इंडिया गेट पर हिरासत में लिए जाने के बाद अंकिता भंडारी के माता-पिता रिहा, सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम
नई दिल्ली: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे अंकिता के माता-पिता को पुलिस ने हिरासत में लेने के कुछ घंटे बाद रिहा कर दिया। 15 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस ने धरना स्थल से उन्हें और प्रदर्शन में शामिल कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया था। अंकिता के माता-पिता को सुबह करीब 5 बजे रिहा कर दिया गया।
क्यों इंडिया गेट पर धरने पर बैठे थे अंकिता के माता-पिता?
अंकिता भंडारी के माता-पिता अपनी बेटी की हत्या के मामले में कथित VIP एंगल की जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे। परिवार का कहना है कि मामले में सामने आए सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसी भी संभावित आरोपी या प्रभावशाली व्यक्ति को जांच के दायरे से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए।
यह प्रदर्शन 14 अक्टूबर की रात शुरू हुआ था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इंडिया गेट पहुंचकर अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की और उनकी मांगों के प्रति समर्थन जताया।
पिता ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
हिरासत में लिए जाने के दौरान अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने केंद्र सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने मांग की कि दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति को रद्द किया जाए या जांच पूरी होने तक इस पर रोक लगाई जाए।
परिवार ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जा सकता है। अंकिता की मां ने भी अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी।
पुलिस की कार्रवाई पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की। पार्टी के नेताओं ने कहा कि अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रहे परिवार को इस तरह हिरासत में लेना उचित नहीं है।
वहीं, प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया था। बाद में अंकिता के माता-पिता को रिहा कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद मामले को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के ऋषिकेश के पास स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। घटना के चार दिन बाद चिल्ला नहर से उनका शव बरामद हुआ था।
इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को अदालत ने मई 2025 में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद परिवार कथित VIP की भूमिका से जुड़े सवालों की जांच की मांग करता रहा है।
कथित VIP एंगल की जांच की मांग
अंकिता के परिवार ने मामले में कथित VIP एंगल की जांच की मांग उठाई है और दुष्यंत कुमार गौतम का नाम इस संदर्भ में लिया है। हालांकि, उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। इस मामले में आरोपों और जांच की स्थिति को अलग-अलग समझना जरूरी है।
परिवार की मांग है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए और मामले से जुड़े सभी सवालों का जवाब सामने आए। अब केंद्र सरकार और संबंधित जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
निष्कर्ष: इंडिया गेट पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए अंकिता भंडारी के माता-पिता को कुछ घंटों बाद रिहा कर दिया गया। परिवार ने कथित VIP एंगल की जांच और राज्यपाल नियुक्ति पर रोक की मांग दोहराते हुए केंद्र सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।

