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दिल्ली हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी: ईमेल के जरिए धमकी मिलने से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट को ईमेल के जरिए मिली बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा बढ़ाई गई – News Critic

स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने से राजधानी में हड़कंप मच गया। शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को धमकी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं और हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई।

मामले की सूचना मिलने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया। बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा टीमों ने परिसर की तलाशी शुरू की। शुरुआती जांच में अब तक कोई संदिग्ध वस्तु मिलने की सूचना नहीं है।

दिल्ली हाईकोर्ट को ईमेल से मिली धमकी

दिल्ली हाईकोर्ट को शुक्रवार को एक धमकी भरा ईमेल मिला। इसमें हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। धमकी ऐसे समय पर मिली है जब राजधानी में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है।

धमकी की जानकारी सामने आते ही हाईकोर्ट प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया। इसके बाद परिसर में निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत जांच और तलाशी अभियान शुरू किया गया।

दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव एडवोकेट कुणाल मल्होत्रा ने बताया कि आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए हैं और स्थिति नियंत्रण में है। कुछ रिपोर्टों में धमकी को प्रथम दृष्टया फर्जी होने की आशंका भी जताई गई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे हल्के में नहीं ले रही हैं।

15 अगस्त से एक दिन पहले धमकी से बढ़ी चिंता

दिल्ली हाईकोर्ट को धमकी मिलने का समय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। 15 अगस्त को देश स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करेंगे।

ऐसे में राजधानी के महत्वपूर्ण सरकारी और सार्वजनिक स्थानों पर पहले से ही सुरक्षा बढ़ाई गई है। हाईकोर्ट को धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील स्थानों की निगरानी और जांच और कड़ी कर दी है।

दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस के दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए जाते हैं। लाल किला और उसके आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया है।

दिल्ली की कई जगहों को धमकी मिलने की खबर

मामला केवल दिल्ली हाईकोर्ट तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक राजधानी में कई महत्वपूर्ण स्थानों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है।

इनमें दिल्ली हाईकोर्ट के अलावा आईजीआई एयरपोर्ट का टर्मिनल-3, जामनगर हाउस, झंडेवालान स्थित एक इमारत, एमबी साकेत स्थित डीएम कार्यालय और दिल्ली कैंट का एसडीएम कार्यालय शामिल बताए जा रहे हैं।

एक साथ कई महत्वपूर्ण स्थानों को धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से लेकर जांच कर रही हैं। संबंधित स्थानों पर तलाशी और सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई है।

ईमेल में क्या धमकी दी गई?

सामने आई रिपोर्टों के अनुसार धमकी भरे ईमेल में दिल्ली हाईकोर्ट और जिला अदालतों में धमाके की बात कही गई थी। कुछ रिपोर्टों में ईमेल में लाल किला, दिल्ली मेट्रो और अंबाला जाने वाली ट्रेनों को भी निशाना बनाने की धमकी का उल्लेख है।

ईमेल में कथित तौर पर खालिस्तान से संबंधित संदर्भ भी दिए गए थे। जांच एजेंसियां अब ईमेल के स्रोत, उसे भेजने वाले व्यक्ति और इसमें इस्तेमाल किए गए डिजिटल माध्यम की जांच कर रही हैं।

धमकी भरे संदेश में कुछ स्थानों पर संभावित धमाके के समय का भी उल्लेख किया गया था। हालांकि इन दावों की वास्तविकता की पुष्टि सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

बम निरोधक दस्ते ने शुरू की तलाशी

धमकी मिलने के बाद हाईकोर्ट परिसर में बम निरोधक दस्ते को लगाया गया। सुरक्षा टीमों ने परिसर और आसपास के क्षेत्रों की जांच शुरू की ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि का पता लगाया जा सके।

सुरक्षा जांच के दौरान अधिकारियों की ओर से हर संभावित खतरे को ध्यान में रखा जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है।

ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियां सामान्य तौर पर धमकी को पहले गंभीर मानकर जांच करती हैं और उसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इसकी विश्वसनीयता का आकलन करती हैं।

रजिस्ट्रार जनरल ने पुलिस से किया संपर्क

धमकी मिलने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल दिल्ली पुलिस के संपर्क में हैं। हाईकोर्ट प्रशासन और पुलिस के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समन्वय किया जा रहा है।

अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की गई है। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर पहले से लागू सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत किया गया है।

हाईकोर्ट जैसे संवेदनशील संस्थान में किसी भी धमकी को गंभीरता से लेना जरूरी है, क्योंकि यहां न्यायाधीशों, वकीलों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है।

धमकी की जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां

अब जांच का मुख्य फोकस धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने पर है। पुलिस और साइबर विशेषज्ञ ईमेल से जुड़े डिजिटल संकेतों की जांच कर रहे हैं।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि ईमेल किस स्थान या सिस्टम से भेजा गया था और इसके पीछे किसी व्यक्ति या संगठित समूह की भूमिका है या नहीं।

इसके अलावा धमकी में जिन अन्य स्थानों का उल्लेख किया गया है, वहां भी सुरक्षा एजेंसियां अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही हैं।

शुरुआती जांच में नहीं मिला संदिग्ध सामान

दिल्ली हाईकोर्ट को धमकी मिलने के बाद परिसर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब तक किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक के मिलने की सूचना नहीं है।

इससे फिलहाल यह संकेत मिलता है कि धमकी फर्जी भी हो सकती है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां आधिकारिक जांच पूरी होने से पहले इसे पूरी तरह फर्जी घोषित करने से बच रही हैं।

कुछ रिपोर्टों में दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी की ओर से भी धमकी के फर्जी होने की आशंका जताई गई है। इसके बावजूद सभी जरूरी सुरक्षा उपाय जारी रखे गए हैं।

स्वतंत्रता दिवस को लेकर दिल्ली में पहले से हाई अलर्ट

15 अगस्त को लेकर दिल्ली में पहले से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। लाल किले और उसके आसपास के इलाकों में कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाती है।

इसके अलावा एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, सरकारी कार्यालयों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी सुरक्षा जांच बढ़ाई गई है। दिल्ली हाईकोर्ट को मिली धमकी के बाद इन व्यवस्थाओं की समीक्षा और कड़ी निगरानी की जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों पर भी संभावित धमकियों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।

क्या आम लोगों को घबराने की जरूरत है?

धमकी मिलने की खबर से लोगों में चिंता स्वाभाविक है, लेकिन अभी तक किसी वास्तविक विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय केवल पुलिस और प्रशासन की आधिकारिक जानकारी पर ध्यान देना जरूरी है।

स्वतंत्रता दिवस के दौरान लोगों को सुरक्षा जांच में सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा अधिकारियों को देने की सलाह दी जाती है।

सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के धमकी से संबंधित संदेश या वीडियो साझा करने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे अनावश्यक डर और भ्रम फैल सकता है।

कई जगह धमकी मिलने से जांच का दायरा बढ़ा

एक ही समय में हाईकोर्ट, एयरपोर्ट और सरकारी कार्यालयों जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाए जाने की खबर ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है। अब यह पता लगाना जरूरी होगा कि सभी धमकियों के पीछे एक ही स्रोत है या अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग ईमेल भेजे।

सुरक्षा एजेंसियां धमकी के कंटेंट, ईमेल आईडी, तकनीकी जानकारी और संभावित डिजिटल कड़ियों की जांच कर रही हैं।

अगर जांच में धमकी फर्जी साबित होती है तो भी ऐसे संदेश भेजने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, क्योंकि महत्वपूर्ण संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी देना गंभीर मामला है।

आगे क्या होगा?

फिलहाल दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की जांच जारी है। हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है और तलाशी अभियान के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई वास्तविक खतरा मौजूद न हो।

इसके साथ ही ईमेल भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। यदि आरोपी की पहचान होती है तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमकी केवल दहशत फैलाने की कोशिश थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी।

निष्कर्ष

स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने से राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया। धमकी के बाद दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं तथा हाईकोर्ट परिसर में तलाशी अभियान शुरू किया गया।

रिपोर्टों के मुताबिक दिल्ली हाईकोर्ट के अलावा आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-3 और कुछ सरकारी कार्यालयों को भी धमकी मिली है। धमकी भरे ईमेल में दिल्ली मेट्रो, जिला अदालतों और अन्य स्थानों का भी उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है।

हालांकि शुरुआती जांच में अब तक किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक के मिलने की सूचना नहीं है और कुछ अधिकारियों ने धमकी को फर्जी होने की आशंका जताई है। फिर भी स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा के मद्देनजर एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ जांच कर रही हैं। अब सबसे बड़ा सवाल धमकी भेजने वाले की पहचान और उसके पीछे की मंशा का है।

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