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दिल्ली बक्करवाला में एनकाउंटर के बाद भाऊ गैंग के दो शूटर गिरफ्तार

दिल्ली के बक्करवाला में एनकाउंटर के बाद भाऊ गैंग के 2 शूटर गिरफ्तार - News Critic

दिल्ली के बक्करवाला इलाके में पुलिस और भाऊ गैंग से जुड़े कथित शूटरों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को घायल हालत में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों एक डॉक्टर की हत्या की कथित साजिश के तहत इलाके में पहुंचे थे।

बक्करवाला में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़

दिल्ली के बक्करवाला इलाके में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। यहां पुलिस और हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े दो कथित शूटरों के बीच मुठभेड़ हुई।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों की गतिविधियों को लेकर पहले से सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर उन्हें पकड़ने की कोशिश की।

आरोपियों ने पुलिस टीम को देखकर भागने का प्रयास किया। पीछा किए जाने के दौरान दोनों तरफ से फायरिंग हुई। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी घायल हो गए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

डॉक्टर की हत्या की साजिश का आरोप

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी एक डॉक्टर को निशाना बनाने के इरादे से बक्करवाला पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक, यह डॉक्टर आरआरएम अस्पताल से जुड़े बताए जा रहे हैं।

जांच एजेंसियों को कथित तौर पर जानकारी मिली थी कि हिमांशु भाऊ गैंग के शूटर इलाके में किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी।

पुलिस की कार्रवाई से कथित हत्या की साजिश को समय रहते रोक दिया गया। अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उन्हें किसने भेजा था और उनके पीछे कौन लोग काम कर रहे थे।

ब्लैक थार में सवार थे दोनों आरोपी

मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों आरोपी एक काले रंग की थार में सवार थे। पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्होंने वहां से निकलने का प्रयास किया।

इसके बाद पुलिस टीम ने उनका पीछा किया। पीछा करने के दौरान उनकी गाड़ी एक पिकअप ट्रक से टकरा गई।

गाड़ी रुकने के बाद आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। रिपोर्ट के अनुसार, बदमाशों की ओर से कई राउंड फायरिंग की गई। इसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई।

दोनों आरोपी मुठभेड़ में घायल

मुठभेड़ के दौरान दोनों कथित शूटरों के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथ ही, उनके मोबाइल फोन और अन्य सामान की भी जांच की जा सकती है।

जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि दोनों आरोपियों का भाऊ गैंग से किस तरह का संपर्क था। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित साजिश में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं।

पुलिस को पहले से मिली थी सूचना

इस कार्रवाई की शुरुआत एक खुफिया सूचना से हुई। पुलिस को गैंग से जुड़े शूटरों की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली थी।

सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई। पुलिस ने संभावित रास्तों पर नजर रखी और संदिग्ध वाहन की पहचान के बाद कार्रवाई शुरू की।

इस तरह पुलिस ने कथित तौर पर वारदात होने से पहले ही दोनों आरोपियों को रोक लिया। इससे एक बड़ी आपराधिक घटना को टालने में मदद मिली।

भाऊ गैंग पर लगातार कार्रवाई

हिमांशु भाऊ गैंग का नाम दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा से जुड़ी कई आपराधिक घटनाओं में सामने आता रहा है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े लोगों पर लगातार नजर रखती हैं।

इससे पहले भी दिल्ली में भाऊ गैंग के कथित शूटरों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई हो चुकी है। अप्रैल 2026 में बापरौला इलाके में मुठभेड़ के बाद दो कथित शूटरों को गिरफ्तार किया गया था।

ताजा कार्रवाई को भी इसी कड़ी में देखा जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों का गैंग के दूसरे सदस्यों से कितना संपर्क था।

पुलिस को हथियार मिलने की जानकारी

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार बरामद किए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपियों के पास आधुनिक विदेशी हथियार भी मिले हैं।

हथियारों की जांच के बाद पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि उनका इस्तेमाल पहले किसी अपराध में हुआ है या नहीं। इसके लिए हथियारों को पुराने मामलों से जोड़कर भी देखा जा सकता है।

इसके अलावा, दोनों आरोपियों के संपर्कों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। पुलिस यह जानना चाहती है कि उन्हें हथियार और वाहन किसने उपलब्ध कराया था।

जांच में सामने आ सकते हैं कई बड़े खुलासे

गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में कई अहम जानकारियां जुटाने की कोशिश करेगी। सबसे पहले आरोपियों से उनके कथित टारगेट और वारदात की योजना के बारे में पूछताछ हो सकती है।

इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाएगी कि दोनों आरोपी दिल्ली कब पहुंचे थे। उनके साथ कोई और व्यक्ति था या नहीं, इसकी भी जांच की जा सकती है।

पुलिस आरोपियों के फोन और डिजिटल संपर्कों की जांच कर सकती है। इससे गैंग के दूसरे सदस्यों और कथित साजिश से जुड़े लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में गैंगवार पर पुलिस की नजर

दिल्ली-एनसीआर में अलग-अलग गैंग से जुड़े अपराध पुलिस के लिए बड़ी चुनौती रहे हैं। इन गिरोहों के बीच आपसी रंजिश के कारण कई बार फायरिंग और हत्या जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं।

सोशल मीडिया और विदेश से संचालित होने वाले आपराधिक नेटवर्क भी पुलिस की चिंता बढ़ाते हैं। ऐसे मामलों में स्थानीय शूटरों का इस्तेमाल किए जाने की आशंका रहती है।

इसी वजह से पुलिस गैंग से जुड़े संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखती है। बक्करवाला की ताजा कार्रवाई भी इसी सतर्कता का उदाहरण है।

आगे की जांच में क्या पता चलेगा?

अब पुलिस का अगला फोकस इस कथित साजिश के पूरे नेटवर्क को समझने पर रहेगा। दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर दूसरे संदिग्धों की पहचान की जा सकती है।

पुलिस यह भी जांच करेगी कि डॉक्टर को कथित तौर पर क्यों निशाना बनाया जा रहा था। इसके पीछे व्यक्तिगत विवाद, कारोबारी कारण या गैंग से जुड़ा कोई अन्य मामला था या नहीं, यह जांच के बाद ही साफ होगा।

फिलहाल दोनों आरोपियों को इलाज और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई का सामना करना होगा। पुलिस मामले में उपलब्ध सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

निष्कर्ष

दिल्ली के बक्करवाला में पुलिस और भाऊ गैंग से जुड़े कथित शूटरों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों एक डॉक्टर की हत्या की कथित साजिश में शामिल थे और वारदात से पहले ही उन्हें पकड़ लिया गया।

मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपी घायल हुए हैं। पुलिस अब उनके आपराधिक रिकॉर्ड, गैंग से संपर्क और कथित हत्या की साजिश से जुड़े अन्य लोगों की जांच कर रही है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है। पूछताछ और आगे की जांच के बाद इस पूरे नेटवर्क को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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