पप्पू यादव के प्रदर्शन पर गरमाई सियासत, अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर साधा निशाना
दिल्ली में सांसद पप्पू यादव के प्रदर्शन के बाद राजनीतिक माहौल और तेज हो गया है। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम बातें कहीं। उन्होंने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नीतियों पर सवाल उठाए। साथ ही महिलाओं को आर्थिक सहायता, इथेनॉल नीति और अन्य मुद्दों पर भी अपनी पार्टी का पक्ष रखा।
पप्पू यादव के प्रदर्शन और धार्मिक मुद्दे पर सरकार से पूछा सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल ने सांसद पप्पू यादव के संसद परिसर में किए गए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि इस पूरे मामले पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि जब मंदिर से भगवान का मुकुट और अन्य कीमती सामान चोरी हो गया, तब क्या लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत नहीं हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करती है।
केजरीवाल ने कहा कि भाजपा खुद को हिंदुओं की पार्टी बताती है, लेकिन वास्तव में उसका उद्देश्य केवल हिंदू समाज के वोट हासिल करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सरकार को लोगों की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
इस बीच सांसद पप्पू यादव से जुड़े मामले में भी जांच आगे बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, उनके खिलाफ हुए हमले के मामले में पुलिस ने चार गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है और जांच जारी है।
महिलाओं को सहायता राशि और इथेनॉल नीति पर उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने की योजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना में इतनी अधिक शर्तें रखी गई हैं कि अधिकांश महिलाओं को इसका लाभ ही नहीं मिल पाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तय किए गए नियमों के कारण सात में से केवल एक महिला ही इस योजना का लाभ ले सकेगी। उनका दावा था कि इस तरह की शर्तों का उद्देश्य केवल कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाना है, जबकि बाकी महिलाओं को योजना से बाहर रखा जाएगा।
उन्होंने पंजाब सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां महिलाओं को सहायता देने के लिए किसी तरह की अतिरिक्त शर्त नहीं रखी गई। यदि किसी परिवार में चार महिलाएं हैं तो चारों को योजना का लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि वहां किसी महिला के साथ जाति, धर्म, आर्थिक स्थिति या किसी अन्य आधार पर भेदभाव नहीं किया गया।
इसी दौरान केजरीवाल ने केंद्र सरकार की इथेनॉल (E-20) नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस नीति के कारण कई लोगों की गाड़ियों में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। उनका आरोप था कि सरकार लोगों पर जबरन इस नीति को लागू कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला बाहरी दबाव में लिया गया है और सरकार को आम लोगों की परेशानियों पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार, इस विषय पर आयोजित उनकी पार्टी का टाउनहॉल कार्यक्रम सफल रहा और लोगों ने अपनी चिंताएं खुलकर सामने रखीं।
पीएम आवास तक जाएंगे केजरीवाल, ऑनलाइन याचिका का किया जिक्र
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि उनकी पार्टी ने कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री के नाम एक ऑनलाइन याचिका शुरू की थी। उन्होंने कहा कि बहुत कम समय में करीब 2 लाख 33 हजार से अधिक लोगों ने इस याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं।
उन्होंने घोषणा की कि मंगलवार दोपहर 12 बजे वह अपने कार्यालय से लगभग 100 लोगों के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर जाएंगे। उनका उद्देश्य प्रधानमंत्री को यह याचिका सौंपना और इथेनॉल नीति से जुड़ी कमियों पर चर्चा करना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने एक युवती के उस मामले का भी जिक्र किया, जिसने प्रधानमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। केजरीवाल ने दावा किया कि उस युवती पर दबाव बनाया गया और उसे डराकर माफी मंगवाई गई। उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में उसे माफ कर दिया गया था, तो फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की जरूरत क्यों पड़ी।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल के आंदोलनों के बाद लोगों के मन से डर कम हो रहा है और अब कई लोग खुलकर अपनी राय रख रहे हैं। उनके अनुसार, लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को अपनी आवाज उठाने से डरना नहीं चाहिए।
इस तरह प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने कई राजनीतिक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। वहीं आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री आवास तक प्रस्तावित मार्च और इथेनॉल नीति को लेकर होने वाली गतिविधियों पर सभी की नजर बनी रहेगी।

