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PM विकसित भारत रोजगार योजना 2026: ₹2400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि जारी, 15 लाख युवाओं को मिलेगा लाभ

पीएम नरेंद्र मोदी का ग्राफ़िक जिसमें पीएम विकसित भारत योजना के तहत रोजगार के लिए ₹2400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि जारी करने की घोषणा की गई है।
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नई दिल्ली। देश में रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत लगभग ₹2400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि जारी करने की घोषणा की है। इस योजना का लाभ करीब 15 लाख नए कर्मचारियों और नियोक्ताओं को मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह पहल युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने और उद्योगों को नई भर्ती के लिए प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित विशेष कार्यक्रम में इस राशि का वितरण किया जाएगा। यह योजना युवाओं को पहली नौकरी में आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ रोजगार बाजार को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

PM विकसित भारत रोजगार योजना क्या है?

PM विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी रोजगार योजना है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर की थी। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को औपचारिक क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराना, सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना और उद्योगों को नई नियुक्तियों के लिए प्रोत्साहित करना है।

यह योजना 1 अगस्त 2025 से लागू हुई है और 31 जुलाई 2027 तक प्रभावी रहेगी। इसके लिए सरकार ने लगभग ₹99,446 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। योजना के माध्यम से दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

रोजगार सृजन में कैसे मदद करेगी योजना?

भारत में बड़ी युवा आबादी होने के बावजूद औपचारिक रोजगार की चुनौती लंबे समय से बनी हुई है। PM-VBRY का फोकस रोजगार के औपचारिकीकरण (Formalization) पर है, ताकि अधिक से अधिक कर्मचारी EPFO के दायरे में आ सकें।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत अब तक 60 लाख से अधिक नए कर्मचारी EPFO से जुड़े हैं। इनमें लगभग 30 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं, जो महिला रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

पहली बार नौकरी करने वालों को क्या मिलेगा?

पहली नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए लाभ

जो कर्मचारी 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच पहली बार EPFO में पंजीकृत होंगे, उन्हें विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

पात्रता

  • पहली बार EPFO में पंजीकरण
  • मासिक वेतन ₹1 लाख तक
  • निर्धारित अवधि तक निरंतर सेवा

मिलने वाला लाभ

  • एक माह के वेतन के बराबर प्रोत्साहन
  • अधिकतम ₹15,000 तक सहायता
  • दो चरणों में भुगतान

भुगतान की प्रक्रिया

पहली किस्त

6 महीने की लगातार नौकरी पूरी होने पर सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर।

दूसरी किस्त

12 महीने की सेवा पूरी होने के बाद बचत योजना में जमा की जाएगी।

लाभ प्राप्त करने के लिए कर्मचारी को वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) कोर्स पूरा करना होगा।

नियोक्ताओं को क्या फायदा मिलेगा?

योजना का दूसरा भाग नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए बनाया गया है। EPFO से जुड़े प्रतिष्ठानों को नए कर्मचारियों की भर्ती पर वित्तीय सहायता दी जाएगी।

वेतन के अनुसार प्रोत्साहन

वेतन सीमाप्रोत्साहन राशि
₹10,000 तक10% या ₹1,000
₹10,001 – ₹20,000₹2,000
₹20,001 – ₹1 लाख₹3,000

प्रोत्साहन अवधि

  • सामान्य क्षेत्रों के लिए: 2 वर्ष
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए: 4 वर्ष

इससे विशेष रूप से MSME और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई भर्ती बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

युवाओं और उद्योग जगत को होगा बड़ा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना युवाओं को रोजगार के शुरुआती चरण में आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इससे नौकरी शुरू करने के दौरान होने वाले खर्चों को संभालना आसान होगा।

उद्योग जगत के लिए भी यह योजना लाभकारी साबित हो सकती है क्योंकि नई भर्ती की लागत कम होगी। खासकर MSMEs और श्रम-प्रधान उद्योगों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।

विकसित भारत 2047 विजन का हिस्सा

PM विकसित भारत रोजगार योजना सरकार के विकसित भारत 2047 विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह योजना कौशल विकास, विनिर्माण विस्तार और रोजगार सृजन से जुड़ी अन्य सरकारी पहलों के साथ मिलकर काम कर रही है।

सरकार का दावा है कि 2017-18 से 2023-24 के बीच देश में 16.83 करोड़ नए रोजगार सृजित हुए हैं। PM-VBRY के माध्यम से इस गति को और बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

योजना से जुड़ी चुनौतियां

हालांकि योजना की शुरुआत सकारात्मक मानी जा रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक रोजगार सृजन, स्किल गैप, ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच और छोटे उद्योगों की भागीदारी जैसे मुद्दों पर लगातार काम करने की आवश्यकता होगी।

सरकार ने योजना की निगरानी और जागरूकता कार्यक्रमों को मजबूत करने का भरोसा दिया है।

निष्कर्ष

PM विकसित भारत रोजगार योजना 2026 के तहत जारी की जा रही ₹2400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि देश के लाखों युवाओं और नियोक्ताओं के लिए राहत और अवसर दोनों लेकर आई है। यह योजना औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने, सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को मजबूती प्रदान कर सकती है। आने वाले समय में इसकी सफलता रोजगार बाजार पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।

Q1. PM विकसित भारत रोजगार योजना क्या है?

यह केंद्र सरकार की रोजगार प्रोत्साहन योजना है, जिसका उद्देश्य युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ना और नियोक्ताओं को नई भर्ती के लिए प्रोत्साहित करना है।

Q2. योजना के तहत अधिकतम कितनी राशि मिलेगी?

पहली बार नौकरी करने वाले पात्र कर्मचारियों को अधिकतम ₹15,000 तक प्रोत्साहन राशि मिल सकती है।

Q3. योजना की अवधि कितनी है?

यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक लागू रहेगी।

Q4. नियोक्ताओं को कितना लाभ मिलेगा?

नए कर्मचारियों की भर्ती पर वेतन स्लैब के अनुसार ₹1,000 से ₹3,000 प्रति कर्मचारी तक प्रोत्साहन मिलेगा।

Q5. योजना का लाभ कौन उठा सकता है?

पहली बार EPFO में पंजीकृत कर्मचारी और EPFO से जुड़े प्रतिष्ठान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

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