक लगाई गई है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहने की जानकारी दी गई है।
हालांकि कुछ प्रमुख स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध रहेगी। इनमें राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय शामिल हैं।
प्रभावित स्टेशनों में जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली शामिल हैं।
इन इलाकों में ट्रैफिक पर भी पाबंदी
जंतर-मंतर प्रदर्शन के कारण मध्य दिल्ली के कई प्रमुख रास्तों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
कनॉट प्लेस, पटेल चौक, जीपीओ, टॉल्सटॉय मार्ग, जंतर-मंतर रोड और संसद मार्ग के आसपास यातायात को नियंत्रित या डायवर्ट किया जा सकता है। पुलिस ने लोगों से इन रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी है।
जंतर-मंतर रोड पर भी जरूरत के अनुसार यातायात को डायवर्ट किया जाएगा। ऐसे में नई दिल्ली जाने वाले लोगों को यात्रा से पहले वैकल्पिक रास्तों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
प्रदर्शन की वजह क्या है?
प्रदर्शन के आयोजकों ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कई सवाल उठाए हैं। आयोजकों की ओर से मतदाता सूचियों और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध जताने की बात कही गई है।
प्रदर्शन से जुड़े संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे या उनके खिलाफ महाभियोग की मांग भी उठाई है। ये आयोजकों के आरोप और मांगें हैं, जिन पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाओं को अलग-अलग देखना जरूरी है।
वहीं, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी है। पुलिस ने नागरिकों से लागू आदेशों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
पुलिस ने लोगों से क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू है। इसलिए बिना अनुमति किसी भी तरह का अनधिकृत धरना, विरोध प्रदर्शन या रैली नहीं की जा सकती।
पुलिस ने नागरिकों और आगंतुकों से प्रतिबंधित गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक, आदेश का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखना है।
पुलिस के मुताबिक, आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है। इसलिए जंतर-मंतर और आसपास जाने वाले लोगों को प्रशासन की एडवाइजरी का ध्यान रखना जरूरी है।
आम लोगों के लिए क्या बदलेगा?
नई दिल्ली आने वाले लोगों को आज जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा जांच का सामना करना पड़ सकता है। बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन के कारण सामान्य यात्रा समय भी बढ़ सकता है।
मेट्रो से यात्रा करने वालों को भी प्रभावित स्टेशनों की स्थिति पहले जांचनी चाहिए। इंटरचेंज सुविधा वाले स्टेशनों का इस्तेमाल करते समय यात्रियों को अतिरिक्त समय रखने की सलाह दी गई है।
वहीं, यदि किसी व्यक्ति को इन इलाकों में जरूरी काम है, तो उसे वैकल्पिक मार्ग और सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता को ध्यान में रखकर यात्रा करनी चाहिए। इससे ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था के कारण होने वाली परेशानी कम हो सकती है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल नई दिल्ली जिले में धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू हैं। पुलिस की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
ऐसे में जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी। पुलिस और अर्धसैनिक बल संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखेंगे। यातायात पुलिस भी स्थिति के अनुसार मार्गों में बदलाव कर सकती है।
प्रदर्शन से जुड़ी गतिविधियों और प्रशासन के अगले आदेशों के आधार पर आगे की स्थिति बदल सकती है। इसलिए लोगों के लिए दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देना महत्वपूर्ण रहेगा।
निष्कर्ष
जंतर-मंतर प्रदर्शन के ऐलान के बाद नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। BNSS की धारा 163 के तहत बिना लिखित अनुमति पांच या उससे ज्यादा लोगों के जमावड़े, प्रदर्शन और धरने पर रोक है।
इसके अलावा कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास और प्रमुख सड़कों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। ऐसे में नई दिल्ली जाने वाले लोगों को ट्रैफिक और सुरक्षा संबंधी ताजा निर्देश देखकर ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए।

