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UP: ‘सनातन की आस्था को कोई मिटा नहीं पाया’, मथुरा में बोले CM योगी आदित्यनाथ

न्यूज़ क्रिटिक: मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि के पास मंच से सनातन संस्कृति और आस्था पर भाषण देते यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को दर्शाता समाचार पोस्टर।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने श्रद्धालुओं और ब्रजवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सनातन आस्था, भारत की सांस्कृतिक विरासत और मथुरा के विकास को लेकर कई अहम बातें कहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत पर कई बार आक्रमण हुए। अलग-अलग ताकतों ने अपनी आस्था थोपने की कोशिश की। लेकिन सनातन की आस्था को कोई मिटा नहीं पाया। उन्होंने कहा कि ऐसा करने की कोशिश करने वाले खुद मिट्टी में मिल गए।

जन्माष्टमी पर मथुरा पहुंचे सीएम योगी

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा और वृंदावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए ब्रज पहुंचे। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मथुरा पहुंचे।

सीएम योगी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और जन्माष्टमी समारोह में हिस्सा लिया। मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने ब्रजवासियों और श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मथुरा केवल एक धार्मिक स्थान नहीं है। यह भारत की आस्था और सांस्कृतिक चेतना का भी बड़ा केंद्र है।

‘सनातन की आस्था को कोई मिटा नहीं पाया’

अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने भारत के लंबे इतिहास का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश ने कई आक्रमण देखे हैं। कई लोगों ने भारत पर अपनी आस्था थोपने का प्रयास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सबके बावजूद सनातन की आस्था बनी रही। उन्होंने कहा कि इसे मिटाने का प्रयास करने वाले खुद इतिहास में खो गए, लेकिन सनातन परंपरा आज भी जीवंत है।

योगी ने भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब 5,200 वर्ष पहले श्रीकृष्ण ने धर्म, सत्य और न्याय की बात कही थी। आज भी उनकी शिक्षाएं समाज के लिए प्रासंगिक हैं।

बाबर और औरंगजेब का भी किया जिक्र

सीएम योगी ने अपने भाषण में ऐतिहासिक आक्रमणों का जिक्र करते हुए बाबर और औरंगजेब का नाम भी लिया। उन्होंने कहा कि मंदिरों पर हमले किए गए, लेकिन लोगों की आस्था खत्म नहीं हुई।

उन्होंने अयोध्या और काशी का उदाहरण भी दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, अयोध्या में राम मंदिर और काशी में विश्वनाथ धाम का विकास इस बात का उदाहरण है कि आस्था लंबे समय तक बनी रहती है।

योगी ने कहा कि जिन लोगों को लगता था कि उनकी सत्ता हमेशा रहेगी, वे आज इतिहास का हिस्सा हैं। वहीं धार्मिक परंपराएं आज भी लाखों लोगों को जोड़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि मथुरा में श्रीकृष्ण और राधारानी की स्मृति आज भी लोगों के जीवन का हिस्सा है। जन्माष्टमी, होली और गोवर्धन पूजा जैसे पर्व ब्रज की संस्कृति को जीवंत रखते हैं।

मथुरा-वृंदावन में अयोध्या-काशी जैसा विकास

मुख्यमंत्री ने मथुरा और वृंदावन के विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ब्रज क्षेत्र को बेहतर सुविधाएं देने पर सरकार काम कर रही है।

योगी आदित्यनाथ ने मथुरा-वृंदावन में अयोध्या और काशी की तरह भव्य मंदिर परिसर विकसित करने की बात कही। उनका कहना था कि विकास के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

सरकार का लक्ष्य धार्मिक स्थलों के साथ सड़क, यातायात और दूसरी सुविधाओं को बेहतर करना है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विरासत और विकास एक साथ आगे बढ़ सकते हैं। उनके अनुसार, धार्मिक स्थलों का विकास पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।

1,051 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का ऐलान

योगी आदित्यनाथ के मथुरा दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं पर भी बड़ा फोकस रहा। मुख्यमंत्री ने कुल 229 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत करीब 1,051 करोड़ रुपये बताई गई है।

इनमें 62 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। इनकी लागत 540 करोड़ रुपये से अधिक है। वहीं 167 परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ। इनकी लागत 437 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

इस दौरान लाभार्थियों के खातों में 72 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी भेजी गई। मुख्यमंत्री ने इसे ब्रज क्षेत्र के विकास और जनकल्याण से जोड़कर देखा।

स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का भी लोकार्पण

मथुरा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का भी लोकार्पण किया। यह गीता शोध संस्थान और रासलीला अकादमी से जुड़ा परिसर है।

स्वामी हरिदास भारतीय संगीत और भक्ति परंपरा के प्रमुख संतों में गिने जाते हैं। मुख्यमंत्री ने उनके योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने संगीत को भक्ति से जोड़ा था।

सीएम ने कहा कि स्वामी हरिदास की परंपरा आज भी भारतीय संगीत में दिखाई देती है। उन्होंने तानसेन से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भ का भी उल्लेख किया।

विरासत को विकास से जोड़ने पर जोर

योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में विरासत को केवल मंदिरों तक सीमित नहीं माना। उन्होंने कहा कि भाषा, साहित्य, संगीत, कला, दर्शन, विज्ञान और लोक परंपराएं भी देश की विरासत का हिस्सा हैं।

उनके अनुसार, किसी देश के विकास के लिए अपनी जड़ों से जुड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं के साथ सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रज क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर सड़क और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल सकते हैं।

सुरक्षा और कानून व्यवस्था का भी जिक्र

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कानून व्यवस्था को भी विकास से जोड़ा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु और पर्यटक तभी किसी स्थान पर आएंगे, जब उन्हें सुरक्षा का भरोसा होगा।

उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में धार्मिक आयोजनों के दौरान अब पहले से बेहतर व्यवस्थाएं हैं। उनके अनुसार, राज्य में बड़े धार्मिक आयोजन सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं के साथ किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं को बिना डर घर से बाहर निकलने का भरोसा तभी मिलता है, जब प्रशासन पर उनका विश्वास हो। उन्होंने कानून व्यवस्था को विकास की पहली शर्त बताया।

विपक्ष पर भी साधा निशाना

मथुरा के मंच से योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को मंदिरों और भव्य धार्मिक स्थलों का विकास पसंद नहीं आता। ऐसे लोग इन परियोजनाओं को लेकर सवाल उठाते हैं।

मुख्यमंत्री ने अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि राम मंदिर बनने के बाद शहर का विकास भी तेज हुआ है। उन्होंने कहा कि इसी तरह मथुरा और वृंदावन में भी विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

उनका कहना था कि आस्था और विकास को एक-दूसरे के खिलाफ नहीं देखा जाना चाहिए। दोनों साथ चल सकते हैं।

कृष्ण की शिक्षाओं का किया उल्लेख

योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को वर्तमान समय से जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने धर्म और न्याय की स्थापना का संदेश दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज और देश की एकता सबसे जरूरी है। जो ताकतें देश की एकता और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगी, उन्हें कानून के अनुसार जवाब दिया जाएगा।

उन्होंने युवाओं और समाज के दूसरे वर्गों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का संदेश दिया।

ब्रज में बढ़ रहा धार्मिक पर्यटन

मथुरा, वृंदावन, बरसाना और गोवर्धन पहले से ही बड़े धार्मिक केंद्र हैं। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

सरकार अब इन क्षेत्रों में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दे रही है। बेहतर सड़क, सुरक्षा, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था से धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा मिल सकता है।

सीएम योगी ने कहा कि ब्रज की पहचान को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में है। उन्होंने विरासत के साथ आधुनिक विकास को जोड़ने की बात कही।

जन्माष्टमी पर योगी के बयान का संदेश

मथुरा में दिया गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भाषण धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के मुद्दे पर केंद्रित रहा। उन्होंने सनातन परंपरा को भारत की पहचान से जोड़ा।

उन्होंने कहा कि इतिहास में कई चुनौतियां आईं, लेकिन आस्था और परंपरा खत्म नहीं हुई। उनके भाषण में अयोध्या, काशी और मथुरा को एक बड़े सांस्कृतिक विकास मॉडल के रूप में पेश किया गया।

साथ ही उन्होंने साफ संकेत दिया कि उनकी सरकार ब्रज क्षेत्र के विकास और धार्मिक पर्यटन को आगे बढ़ाने पर जोर देती रहेगी।

निष्कर्ष

जन्माष्टमी के मौके पर योगी आदित्यनाथ मथुरा पहुंचे और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत पर अनेक आक्रमण हुए, लेकिन सनातन की आस्था को कोई मिटा नहीं पाया। उन्होंने कहा कि आस्था खत्म करने की कोशिश करने वाले खुद इतिहास में खो गए।

मुख्यमंत्री ने मथुरा-वृंदावन के विकास को भी बड़ा मुद्दा बनाया। उन्होंने अयोध्या और काशी की तर्ज पर ब्रज क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं और भव्य धार्मिक परिसर विकसित करने की बात कही। इसी दौरान 1,051 करोड़ रुपये की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।

मथुरा से योगी का संदेश साफ रहा। उनके अनुसार, धार्मिक विरासत का संरक्षण और आधुनिक विकास साथ-साथ चलना चाहिए। यही मॉडल ब्रज क्षेत्र को आने वाले समय में और बड़ा धार्मिक तथा पर्यटन केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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