G7 Summit 2026: फ्रांस में हो सकती है मोदी-ट्रंप की अहम मुलाकात, व्यापार और सुरक्षा पर होगी बड़ी चर्चा
एवियन-लेस-बैंस (फ्रांस), 13 जून 2026। फ्रांस में 15 से 17 जून 2026 के बीच आयोजित होने वाले G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना जताई जा रही है। यदि यह मुलाकात होती है तो दोनों नेताओं के बीच पिछले एक साल से अधिक समय बाद आमने-सामने की पहली बैठक होगी।
हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने अभी तक इस बैठक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री मोदी सम्मेलन के दौरान कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। ऐसे में भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा देने वाली मोदी-ट्रंप मुलाकात पर दुनियाभर की नजरें टिकी हुई हैं।
G7 सम्मेलन में भारत की अहम भूमिका
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मेजबानी में आयोजित होने वाला G7 Summit 2026 वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन में यूक्रेन संकट, वैश्विक सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
G7 देशों के अलावा भारत, ब्राजील, मिस्र, केन्या और दक्षिण कोरिया को विशेष आमंत्रित देशों के रूप में बुलाया गया है। यह भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और रणनीतिक महत्व को दर्शाता है।
मोदी-ट्रंप मुलाकात क्यों है खास?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच पहले भी मजबूत व्यक्तिगत संबंध देखने को मिले हैं। “हाउडी मोदी” और “नमस्ते ट्रंप” जैसे बड़े कार्यक्रम दोनों नेताओं की नजदीकियों के प्रतीक रहे हैं।
हालांकि पिछले कुछ वर्षों में व्यापारिक टैरिफ, रूस से तेल खरीद, H-1B वीजा नीति और भारत-पाकिस्तान मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच कुछ मतभेद भी सामने आए। इसके बावजूद रक्षा, तकनीक और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत बना हुआ है।
बैठक में किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा?
संभावित मोदी-ट्रंप बैठक में कई अहम विषय एजेंडे में शामिल हो सकते हैं:
1. व्यापार समझौता
भारत और अमेरिका के बीच लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर आगे की रणनीति तय हो सकती है।
2. रक्षा सहयोग
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए रक्षा साझेदारी और सैन्य सहयोग को मजबूत बनाने पर चर्चा संभव है।
3. ऊर्जा सुरक्षा
अमेरिकी ऊर्जा निर्यात, स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं और ऊर्जा आपूर्ति विविधीकरण पर बातचीत हो सकती है।
4. H-1B वीजा
भारतीय आईटी पेशेवरों और छात्रों के लिए वीजा नियमों को आसान बनाने का मुद्दा भी बैठक में उठ सकता है।
5. वैश्विक संकट
यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व की स्थिति, AI गवर्नेंस और जलवायु वित्त जैसे अंतरराष्ट्रीय विषयों पर दोनों नेता विचार-विमर्श कर सकते हैं।
भारत की विदेश नीति को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि G7 सम्मेलन में भारत की सक्रिय भागीदारी उसकी मल्टी-एलाइनमेंट रणनीति को और मजबूत करेगी। भारत एक तरफ अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ा रहा है तो दूसरी ओर रूस समेत अन्य देशों के साथ भी अपने संबंध बनाए हुए है।
निष्कर्ष
G7 Summit 2026 के दौरान मोदी और ट्रंप की संभावित मुलाकात वैश्विक राजनीति और भारत-अमेरिका संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। व्यापार, रक्षा, तकनीक और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर होने वाली चर्चा दोनों देशों की साझेदारी को नई मजबूती दे सकती है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या फ्रांस में दोनों नेता आमने-सामने बैठकर भविष्य की रणनीति तय करेंगे।
फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस शहर में 15 से 17 जून 2026 तक G7 Summit आयोजित हो रहा है।
अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दोनों नेताओं की बैठक की प्रबल संभावना बताई जा रही है।
व्यापार, रक्षा सहयोग, H-1B वीजा, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक संकट प्रमुख मुद्दे हो सकते हैं।
भारत को आउटरीच पार्टनर के रूप में आमंत्रित किया गया है और वह वैश्विक मुद्दों पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह बैठक दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दे सकती है।

