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कीव पर रूस का बड़ा हमला: मिसाइल और ड्रोन हमलों से दहली यूक्रेन की राजधानी, कई लोगों की मौत

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रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और हवाई हमले किए हैं, जिससे शहर के कई हिस्सों में भारी तबाही हुई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार इन हमलों में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा है और एक बहुमंजिला इमारत के मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव दल लगातार मौके पर काम कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में यूक्रेन द्वारा रूस की तेल रिफाइनरी, ऑयल डिपो और सैन्य ठिकानों पर किए गए ड्रोन हमलों के बाद रूस ने यह जवाबी कार्रवाई की है। पिछले कुछ वर्षों में कीव पर इतने बड़े स्तर का हमला बहुत कम देखने को मिला है। इस वजह से राजधानी में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।

हवाई हमलों से कीव में मची तबाही, जेलेंस्की लौटे स्वदेश

रूसी सेना ने इस हमले में रणनीतिक बॉम्बर विमानों और हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। रिपोर्टों के अनुसार कीव के लगभग 28 अलग-अलग स्थानों को निशाना बनाया गया। हमलों में कई रिहायशी इलाके, महत्वपूर्ण इमारतें और कुछ बड़े होटल भी प्रभावित हुए हैं।

रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि हमलों का मुख्य लक्ष्य यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे और सैन्य ठिकाने थे। मंत्रालय के अनुसार कुछ होटल ऐसे थे, जहां यूक्रेनी सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया। हालांकि यूक्रेन की ओर से इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

लगातार हो रहे हमलों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को अपनी आयरलैंड यात्रा बीच में ही छोड़कर वापस देश लौटना पड़ा। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोगों से अपील की कि वे एयर-रेड अलर्ट पर ध्यान दें और खतरे के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें। सरकार ने आपातकालीन सेवाओं को भी पूरी तरह सक्रिय कर दिया है ताकि प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेजी से चलाया जा सके।

ड्रोन हमलों का बदला या नई रणनीति?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पिछले कुछ हफ्तों में यूक्रेन ने रूस की कई तेल रिफाइनरियों, ऑयल टर्मिनलों और सैन्य औद्योगिक ठिकानों पर ड्रोन हमले किए थे। इन हमलों से रूस को आर्थिक और सैन्य नुकसान पहुंचा था। माना जा रहा है कि कीव पर ताजा हमला उसी का जवाब है।

बताया जाता है कि हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सुरक्षा परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। इस बैठक के बाद यूक्रेन के कई इलाकों, खासकर कीव और ओडेशा क्षेत्र में हमले तेज हो गए। रूस ने ओडेशा में एक ऐसी फैक्ट्री को भी निशाना बनाने का दावा किया है, जहां ड्रोन तैयार किए जाते थे। इसके अलावा रूसी सेना ने यूक्रेन द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे स्टारलिंक टर्मिनलों पर भी हमले किए हैं। रूस का कहना है कि इन संचार प्रणालियों का उपयोग यूक्रेनी सेना ड्रोन अभियानों के लिए कर रही थी।

दूसरी ओर, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि रूस युद्ध समाप्त करने की इच्छा नहीं दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन ने कई आधिकारिक और अनौपचारिक माध्यमों से युद्ध रोकने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद रूस अपने हमले लगातार बढ़ा रहा है। जेलेंस्की का आरोप है कि रूस की सैन्य कार्रवाई केवल यूक्रेन ही नहीं, बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा के लिए चुनौती बनती जा रही है।

युद्ध खत्म होने के आसार फिलहाल नहीं

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को चार साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक किसी स्थायी समाधान के संकेत नहीं मिले हैं। पूर्वी यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में रूस की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार रूस इस इलाके के बड़े हिस्से पर नियंत्रण स्थापित कर चुका है और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में भी अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा रहा है।

कुछ समय पहले यूक्रेन ने बेलारूस के जरिए रूस के सामने युद्ध को केवल डोनबास क्षेत्र तक सीमित रखने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन रूस ने इसे स्वीकार नहीं किया। रूस का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई केवल डोनबास तक सीमित नहीं रहेगी और वह अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में भी अपने अभियान जारी रखेगा।

इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अमेरिका सहित कई पश्चिमी देश लगातार घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन फिलहाल किसी बड़े कूटनीतिक समाधान की संभावना दिखाई नहीं दे रही। ऐसे में दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष के और लंबा खिंचने की आशंका बढ़ गई है, जिसका असर पूरे यूरोप की सुरक्षा और वैश्विक राजनीतिक माहौल पर पड़ सकता है।

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