बारिश में बढ़ती सीलन-फंगस की समस्या, हो सकते हैं ये 10 हेल्थ रिस्क
बारिश का मौसम गर्मी से राहत देता है, लेकिन इसके साथ घर में नमी और सीलन की समस्या भी बढ़ जाती है। लगातार नमी रहने पर दीवारों, छत, फर्नीचर और अलमारी में फंगस पनप सकता है। बारिश में सीलन और फंगस के हेल्थ रिस्क को नजरअंदाज करना खासकर एलर्जी और सांस से जुड़ी परेशानियों को बढ़ा सकता है।
अगर आपके घर में बारिश के दौरान बदबू, दीवारों पर काले-हरे धब्बे या लगातार नमी दिखाई दे रही है, तो इसे सिर्फ घर की सफाई से जुड़ी समस्या न समझें।
बारिश में घर में सीलन क्यों होती है?
बारिश के दौरान हवा में नमी बढ़ जाती है। घर में पर्याप्त वेंटिलेशन न होने, छत या पाइप से पानी रिसने और दीवारों में सीपेज होने पर नमी लंबे समय तक बनी रहती है। यही वातावरण फंगस के लिए अनुकूल होता है।
घर में फंगस क्यों होता है, इसका मुख्य कारण नमी, कम हवा का आवागमन और गीली सतहों का लंबे समय तक सूख न पाना है।
सीलन और फंगस से हो सकते हैं ये 10 हेल्थ रिस्क
1. एलर्जी
फंगस के कण हवा में फैलकर छींक, नाक बहना, आंखों में पानी और खुजली जैसी एलर्जी पैदा कर सकते हैं।
2. सांस लेने में परेशानी
फंगस के कण सांस के साथ शरीर में पहुंचकर संवेदनशील लोगों में सांस लेने में परेशानी या सीने में जकड़न बढ़ा सकते हैं।
3. अस्थमा के लक्षण बढ़ना
अस्थमा या सांस संबंधी संवेदनशीलता वाले लोगों में नम और फंगस वाले वातावरण से लक्षण बढ़ सकते हैं।
4. आंखों में जलन
फंगस और खराब इनडोर एयर क्वालिटी के कारण आंखों में जलन, लालिमा या पानी आने की समस्या हो सकती है।
5. त्वचा में खुजली
लगातार नमी के संपर्क में रहने से कुछ लोगों को त्वचा में खुजली, जलन या रैश की समस्या हो सकती है।
6. नाक और गले में परेशानी
फंगस के संपर्क में आने से नाक बंद होना, गले में खराश या जलन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
7. लगातार खांसी
नमी और फंगस से प्रभावित हवा कुछ संवेदनशील लोगों में खांसी या सांस संबंधी परेशानी को बढ़ा सकती है।
8. सिरदर्द और बेचैनी
सीलन की बदबू और खराब वेंटिलेशन के कारण कुछ लोगों को सिरदर्द या कमरे में असहजता महसूस हो सकती है।
9. फंगल इंफेक्शन का जोखिम
कुछ फंगस संक्रमण का कारण बन सकते हैं। कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
10. घर की हवा की गुणवत्ता खराब होना
लगातार सीलन और फंगस घर की इनडोर एयर क्वालिटी को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए सीलन से होने वाली बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचने के लिए नमी को नियंत्रित करना जरूरी है।
घर को सीलन और फंगस से बचाने के 11 एक्सपर्ट टिप्स
1. वेंटिलेशन बेहतर करें
खिड़कियां खोलें और घर में हवा का आवागमन बनाए रखें। बंद कमरों में सीलन जल्दी बढ़ती है।
2. धूप आने दें
मौसम साफ होने पर पर्दे खोलकर घर में धूप आने दें। इससे कमरे को सूखा रखने में मदद मिलती है।
3. लीकेज तुरंत ठीक कराएं
छत, पाइप, खिड़की या दीवार से पानी रिस रहा है तो उसे तुरंत ठीक कराएं। यह बारिश में घर में सीलन का प्रमुख कारण हो सकता है।
4. फर्नीचर दीवार से दूर रखें
अलमारी और फर्नीचर को दीवार से थोड़ा दूर रखें ताकि पीछे हवा का आवागमन बना रहे।
5. गीले कपड़े कमरे में न सुखाएं
घर के अंदर गीले कपड़े सुखाने से नमी बढ़ सकती है। कोशिश करें कि कपड़े हवादार जगह पर सुखाए जाएं।
6. बाथरूम में एग्जॉस्ट फैन चलाएं
नहाने के बाद बनी भाप को बाहर निकालने के लिए एग्जॉस्ट फैन या पर्याप्त वेंटिलेशन का इस्तेमाल करें।
7. किचन की भाप बाहर निकालें
खाना बनाते समय एग्जॉस्ट फैन चलाएं और किचन की गीली सतहों को समय पर सुखाएं।
8. फंगस को शुरुआती स्तर पर साफ करें
दीवारों या फर्नीचर पर छोटे काले-हरे धब्बे दिखें तो उन्हें बढ़ने न दें। सफाई के दौरान दस्ताने और मास्क का इस्तेमाल करें।
9. अलमारी और स्टोर रूम खोलते रहें
बंद जगहों में नमी जल्दी जमा होती है। अलमारी और स्टोर रूम को समय-समय पर खोलकर हवा लगाएं।
10. जरूरत पड़ने पर डीह्यूमिडिफायर लगाएं
अगर घर में नमी लगातार अधिक रहती है, तो डीह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
11. सीलन का असली कारण पता करें
सिर्फ फंगस साफ करने से समस्या स्थायी रूप से खत्म नहीं होगी। बार-बार फंगस लौट रहा है तो सीपेज, लीकेज, वॉटरप्रूफिंग और वेंटिलेशन की जांच कराएं।
फंगस साफ करते समय रखें सावधानी
फंगस को सूखे कपड़े से जोर-जोर से रगड़ने से बचें, क्योंकि इससे उसके कण हवा में फैल सकते हैं। सफाई के दौरान दस्ताने, मास्क और पर्याप्त वेंटिलेशन का ध्यान रखें।
अगर फंगस बहुत बड़े क्षेत्र में फैल गया है या बार-बार वापस आ रहा है, तो विशेषज्ञ की मदद लेना बेहतर है।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
सीलन वाले वातावरण में रहने के बाद अगर लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न, आंखों में गंभीर जलन या त्वचा पर लगातार रैश जैसी समस्या हो, तो डॉक्टर से सलाह लें। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी संवेदनशीलता वाले लोगों के मामले में विशेष सावधानी जरूरी है।
निष्कर्ष
बारिश में सीलन और फंगस के हेल्थ रिस्क से बचने के लिए सिर्फ दीवार पर दिखने वाले फंगस को साफ करना काफी नहीं है। नमी का स्रोत पहचानना, लीकेज ठीक करना, वेंटिलेशन बढ़ाना और घर को सूखा रखना जरूरी है।
अगर बारिश के मौसम में आपके घर में सीलन बार-बार लौटती है, तो समस्या को टालने के बजाय उसके मूल कारण का समाधान करें। इससे घर भी सुरक्षित रहेगा और सीलन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को भी कम किया जा सकेगा।

