बेंगलुरु में Zepto वेयरहाउस पर फूड सेफ्टी विभाग की छापेमारी, कचरा और खुले पैकेट मिलने से हड़कंप
बेंगलुरु में क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto के एक वेयरहाउस पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है। बेंगलुरु ग्रामीण जिले के होस्कोटे तालुक में स्थित Zepto से जुड़े एक वेयरहाउस की जांच के दौरान अधिकारियों को खाद्य पदार्थों के रखरखाव और स्टोरेज में कई खामियां मिलीं। निरीक्षण के दौरान फर्श पर कचरा, इधर-उधर पड़े खाद्य पैकेट, खुले पैकेट और अन्य सामान अव्यवस्थित हालत में मिलने की जानकारी सामने आई है।
कर्नाटक के Food Safety and Drug Administration Department ने मंगलवार को विशेष अभियान के तहत इस वेयरहाउस का निरीक्षण किया था। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान केवल साफ-सफाई से जुड़ी समस्याएं ही नहीं, बल्कि खाद्य उत्पादों की लेबलिंग और ब्रांडिंग से जुड़े नियमों के उल्लंघन की भी जानकारी सामने आई। कार्रवाई के बाद वेयरहाउस को सील कर दिया गया और आगे कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई।
होस्कोटे स्थित Zepto वेयरहाउस में क्या मिला
फूड सेफ्टी अधिकारियों की जांच के दौरान वेयरहाउस के अंदर खाद्य सामग्री के रखरखाव को लेकर कई सवाल उठे। निरीक्षण में फर्श पर कचरा और इस्तेमाल के बाद छोड़े गए रैपर तथा अन्य सामान दिखाई दिए। कुछ खाद्य पैकेट और बोतलें भी व्यवस्थित तरीके से स्टोर नहीं की गई थीं।
अधिकारियों ने दूध से जुड़े उत्पादों और अन्य खाद्य सामग्री के स्टोरेज की स्थिति का भी निरीक्षण किया। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि ग्राहकों तक पहुंचने वाले खाद्य उत्पादों को निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार रखा और संभाला जा रहा है या नहीं।
खुले पैकेट और बिखरा सामान बना चिंता का कारण
वेयरहाउस में खुले पैकेट और बिखरा हुआ सामान मिलने से खाद्य पदार्थों की स्वच्छता को लेकर सवाल उठे। खाद्य उत्पादों को ऐसी जगह और परिस्थितियों में रखना जरूरी होता है, जहां वे धूल, गंदगी और संभावित दूषण से सुरक्षित रहें।
फूड सेफ्टी अधिकारियों की कार्रवाई इसी बात की जांच का हिस्सा थी कि वेयरहाउस में खाद्य पदार्थों के स्टोरेज और हैंडलिंग के दौरान जरूरी सावधानियों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
लेबलिंग और मिसब्रांडिंग में भी सामने आई खामियां
जांच के दौरान अधिकारियों को खाद्य उत्पादों की लेबलिंग और मिसब्रांडिंग से जुड़ी अनियमितताएं भी मिलीं। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ उत्पादों पर जरूरी जानकारी निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं थी। इन खामियों को खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के तौर पर देखा गया।
खाद्य उत्पादों पर सही लेबलिंग उपभोक्ताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। पैकेट पर उत्पाद से संबंधित आवश्यक जानकारी, सामग्री, तारीख और अन्य जरूरी विवरण स्पष्ट होना चाहिए, ताकि ग्राहक खरीदारी से पहले सही जानकारी हासिल कर सके।
गलत जानकारी से उपभोक्ताओं को हो सकती है परेशानी
खाद्य उत्पाद की पैकेजिंग और लेबल पर गलत या अधूरी जानकारी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी पैदा कर सकती है। खासकर ऐसे उत्पादों में जिन्हें विशेष तापमान पर रखना जरूरी होता है या जिनकी उपयोग अवधि सीमित होती है, सही जानकारी और स्टोरेज बेहद महत्वपूर्ण है।
इसी वजह से खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर दुकानों, होटल, रेस्तरां, गोदाम और क्विक कॉमर्स वेयरहाउस की जांच करता है।
फूड सेफ्टी विभाग ने वेयरहाउस किया सील
निरीक्षण के बाद संबंधित Zepto वेयरहाउस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने इसे सील कर दिया। साथ ही सुविधा संचालक को नोटिस जारी किए जाने और आगे कानूनी कार्रवाई के लिए मामला संबंधित अधिकारी के सामने रखने की सिफारिश की गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, यह वेयरहाउस Nippon Express द्वारा संचालित किया जा रहा था और होस्कोटे तालुक में स्थित है। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई सीधे तौर पर वहां पाए गए कथित खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों और संचालन की स्थितियों से जुड़ी है।
क्विक कॉमर्स कंपनियों पर बढ़ी निगरानी
बेंगलुरु में Zepto वेयरहाउस पर कार्रवाई को क्विक कॉमर्स सेक्टर में खाद्य सुरक्षा को लेकर बढ़ती निगरानी के बीच देखा जा रहा है। कुछ ही समय में ग्राहकों तक किराना और खाद्य सामग्री पहुंचाने वाली कंपनियों के लिए उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षित स्टोरेज बड़ी चुनौती बन गई है।
क्विक कॉमर्स मॉडल में सामान को ग्राहकों के करीब स्थित छोटे वेयरहाउस या डार्क स्टोर में रखा जाता है। वहां से ऑर्डर मिलने के बाद उत्पाद तेजी से पैक होकर डिलीवरी के लिए भेजे जाते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में खाद्य पदार्थों की स्वच्छता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
तेजी से डिलीवरी के साथ गुणवत्ता भी जरूरी
क्विक कॉमर्स का मुख्य आकर्षण कम समय में डिलीवरी है। लेकिन खाद्य पदार्थों के मामले में सिर्फ तेजी पर्याप्त नहीं है। उत्पाद की गुणवत्ता, तापमान, एक्सपायरी, पैकेजिंग और स्वच्छ स्टोरेज भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन न होने पर ग्राहक के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। इसलिए वेयरहाउस और डार्क स्टोर में नियमित सफाई तथा खाद्य सामग्री की निगरानी जरूरी मानी जाती है।
पहले भी क्विक कॉमर्स वेयरहाउस जांच के घेरे में आए
क्विक कॉमर्स कंपनियों के स्टोरेज को लेकर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की निगरानी पहले भी सामने आती रही है। FSSAI के एक आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, 2025 में महाराष्ट्र में Zepto और Blinkit के कुछ डार्क स्टोर पर कार्रवाई के दौरान खाद्य पदार्थों की स्टोरेज और स्वच्छता से जुड़ी कई कमियां सामने आई थीं। इनमें फर्श पर खाद्य सामग्री रखना, खराब तापमान नियंत्रण और एक्सपायर्ड सामान से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं।
FSSAI ने क्विक कॉमर्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने पर भी जोर दिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऑनलाइन ऑर्डर किए जाने वाले खाद्य उत्पाद भी उसी तरह सुरक्षित रहें जैसे किसी सामान्य रिटेल स्टोर से खरीदे जाने वाले उत्पाद।
खाद्य पदार्थों के स्टोरेज में स्वच्छता क्यों जरूरी
खाद्य पदार्थों को गलत तरीके से रखने पर उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। खुले पैकेट, धूल, गंदा फर्श या अनुचित तापमान खाद्य सामग्री को दूषित करने का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
खासकर दूध, डेयरी उत्पाद, फल, सब्जियां और अन्य जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं के लिए उचित तापमान और साफ वातावरण जरूरी होता है। वेयरहाउस में ऐसी वस्तुओं की नियमित जांच और सही तरीके से स्टोरेज किया जाना महत्वपूर्ण है।
एक्सपायरी और पैकेजिंग की जांच भी जरूरी
वेयरहाउस में मौजूद खाद्य उत्पादों की एक्सपायरी और पैकेजिंग की स्थिति की नियमित जांच की जानी चाहिए। क्षतिग्रस्त पैकेट या संदिग्ध स्थिति वाले उत्पादों को सामान्य स्टॉक से अलग रखना जरूरी होता है।
ऑनलाइन ग्राहक अक्सर उत्पाद को खुद देखकर नहीं खरीदते। इसलिए उनके लिए प्लेटफॉर्म और वेयरहाउस की गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था पर भरोसा करना पड़ता है।
कार्रवाई के बाद अब आगे क्या होगा
वेयरहाउस सील किए जाने के बाद संबंधित विभाग आगे की कानूनी प्रक्रिया पर काम करेगा। अधिकारियों की जांच में सामने आई कमियों के आधार पर संबंधित पक्ष को जवाब देना होगा और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
यह भी महत्वपूर्ण है कि केवल वेयरहाउस सील करना ही अंतिम कदम नहीं है। खाद्य सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाना और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करना भी जरूरी होगा।
ग्राहकों के लिए क्या मायने रखता है
इस कार्रवाई के बाद क्विक कॉमर्स से खाद्य सामग्री खरीदने वाले ग्राहकों के बीच भी सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, किसी एक वेयरहाउस में सामने आई कमियों को पूरी कंपनी के सभी स्टोर या सभी उत्पादों पर लागू नहीं किया जा सकता।
ग्राहकों को खाद्य सामग्री खरीदते समय पैकेज की सील, एक्सपायरी डेट, पैकेजिंग की स्थिति और उत्पाद की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। यदि किसी उत्पाद का पैकेट खुला, फूला हुआ या संदिग्ध स्थिति में मिले, तो उसे इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है।
बेंगलुरु में फूड सेफ्टी अभियान तेज
Zepto वेयरहाउस पर कार्रवाई बेंगलुरु में चल रहे व्यापक खाद्य सुरक्षा अभियान का हिस्सा है। रिपोर्टों के अनुसार, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने शहर में होटल, रेस्तरां और अन्य खाद्य कारोबारों की भी जांच की और कई जगहों पर स्वच्छता तथा स्टोरेज से जुड़ी कमियां पाईं।
इस अभियान से साफ है कि खाद्य सुरक्षा विभाग अब केवल पारंपरिक होटल और रेस्तरां तक सीमित नहीं रहना चाहता। ऑनलाइन और क्विक कॉमर्स के जरिए खाद्य पदार्थों की बिक्री और स्टोरेज करने वाली सुविधाएं भी निगरानी के दायरे में हैं।
Zepto वेयरहाउस मामले ने खड़े किए अहम सवाल
बेंगलुरु के होस्कोटे में Zepto से जुड़े वेयरहाउस पर हुई कार्रवाई ने क्विक कॉमर्स सेक्टर में खाद्य सुरक्षा और स्टोरेज व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं। फूड सेफ्टी विभाग को निरीक्षण के दौरान गंदगी, खुले पैकेट, अव्यवस्थित स्टोरेज और लेबलिंग से जुड़ी कथित खामियां मिलीं, जिसके बाद वेयरहाउस सील कर दिया गया।
अब आगे की कानूनी प्रक्रिया और कंपनी की ओर से सुधारात्मक कदम महत्वपूर्ण होंगे। इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ मिनटों में सामान पहुंचाने वाले क्विक कॉमर्स मॉडल में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन उतना ही जरूरी है जितना तेज डिलीवरी। उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री सुनिश्चित करने के लिए वेयरहाउस स्तर पर सख्त निगरानी और नियमित जांच जरूरी रहेगी।

