बेंगलुरु में सजेगा तैराकी का महाकुंभ, 4 अक्टूबर से शुरू होगी एशियन मास्टर्स तैराकी चैंपियनशिप
बेंगलुरु में 4 अक्टूबर से एशियन मास्टर्स तैराकी चैंपियनशिप का आगाज होने जा रहा है। यह प्रतियोगिता 10 अक्टूबर तक चलेगी। इसमें 25 से 80 साल से अधिक उम्र के तैराक हिस्सा लेंगे।
दूसरी एशियन मास्टर्स तैराकी चैंपियनशिप का आयोजन बेंगलुरु के सेंटर फॉर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस में होगा। प्रतियोगिता में एशिया, ओशिनिया और मध्य पूर्व के 53 देशों के तैराक शामिल होंगे।
एशियन मास्टर्स तैराकी चैंपियनशिप 4 अक्टूबर से शुरू
आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता 4 अक्टूबर को सुबह 9 बजे शुरू होगी। इसका आयोजन सात दिनों तक किया जाएगा। प्रतियोगिता का समापन 10 अक्टूबर को होगा।
पहले दिन तैराकों के लिए 100 मीटर फ्रीस्टाइल और 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक जैसे मुकाबले रखे गए हैं। पूरे सप्ताह अलग-अलग तैराकी स्पर्धाएं आयोजित होंगी।
यह चैंपियनशिप मास्टर्स तैराकों के लिए खास मंच है। इसमें उम्र के आधार पर अलग-अलग वर्ग बनाए गए हैं। इससे अलग उम्र के खिलाड़ियों को अपनी श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।
53 देशों के तैराक दिखाएंगे अपनी प्रतिभा
इस बार प्रतियोगिता में 53 देशों के तैराकों के शामिल होने की जानकारी आयोजकों ने दी है। इसमें भारत के अलावा एशिया और दूसरे क्षेत्रों के खिलाड़ी भी हिस्सा लेंगे।
मास्टर्स तैराकी में खिलाड़ियों की उम्र को पांच-पांच साल के वर्गों में बांटा गया है। इसमें 25-29 साल से लेकर 80 साल और उससे अधिक उम्र तक के वर्ग शामिल हैं।
इस व्यवस्था से प्रतियोगिता में उम्र के अलग-अलग पड़ाव पर खेल रहे तैराकों को बराबरी के वर्ग में मुकाबला करने का मौका मिलता है। यही वजह है कि यह चैंपियनशिप सिर्फ पदक जीतने तक सीमित नहीं रहती।
चारों प्रमुख तैराकी शैलियों में होंगे मुकाबले
एशियन मास्टर्स तैराकी चैंपियनशिप में चार प्रमुख तैराकी शैलियों को शामिल किया गया है। इनमें फ्रीस्टाइल, बैकस्ट्रोक, ब्रेस्टस्ट्रोक और बटरफ्लाई शामिल हैं।
इसके साथ ही इंडिविजुअल मेडले और रिले मुकाबले भी होंगे। आयोजकों के कार्यक्रम में 15 व्यक्तिगत स्पर्धाओं और चार रिले स्पर्धाओं का उल्लेख है।
प्रतियोगिता का कार्यक्रम सात दिनों में बांटा गया है। इससे अलग-अलग आयु वर्गों के तैराकों को अपनी स्पर्धाओं में हिस्सा लेने का पर्याप्त समय मिलेगा।
बेंगलुरु में तैयार है आधुनिक तैराकी सुविधा
चैंपियनशिप का आयोजन सेंटर फॉर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस के डॉल्फिन एक्वाटिक्स में किया जाएगा। यहां 50 मीटर लंबा और 10 लेन वाला प्रतियोगिता पूल मौजूद है।
इसके अलावा तैराकों के अभ्यास के लिए 25 मीटर के वार्म-अप पूल की सुविधा भी है। प्रतियोगिता में इलेक्ट्रॉनिक टाइमिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। दर्शकों के लिए करीब 1,500 सीटों की व्यवस्था भी बताई गई है।
इस तरह आयोजन स्थल को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयार किया गया है। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दौरान अभ्यास और मुख्य मुकाबलों के लिए अलग सुविधाएं मिलेंगी।
भारत के मास्टर्स तैराकों के लिए बड़ा मंच
भारत के कई मास्टर्स तैराकों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन के आधार पर इस चैंपियनशिप के लिए जगह बनाई है। सितंबर में हरियाणा के बहादुरगढ़ में 22वीं राष्ट्रीय मास्टर्स तैराकी चैंपियनशिप आयोजित हुई थी।
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर से 1,300 से अधिक तैराकों ने हिस्सा लिया था। इसी प्रतियोगिता को भारतीय मास्टर्स टीम के चयन के लिए महत्वपूर्ण आधार बनाया गया।
कई राज्यों के तैराकों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदर्शन करके बेंगलुरु के लिए क्वालीफाई किया। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों के अनुभवी तैराकों को अंतरराष्ट्रीय मंच मिला है।
कानपुर के 13 तैराक भी भारतीय टीम में शामिल
उत्तर प्रदेश के कानपुर से 13 तैराकों का चयन भारतीय मास्टर्स टीम में हुआ है। इन खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय मास्टर्स तैराकी प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर हुआ।
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, ये तैराक बेंगलुरु में होने वाली दूसरी एशियन मास्टर्स तैराकी चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इससे इस प्रतियोगिता में भारतीय भागीदारी और मजबूत हुई है।
इसी तरह जम्मू-कश्मीर के चार तैराक भी भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे हैं। इनमें तीन बहनें शामिल हैं। उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर एशियन मास्टर्स के लिए क्वालीफाई किया।
देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे हैं तैराक
एशियन मास्टर्स प्रतियोगिता के लिए कई राज्यों से तैराक चुने गए हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पंजाब, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था।
महाराष्ट्र की डॉ. अनुवा कपूर ने राष्ट्रीय मास्टर्स चैंपियनशिप में तीन पदक जीते। उन्होंने 400 मीटर इंडिविजुअल मेडले में स्वर्ण, 100 मीटर बटरफ्लाई में कांस्य और महिला 4×50 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में रजत पदक हासिल किया। इसके बाद उन्होंने एशियन मास्टर्स के लिए क्वालीफाई किया।
इससे पता चलता है कि भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ अलग-अलग क्षेत्रों के तैराक भी शामिल हैं।
मास्टर्स तैराकी में उम्र नहीं बनी रुकावट
मास्टर्स तैराकी की सबसे बड़ी खासियत उम्र आधारित वर्ग हैं। इस प्रतियोगिता में 25 साल से अधिक उम्र के तैराक हिस्सा ले सकते हैं। सबसे वरिष्ठ वर्ग 80 साल और उससे अधिक उम्र के खिलाड़ियों के लिए है।
इससे खिलाड़ियों को लंबे समय तक खेल से जुड़े रहने का अवसर मिलता है। प्रतियोगिता में युवा खिलाड़ियों के साथ अनुभवी तैराक भी अपने वर्ग में प्रदर्शन कर सकते हैं।
कई भारतीय तैराकों ने लंबे अंतराल के बाद भी प्रतियोगी तैराकी में वापसी की है। राष्ट्रीय मास्टर्स चैंपियनशिप में 60 से अधिक उम्र के खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लिया था।
तैराकी को बढ़ावा देने में अहम भूमिका
मास्टर्स प्रतियोगिताएं केवल पदक जीतने का मंच नहीं हैं। इनसे उम्रदराज खिलाड़ियों को भी नियमित खेल गतिविधियों से जुड़े रहने का अवसर मिलता है।
इसके अलावा ऐसी प्रतियोगिताएं अनुभवी खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का रास्ता खोलती हैं। भारतीय तैराकों के लिए घरेलू स्तर पर आयोजित होने वाला यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने का अवसर भी देता है।
बेंगलुरु में इस प्रतियोगिता के आयोजन से भारत को मास्टर्स तैराकी के लिए एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी करने का मौका मिला है। आयोजकों ने इसे अलग-अलग देशों के तैराकों को एक मंच पर लाने वाला आयोजन बताया है।
स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की अहम भूमिका
इस चैंपियनशिप की मेजबानी स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया कर रहा है। कर्नाटक स्विमिंग एसोसिएशन स्थानीय आयोजन समिति के रूप में काम कर रहा है।
स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया देश में तैराकी, डाइविंग, वॉटर पोलो, आर्टिस्टिक स्विमिंग और ओपन वॉटर तैराकी की राष्ट्रीय संस्था है। यह फेडरेशन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भारतीय खिलाड़ियों के चयन में भी भूमिका निभाता है।
एशिया एक्वाटिक्स इस प्रतियोगिता की महाद्वीपीय संस्था के रूप में जुड़ी है। इस वजह से प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय स्तर के नियमों का पालन किया जाएगा।
7 दिन तक बेंगलुरु में दिखेगा तैराकी का रोमांच
4 से 10 अक्टूबर तक बेंगलुरु में अलग-अलग आयु वर्गों के मुकाबले होंगे। हर दिन कई व्यक्तिगत और रिले स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी।
पहले दिन ही 100 मीटर फ्रीस्टाइल और 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक के मुकाबले निर्धारित हैं। इसके बाद प्रतियोगिता आगे बढ़ने के साथ अन्य तैराकी शैलियों की स्पर्धाएं होंगी।
इस दौरान भारत के साथ दूसरे देशों के तैराक भी पूल में उतरेंगे। इसलिए बेंगलुरु में आयोजित यह प्रतियोगिता भारतीय मास्टर्स तैराकों के लिए अपनी क्षमता दिखाने का बड़ा अवसर होगी।
निष्कर्ष
एशियन मास्टर्स तैराकी चैंपियनशिप 4 अक्टूबर से बेंगलुरु में शुरू हो रही है। सात दिन चलने वाली इस प्रतियोगिता में 53 देशों के मास्टर्स तैराक शामिल होंगे।
25 से 80 साल से अधिक उम्र के खिलाड़ियों के लिए अलग वर्ग बनाए गए हैं। वहीं, भारतीय तैराकों की बड़ी भागीदारी से देश में मास्टर्स तैराकी को भी अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा।

