मणिपुर हिंसा के दौरान मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आयी, दो महिलाओं को नग्न अवस्था में कैमरे के सामने घुमाया
मणिपुर में हिंसा अभी भी जारी है। इसी दौरान सोशल मीडिया पर मानवता को शर्मसार करने वाला एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमे भीड़ द्वारा दो महिलाओं को नग्न अवस्था में ले जाया जा रहा है। यह वीडियो मणिपुर के राजधानी इंफाल से 35 किलोमीटर दूर कांगपोकपी जिले का है। यह वीडियो 4 मई का बताया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद कार्यवाही की मांग की जा रही है। इस मामले पर पुलिस का कहना है कि एफआईआर दर्ज कर ली गयी है। जल्द ही कार्यवाही की जाएगी और आरोपियों को गिरफ्तार किया जायेगा।
दरअसल 3 मई को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में आदिवासी एकजुटता मार्च का आयोजन किया गया था। इस मार्च के आयोजन के बाद कुछ झड़पे शुरू हुयी थी। मणिपुर हिंसा में अब तक 120 लोगो की जान जा चुकी है। वायरल विडिओ 4 मई का बताया जा रहा है।
वायरल वीडियो पर प्रियंका गाँधी ने कहा
कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गाँधी ने वायरल वीडियो की निंदा की और कार्यवाही की मांग की। उन्होंने कहा कि मणिपुर की महिलाओं के साथ यौन हिंसा की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। महिलाओं के साथ घटी इस भयाभय हिंसा की घटना की जितनी निंदा की जाये उतनी कम है। प्रियंका गाँधी ने आगे कहा कि समाज में हिंसा का सबसे ज्यादा दंश महिलाओं और बच्चों को झेलना पड़ता है। हम सभी को मणिपुर में शांति के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए हिंसा की एकस्वर में निंदा करनी पड़ेगी। प्रधानमंत्री जी आखिर मणिपुर की हिंसक घटनाओं पर आँख मूँद कर क्यों बैठे हैं। क्या इस तरह की हिंसक घटनाएं उन्हें विचलित नहीं करती हैं।
राहुल गाँधी ने किया ट्वीट
इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने ट्वीट किया और कहा “मणिपुर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी अराजकता पैदा कर रही है। भारत चुप नहीं रहेगा जब तक कि आईडिया ऑफ़ इंडिया पर हमला होगा। हम मणिपुर के लोगों के साथ खड़े हैं। शांति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है”।
कुकी समुदाय के ग्रुप आईटीएलएफ ने कहा “सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक समुदाय की भीड़ दो महिलाओं को एक खेत के पास ले जा रही है। इनके साथ गैंग रेप भी किया गया। आईटीएलएफ ने राष्ट्रिय महिला आयोग और राष्ट्रिय अनुसूचित जनजाति आयोग से कड़ी कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन निर्दोष महिलाओं द्वारा झेली गयी भयाभय यातनाओं को अपराधियों ने वीडियो के जरिये शेयर किया है। ये पीड़ितों की पहचान दिखता है।

