पीएम मोदी पहुंचे किर्गिस्तान, बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री का यह दौरा शंघाई सहयोग संगठन यानी (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए है। बिश्केक पहुंचने पर किर्गिस्तान के कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन अदिलबेक कासिमालियेव ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।
किर्गिस्तान की अध्यक्षता में हो रहे इस सम्मेलन में SCO के सदस्य देशों के नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। भारत की ओर से प्रधानमंत्री मोदी सम्मेलन में भारत की प्राथमिकताओं और क्षेत्रीय सहयोग को लेकर अपना पक्ष रखेंगे।
बिश्केक पहुंचने पर पीएम मोदी का हुआ स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को बिश्केक पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के दौरान पारंपरिक किर्गिज सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर भारतीय समुदाय में भी उत्साह देखने को मिला।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में SCO शिखर सम्मेलन के अलावा कई अन्य गतिविधियां भी शामिल हैं। वह SCO नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें भी कर सकते हैं और भारत-किर्गिस्तान संबंधों से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
SCO शिखर सम्मेलन में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
SCO शिखर सम्मेलन क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, कनेक्टिविटी और सदस्य देशों के बीच सहयोग जैसे मुद्दों पर केंद्रित है।
भारत SCO को क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच मानता है। प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान रवाना होने से पहले भी कहा था कि वह क्षेत्र के लिए भारत की सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर से जुड़ी सोच को आगे बढ़ाने को लेकर उत्साहित हैं।
सम्मेलन में सदस्य देश क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों पर विचार-विमर्श के साथ-साथ आपसी सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे।
पीएम मोदी की कई SCO नेताओं से हो सकती है मुलाकात
बिश्केक दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की SCO सदस्य देशों के नेताओं के साथ कई द्विपक्षीय मुलाकातें होने की उम्मीद है। इन बैठकों में भारत के द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दे उठ सकते हैं।
भारत और चीन के संबंधों को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की SCO सम्मेलन में मौजूदगी भी खास मानी जा रही है। हालांकि, मौजूदा रिपोर्टों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच औपचारिक द्विपक्षीय बैठक की संभावना नहीं है।
किर्गिस्तान दौरे का क्या है महत्व?
किर्गिस्तान मध्य एशिया का एक महत्वपूर्ण देश है और भारत के साथ उसके लंबे समय से राजनयिक संबंध हैं। SCO के माध्यम से भारत मध्य एशियाई देशों के साथ सुरक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने पर जोर देता रहा है।
इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी SCO के मंच से भारत की क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सामने रखेंगे। इसके साथ ही दूसरे सदस्य देशों के नेताओं के साथ मुलाकातों के जरिए द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने का मौका भी मिलेगा।
भारत SCO का पूर्ण सदस्य 2017 में बना था। इसके बाद से भारत संगठन की विभिन्न बैठकों और सहयोग के क्षेत्रों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेता रहा है। आधिकारिक भारतीय रिकॉर्ड के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने 2018 से 2023 तक कई SCO शिखर सम्मेलनों में हिस्सा लिया, जबकि 2024 के अस्ताना सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया था।
SCO में कितने देश शामिल हैं?
SCO एक प्रमुख क्षेत्रीय संगठन है, जिसमें भारत और चीन समेत कई देश शामिल हैं। मौजूदा SCO व्यवस्था में 10 सदस्य देश, 15 पार्टनर देश और 2 ऑब्जर्वर देश शामिल हैं। संगठन का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है।
पीएम मोदी आज किन कार्यक्रमों में होंगे शामिल?
बिश्केक पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का कई कार्यक्रमों में शामिल होने का कार्यक्रम है। वह भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात करेंगे और महात्मा गांधी मेमोरियल पार्क जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी देंगे। इसके अलावा SCO नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों का भी कार्यक्रम है।
प्रधानमंत्री SCO Summit को भी संबोधित करेंगे, जहां भारत की क्षेत्रीय और वैश्विक प्राथमिकताओं को सामने रखने की उम्मीद है।
भारत के लिए क्यों अहम है SCO शिखर सम्मेलन?
भारत के लिए SCO मध्य एशिया और यूरेशिया के साथ जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण मंच है। संगठन के माध्यम से भारत आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों के साथ-साथ आर्थिक सहयोग और कनेक्टिविटी पर भी दूसरे देशों के साथ बातचीत करता है।
बिश्केक में होने वाला यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब एशिया में भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में भारत के लिए SCO के मंच पर अपनी स्वतंत्र विदेश नीति और क्षेत्रीय हितों को सामने रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे क्या होगा?
प्रधानमंत्री मोदी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान विभिन्न नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। सम्मेलन के दौरान होने वाली चर्चाओं और द्विपक्षीय बैठकों से भारत के मध्य एशिया और अन्य SCO सदस्य देशों के साथ संबंधों को लेकर आगे की दिशा पर भी नजर रहेगी।
फिलहाल पूरी नजर प्रधानमंत्री मोदी के SCO संबोधन और सम्मेलन के दौरान होने वाली महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों पर है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान के बिश्केक पहुंच चुके हैं। दो दिवसीय दौरे के दौरान वह SCO Summit में हिस्सा लेने के साथ कई सदस्य देशों के नेताओं से मुलाकात करेंगे।
भारत के लिए यह दौरा केवल SCO बैठक तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्य एशिया के साथ संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में सम्मेलन में लिए जाने वाले फैसलों और प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय बैठकों पर सभी की नजर रहेगी।

