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बेंगलुरु के ISRO मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, चेयरमैन को मिला ईमेल; पुलिस जांच में जुटी

बेंगलुरु ISRO मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, चेयरमैन को धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस जांच में जुटी | News Critic

बेंगलुरु: ISRO मुख्यालय को धमकी भरा ईमेल मिलने से मचा हड़कंप

देश की प्रतिष्ठित अंतरिक्ष एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के बेंगलुरु स्थित मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। 2 जुलाई 2026 को ISRO चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन के कार्यालय को एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया, जिसमें दावा किया गया कि मुख्यालय परिसर में बम लगाए गए हैं।

ईमेल मिलते ही सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया गया। पूरे परिसर को खाली कराया गया और बेंगलुरु पुलिस, CISF, बॉम्ब डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) तथा स्निफर डॉग यूनिट ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, कई घंटों की जांच के बाद कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और इसे शुरुआती जांच में होक्स (झूठी धमकी) माना गया। इसके बावजूद पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, धमकी भरा ईमेल ISRO के आधिकारिक ईमेल पते पर भेजा गया था। इसमें दावा किया गया कि बेंगलुरु के न्यू बेल रोड स्थित अंटारिक्ष भवन (ISRO मुख्यालय) में बम लगाए गए हैं।

ईमेल मिलने के तुरंत बाद अधिकारियों ने पूरे भवन को खाली कराया और सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी। इसके बाद परिसर में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

पुलिस और CISF ने चलाया सर्च ऑपरेशन

धमकी की सूचना मिलते ही बेंगलुरु पुलिस, CISF, बॉम्ब स्क्वाड और स्निफर डॉग टीम मौके पर पहुंची।

जांच में क्या मिला?

  • पूरे मुख्यालय की गहन तलाशी ली गई।
  • किसी भी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
  • सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद कार्यालय का कामकाज सामान्य रूप से शुरू कर दिया गया।
  • फिलहाल धमकी को फर्जी माना जा रहा है, लेकिन जांच जारी है।

ईमेल भेजने वाले की तलाश में जुटी पुलिस

इस मामले में संजय नगर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। साइबर सेल ईमेल के स्रोत का पता लगाने में लगी हुई है।

पुलिस IP एड्रेस, ईमेल सर्वर लॉग्स और अन्य डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ईमेल भारत से भेजा गया था या विदेश से।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह हाल के दिनों में सरकारी संस्थानों और स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ईमेल की श्रृंखला से जुड़ा हो सकता है।

ISRO मुख्यालय क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

बेंगलुरु स्थित ISRO मुख्यालय भारत के सभी प्रमुख अंतरिक्ष अभियानों का संचालन और समन्वय करता है।

यहीं से कई ऐतिहासिक मिशनों की निगरानी की गई है, जिनमें शामिल हैं—

  • चंद्रयान मिशन
  • मंगलयान मिशन
  • आदित्य-L1 मिशन
  • गगनयान मिशन

ऐसे में इस तरह की धमकी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानी जा रही है।

विशेषज्ञों ने क्या कहा?

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील संस्थानों में ईमेल आधारित साइबर खतरों से निपटने के लिए आधुनिक AI आधारित सुरक्षा सिस्टम, एडवांस ईमेल फिल्टरिंग और नियमित सुरक्षा अभ्यास बेहद जरूरी हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही अधिकतर धमकियां फर्जी साबित होती हों, लेकिन हर सूचना को गंभीरता से लेना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां

यह पहला मौका नहीं है जब बेंगलुरु में किसी महत्वपूर्ण संस्थान को बम की धमकी मिली हो।

इससे पहले भी—

  • हाईकोर्ट
  • एयरपोर्ट
  • स्कूल
  • मेट्रो स्टेशन
  • सरकारी कार्यालय

को इसी तरह के धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं। अधिकांश मामलों में जांच के बाद इन्हें फर्जी पाया गया था।

ISRO का आधिकारिक बयान

ISRO ने अपने बयान में कहा कि धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया। पूरे परिसर की जांच की गई और कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

आगे क्या होगा?

पुलिस ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए साइबर जांच कर रही है। आरोपी की पहचान होने पर उसके खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य लागू कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की धमकी को हल्के में नहीं लिया जाएगा।

निष्कर्ष

बेंगलुरु स्थित ISRO मुख्यालय को मिली बम धमकी भले ही शुरुआती जांच में फर्जी साबित हुई हो, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर साइबर सुरक्षा और महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और ईमेल भेजने वाले की तलाश जारी है।

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