श्रद्धा दुबे गिरफ्तार: 11 दिन तक फरार रहने के बाद नागपुर में पकड़ी गई मॉडल
लखनऊ के कारोबारी और कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में 11 दिन से फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। उत्तर प्रदेश पुलिस, एसटीएफ और नागपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में श्रद्धा के साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को भी पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, तीनों की तलाश कई दिनों से की जा रही थी। जांच के दौरान नेपाल सीमा से लेकर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र तक उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई गई। अब आरोपियों को लखनऊ लाकर मामले में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शिवा शर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और फरारी के दौरान आरोपियों को किसने मदद पहुंचाई।
नागपुर में कैसे हुई श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी?
श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस और विशेष कार्यबल की टीम लगातार सुराग तलाश रही थी। जांच में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस की टीम महाराष्ट्र के नागपुर पहुंची। वहां स्थानीय पुलिस की मदद से संदिग्ध ठिकानों पर नजर रखी गई।
20 अक्टूबर 2026 को संयुक्त टीम ने नागपुर में एक फ्लैट से श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, तीनों शिवा शर्मा की मौत के मामले में वांछित थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वालों को इनाम देने की घोषणा भी की गई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग शहरों में उनकी आवाजाही से जुड़े सुराग जुटाए। कुछ रिपोर्टों में लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की जानकारी सामने आई। हालांकि, फरारी के हर दिन की गतिविधियों और गिरफ्तारी तक पहुंचने वाले सभी सुरागों का आधिकारिक विवरण सामने आना बाकी है।
गिरफ्तारी के बाद नागपुर की अदालत से आवश्यक कानूनी अनुमति ली गई। इसके बाद तीनों आरोपियों को लखनऊ लाया गया, जहां पुलिस आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
नेपाल भागने की आशंका से शुरू हुई तलाश
शिवा शर्मा की मौत के बाद श्रद्धा दुबे और उसके साथियों का पता नहीं चल रहा था। इसी दौरान जांचकर्ताओं को आशंका हुई कि आरोपी नेपाल की ओर निकल गए हैं। भारत-नेपाल सीमा के पास श्रद्धा के नाम से जुड़ी एक गाड़ी मिलने की जानकारी भी सामने आई थी। इससे पुलिस की जांच सीमा क्षेत्र तक पहुंच गई।
इसके बाद पुलिस ने संभावित रास्तों और संपर्कों की पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में उनके होने के संकेत मिले। बाद में नागपुर से गिरफ्तारी ने फरारी की तलाश को निर्णायक मोड़ दिया।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि नेपाल जाने के बाद आरोपी भारत लौटे और फिर अलग-अलग रास्तों से महाराष्ट्र पहुंचे। हालांकि, उनकी यात्रा का पूरा क्रम और प्रत्येक स्थान पर बिताए गए समय की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि तीनों ने फरारी के दौरान किन लोगों से संपर्क किया। उनके रहने, यात्रा करने और पहचान छिपाने में किसी अन्य व्यक्ति ने सहायता की या नहीं, यह भी जांच का हिस्सा है।
क्या कारोबारी शिवा शर्मा की हत्या हुई थी?
इस पूरे मामले की शुरुआत 9 अक्टूबर 2026 को हुई, जब लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में कारोबारी शिवा शर्मा की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। शिवा की उम्र 28 वर्ष बताई गई है। वह कैफे व्यवसाय से जुड़े थे और श्रद्धा दुबे के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहते थे।
शुरुआत में घटना को दुर्घटना या आत्महत्या की आशंका से देखा गया। हालांकि, बाद में शिवा की मां रंजना शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे के साथ मारपीट और प्रताड़ना हुई थी तथा उसकी मौत के पीछे साजिश हो सकती है।
परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की। इसमें श्रद्धा दुबे, उसकी बहन, ड्राइवर और अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए। पुलिस अब घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, संबंधित लोगों के बयान और अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि प्राथमिकी में लगाए गए आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। गिरफ्तारी अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी होने का अंतिम प्रमाण नहीं होती। मामले में वास्तविक घटनाक्रम का निर्धारण जांच और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगा।
श्रद्धा दुबे ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर क्या कहा?
मामले के सामने आने के बाद श्रद्धा दुबे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में आया था। उसमें उसने खुद को निर्दोष बताया और शिवा शर्मा की मौत को आत्महत्या से जुड़ा मामला बताया। उसके दावे के अनुसार, शिवा आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे।
श्रद्धा ने यह भी दावा किया था कि शिवा पर लगभग 15 से 20 लाख रुपये का कर्ज था और वह इस कारण तनाव में थे। उसके मुताबिक, घटना वाले दिन शिवा बाथरूम में गए थे। उसने दावा किया कि इसके बाद शिवा बालकनी से नीचे गिर गए।
श्रद्धा ने मारपीट और प्रताड़ना के आरोपों से इनकार किया था। उसने कहा था कि सीसीटीवी फुटेज से घटना की सच्चाई सामने आ सकती है। हालांकि, ये उसके अपने दावे हैं। इनकी पुष्टि पुलिस की जांच और स्वतंत्र साक्ष्यों के आधार पर होनी है।
दूसरी ओर, शिवा के परिवार ने उसकी मौत पर सवाल उठाए हैं और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार की शिकायत और श्रद्धा के दावों के बीच घटनाक्रम स्पष्ट करना अब जांच एजेंसियों के लिए अहम है।
बहन और ड्राइवर की भूमिका की भी जांच
श्रद्धा दुबे के साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि घटना के बाद तीनों कहां-कहां गए और फरारी के दौरान उनकी भूमिका क्या रही।
जांचकर्ताओं के लिए यह जानना भी महत्वपूर्ण होगा कि क्या आरोपियों ने एक साथ यात्रा की थी और उन्हें अलग-अलग ठिकानों तक पहुंचने में किसने सहायता की। उनके मोबाइल फोन, संपर्कों, यात्रा से जुड़े विवरण और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच से कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं।
पुलिस यह भी पता लगा सकती है कि नेपाल सीमा के पास गाड़ी छोड़े जाने के पीछे क्या कारण था। क्या यह पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश थी या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी, इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल, किसी भी संभावित मददगार की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पुलिस को पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर हर पहलू की पुष्टि करनी होगी।
अब आगे क्या होगी कानूनी कार्रवाई?
नागपुर से गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को लखनऊ लाया गया है। अब संबंधित पुलिस टीम उनसे पूछताछ कर रही है। इस प्रक्रिया में घटना से पहले और बाद की गतिविधियों, आरोपों और फरारी के दौरान हुए घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जाएगी।
जांच के दौरान घटनास्थल के साक्ष्य, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी और गवाहों के बयान महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पुलिस को यह भी स्पष्ट करना होगा कि शिवा शर्मा की मौत दुर्घटना, आत्महत्या या किसी आपराधिक घटना का परिणाम थी।
मामले में कानूनी कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे बढ़ेगी। अदालत में आरोप साबित करना अभियोजन पक्ष की जिम्मेदारी होगी। आरोपियों को भी कानून के तहत अपना पक्ष रखने का अधिकार है।
शिवा शर्मा की मौत ने परिवार के सामने कई सवाल खड़े किए हैं। परिवार न्याय की मांग कर रहा है, जबकि श्रद्धा दुबे अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर चुकी है। ऐसे में निष्पक्ष जांच इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी से 11 दिन से चल रही तलाश समाप्त हुई है। नागपुर से श्रद्धा के साथ उसकी बहन और ड्राइवर को भी पकड़ा गया है। अब पुलिस फरारी के घटनाक्रम और मौत से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।
इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि 9 अक्टूबर को आखिर क्या हुआ था। इसका जवाब जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और न्यायिक प्रक्रिया से मिलेगा। फिलहाल, आरोपों को अंतिम सच मानने के बजाय जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना जरूरी है।

