छत्तीसगढ़ रेत माफिया हत्याकांड: कोरिया में भाजपा नेता समेत 3 की जिंदा जलाकर हत्या, 12 आरोपी गिरफ्तार
कोरिया, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत खनन को लेकर चल रहे विवाद ने एक भयावह रूप ले लिया। सोनहत थाना क्षेत्र के नौगईं गांव में कथित रेत माफियाओं ने भाजपा नेता एवं पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, उनके चचेरे भाई नागेंद्र सिंह और भतीजे वीरेंद्र प्रताप सिंह की बेहद निर्मम तरीके से हत्या कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने उनकी फॉर्च्यूनर कार को ट्रकों और डंपरों के बीच फंसाकर पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश है। पुलिस ने अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
रेत खनन विवाद ने लिया खूनी रूप
जानकारी के अनुसार, कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक के कटगोड़ी और नौगईं क्षेत्र में लंबे समय से रेत खनन और परिवहन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। स्थानीय स्तर पर रेत के कारोबार से जुड़े आर्थिक हितों और वर्चस्व की लड़ाई के कारण दोनों परिवारों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा था।
बताया जा रहा है कि घटना से एक दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी, जिसकी शिकायत पुलिस तक पहुंची थी।
समझौते के बहाने बुलाकर रची गई साजिश
परिजनों के अनुसार, भरत सिंह और उनके साथी विवाद सुलझाने के लिए नौगईं गांव पहुंचे थे। लेकिन वहां पहले से बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
जैसे ही उनकी फॉर्च्यूनर मौके पर पहुंची, हमलावरों ने डंपरों और भारी वाहनों से कार का रास्ता रोक दिया। आरोप है कि कार को कई बार टक्कर मारकर उसके दरवाजे जाम कर दिए गए, जिससे अंदर बैठे लोग बाहर नहीं निकल सके।
इसके बाद कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई।
कार में जिंदा जल गए तीन लोग
आग लगने के बाद कार पूरी तरह लपटों में घिर गई। भाजपा नेता भरत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
गंभीर रूप से झुलसे नागेंद्र सिंह को इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। वहीं वीरेंद्र प्रताप सिंह ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब कुछ लोग कार से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तब उन पर धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से हमला भी किया गया।
पूरे प्रदेश में मचा राजनीतिक बवाल
इस ट्रिपल मर्डर के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति गर्मा गई है।
विपक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अवैध रेत कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं राज्य सरकार ने घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष जांच और सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया।
अब तक पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मनोज त्रिपाठी, अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी और सत्यप्रकाश त्रिपाठी सहित अन्य लोग शामिल बताए जा रहे हैं।
फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश जारी है और कई स्थानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
SIT करेगी पूरे मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
फोरेंसिक टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि हमले की योजना कैसे बनाई गई, आग किस प्रकार लगाई गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
क्षेत्र में तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद सोनहत और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी उठ रही है।
अवैध रेत कारोबार पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अवैध रेत खनन और उससे जुड़े आर्थिक हित कई क्षेत्रों में हिंसा का कारण बन रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो ऐसे विवाद भविष्य में भी गंभीर कानून-व्यवस्था की चुनौती बन सकते हैं।
निष्कर्ष
कोरिया जिले का यह ट्रिपल मर्डर छत्तीसगढ़ की हालिया सबसे भयावह घटनाओं में से एक माना जा रहा है। पुलिस की जांच जारी है और SIT पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि दोषियों को कितनी जल्दी कानून के दायरे में लाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाता है।

