ग्रेटर नोएडा में दिल्ली से समस्तीपुर जा रही डबल डेकर बस बनी आग का गोला, बाल-बाल बची 32 यात्रियों की जान!
ग्रेटर नोएडा में मंगलवार को एक चलती डबल डेकर स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। बस दिल्ली से बिहार जा रही थी और हादसे के वक्त उसमें 32 यात्री सवार थे। समय रहते सभी यात्रियों को बस से बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
घटना नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-150 के पास हुई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरी बस धू-धूकर जलने लगी। दमकल की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर अचानक लगी आग
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के लालकिला से बिहार जा रही निजी डबल डेकर स्लीपर बस मंगलवार शाम नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से गुजर रही थी। बस में चालक और परिचालक के अलावा 32 यात्री मौजूद थे।
बस सेक्टर-150 के पास पहुंची थी, तभी उसमें अचानक आग लग गई। बस से धुआं निकलते देखकर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चालक ने बस को रोककर यात्रियों को बाहर निकलने का मौका दिया।
समय रहते बाहर निकले सभी 32 यात्री
आग लगने के बाद यात्रियों ने किसी तरह बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है।
यात्रियों को बस से बाहर निकालने के बाद आग तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही समय में डबल डेकर बस आग की लपटों से घिर गई। बस के अंदर रखा यात्रियों का सामान भी आग की चपेट में आ गया।
बस में रखा सामान जलकर खाक
हादसे में यात्रियों को अपनी जान तो बचाने का मौका मिल गया, लेकिन उनका सामान नहीं बच सका। रिपोर्ट के अनुसार, बस में यात्रियों का काफी सामान रखा हुआ था, जो आग में जल गया।
बताया गया है कि कई यात्री दिल्ली के सदर बाजार से सामान लेकर बिहार जा रहे थे। त्योहार के कारण यात्रियों के पास खरीदारी का सामान भी था। आग के बाद यह पूरा सामान बस के अंदर ही जलकर राख हो गया।
दमकल की गाड़ियों ने आग पर पाया काबू
बस में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रिपोर्टों के अनुसार, दमकल की दो से तीन गाड़ियों की मदद से आग बुझाई गई। पुलिस की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
आग बुझाने के बाद बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में मिली। हादसे के कारण कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात भी प्रभावित हुआ।
आग लगने की वजह अभी साफ नहीं
फिलहाल ग्रेटर नोएडा डबल डेकर बस में आग लगने की वजह को लेकर अलग-अलग शुरुआती जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है, जबकि अधिकारियों की ओर से कारण की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस और संबंधित विभाग घटना की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आग तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से लगी थी।
चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
हादसे के दौरान सबसे अहम बात यह रही कि यात्रियों को समय रहते बस से बाहर निकाल लिया गया। बस में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और आग तेजी से फैल रही थी।
समय पर बस रुकने और यात्रियों के बाहर निकलने से किसी की जान नहीं गई। दमकल की टीम के पहुंचने तक बस का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ चुका था।
पिछले महीने भी हुआ था बड़ा बस हादसा
बस में आग लगने की यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब पिछले महीने भी उत्तर प्रदेश में एक डबल डेकर बस में आग लगने से कई लोगों की मौत हुई थी। उस हादसे में नौ यात्रियों की जान चली गई थी।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद लंबी दूरी की बसों की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी जांच को लेकर सवाल उठते हैं। खासकर स्लीपर और डबल डेकर बसों में आग लगने की स्थिति में यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलने की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है।
यात्रियों को दूसरी बस से भेजने की तैयारी
हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, यात्रियों को बिहार भेजने के लिए दूसरी बस की व्यवस्था कराने की बात सामने आई है।
इस घटना में सबसे बड़ी राहत यही रही कि सभी 32 यात्रियों की जान बच गई। हालांकि, सामान खोने से यात्रियों को आर्थिक नुकसान जरूर हुआ है।
निष्कर्ष
ग्रेटर नोएडा डबल डेकर बस में आग की इस घटना में 32 यात्रियों की जान बाल-बाल बची। दिल्ली से बिहार जा रही बस सेक्टर-150 के पास अचानक आग की चपेट में आ गई थी। यात्रियों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जबकि बस और उसमें रखा सामान पूरी तरह जल गया।
फिलहाल आग लगने के कारण की जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की बसों में सुरक्षा व्यवस्था और नियमित तकनीकी जांच की जरूरत को सामने ला दिया है।

