अयोध्या में STF का बड़ा एक्शन: 2 लाख का इनामी शार्प शूटर भानु प्रताप सिंह मुठभेड़ में ढेर
अयोध्या, 8 जून 2026। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रविवार देर रात अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में पूर्वांचल के कुख्यात अपराधी और कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू को मार गिराया गया। भानु पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुल करीब 2 लाख रुपये का इनाम घोषित था और उसके खिलाफ 40 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।
सूचना के आधार पर STF ने की घेराबंदी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक STF की प्रयागराज यूनिट को गुप्त सूचना मिली थी कि भानु प्रताप सिंह अपने एक साथी के साथ अयोध्या क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही STF ने इलाके में सघन घेराबंदी शुरू कर दी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।
रात करीब 11 बजे ऐमी घाट पुल के पास बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में भानु प्रताप सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया।
मुठभेड़ में STF के जवान भी घायल
पुलिस और अपराधियों के बीच हुई गोलीबारी में STF के एक प्रभारी इंस्पेक्टर और एक सिपाही भी घायल हो गए। घायल भानु को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हालांकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। घटनास्थल से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है।
कौन था भानु प्रताप सिंह?
गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के बिखनापुर गांव का निवासी भानु प्रताप सिंह पिछले कई वर्षों से पूर्वांचल में सक्रिय था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह हत्या, लूट, रंगदारी, अपहरण, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामलों में वांछित था।
भानु को एक पेशेवर शार्प शूटर और कॉन्ट्रैक्ट किलर माना जाता था, जो सुपारी लेकर वारदातों को अंजाम देता था। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट के तहत भी कई मुकदमे दर्ज थे।
कई जिलों में घोषित था इनाम
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भानु प्रताप सिंह पर अलग-अलग जिलों में इनाम घोषित था।
- आजमगढ़ से ₹1 लाख
- अंबेडकर नगर से ₹50 हजार
- गोरखपुर से ₹25 हजार
- बस्ती से ₹15 हजार
इस तरह कुल इनामी राशि लगभग 1.90 लाख से 2 लाख रुपये तक पहुंच चुकी थी।
40 से अधिक संगीन मामलों में था आरोपी
भानु प्रताप सिंह के खिलाफ गोरखपुर, मऊ, बस्ती, संत कबीर नगर, देवरिया, अंबेडकर नगर और आजमगढ़ समेत कई जिलों में 40 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।
अधिकारियों का मानना है कि उसके मारे जाने से पूर्वांचल के एक बड़े आपराधिक नेटवर्क को झटका लगा है और क्षेत्र में संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।
अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी
उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत STF लगातार बड़े अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है। पुलिस अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को कानून व्यवस्था के लिए बड़ी सफलता बताया है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने STF टीम की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी वांछित बदमाश को बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय लोगों में राहत
भानु प्रताप सिंह का नाम लंबे समय से पूर्वांचल के कई जिलों में भय का पर्याय बन चुका था। उसके एनकाउंटर की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की भावना व्यक्त की है। पुलिस अब उसके फरार साथी और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
निष्कर्ष
अयोध्या में STF द्वारा किया गया यह ऑपरेशन उत्तर प्रदेश पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। 2 लाख के इनामी और कुख्यात कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह के मारे जाने से पूर्वांचल में सक्रिय अपराधी गिरोहों को बड़ा झटका लगा है। पुलिस अब उसके सहयोगियों और नेटवर्क के खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रही है।
भानु प्रताप सिंह पूर्वांचल का कुख्यात अपराधी और कॉन्ट्रैक्ट किलर था, जिसके खिलाफ 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।
उसका एनकाउंटर अयोध्या जिले के महाराजगंज थाना क्षेत्र स्थित ऐमी घाट पुल के पास हुआ।
विभिन्न जिलों में उस पर कुल लगभग 1.90 लाख से 2 लाख रुपये तक का इनाम घोषित था।
हाँ, मुठभेड़ के दौरान STF के एक इंस्पेक्टर और एक सिपाही घायल हुए थे।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, लूट और अपहरण समेत 40 से अधिक संगीन मामले दर्ज थे।

