नेपाल बाढ़: लापता भारतीयों के परिजनों के लिए ओडिशा में कंट्रोल रूम
नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। इनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। नेपाल बाढ़ लापता भारतीय मामले को देखते हुए ओडिशा सरकार ने अपने नागरिकों और उनके परिजनों की मदद के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम शुरू किया है।
नेपाल बाढ़ लापता भारतीयों की मदद के लिए बड़ा कदम
नेपाल में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ ने बड़े स्तर पर तबाही मचाई है। बाढ़ और मलबे के कारण सड़कें, पुल और दूसरी जरूरी सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की तलाश कर रहे हैं।
इस आपदा के बाद भारत के कई राज्यों के लोग नेपाल में फंसे या लापता बताए जा रहे हैं। स्थिति को देखते हुए अलग-अलग राज्य सरकारों ने अपने नागरिकों की जानकारी जुटाने के लिए हेल्पलाइन और नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए हैं।
ओडिशा सरकार ने भी बुधवार को नई दिल्ली स्थित ओडिशा निवास में 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम शुरू किया। इसका उद्देश्य नेपाल में फंसे या लापता ओडिशा के लोगों और उनके परिवारों को सहायता उपलब्ध कराना है।
सरकार को अभी राज्यवार पूरी जानकारी नहीं मिली
ओडिशा सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल नेपाल में बाढ़ से प्रभावित ओडिशा के लोगों की आधिकारिक संख्या सामने नहीं आई है। नेपाल सरकार की ओर से भी अभी राज्यवार आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं।
ओडिशा के गृह एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा ने बताया कि सरकार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। नई जानकारी मिलने के साथ स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
इसलिए सोशल मीडिया या अन्य अपुष्ट स्रोतों से सामने आने वाली किसी भी संख्या को अंतिम आंकड़ा मानना सही नहीं होगा।
24 घंटे काम करेगा ओडिशा का कंट्रोल रूम
ओडिशा सरकार ने नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित ओडिशा निवास में कंट्रोल रूम बनाया है। यहां से नेपाल में फंसे राज्य के लोगों के बारे में जानकारी जुटाने और उनके परिवारों को जरूरी सहायता देने का काम किया जाएगा।
कंट्रोल रूम को विदेश मंत्रालय के सुझाव के बाद सक्रिय किया गया है। इसका उद्देश्य अलग-अलग एजेंसियों के बीच संपर्क और सूचना के आदान-प्रदान को आसान बनाना है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि अगर उनका कोई परिजन नेपाल में लापता है या उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो निर्धारित हेल्पलाइन पर जानकारी दें।
जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर
ओडिशा सरकार की ओर से कंट्रोल रूम के लिए ये नंबर जारी किए गए हैं:
- +91-7428135044
- +91-8527580245
- 011-23012807
कंट्रोल रूम 24 घंटे सहायता के लिए उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के हेल्पलाइन नंबरों पर भी संपर्क किया जा सकता है।
ओडिशा सरकार ने नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया
राज्य सरकार ने इस पूरे मामले में समन्वय के लिए प्रीतीश पांडा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वह ओडिशा परिवार निदेशालय में विशेष कार्य अधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं।
नोडल अधिकारी विदेश मंत्रालय के साथ संपर्क में हैं। उनका काम नेपाल में प्रभावित ओडिशा के नागरिकों से जुड़ी जानकारी जुटाने और परिवारों तक सही सूचना पहुंचाने में मदद करना है।
सरकार का कहना है कि जैसे-जैसे नेपाल से जानकारी मिलेगी, उसे परिवारों के साथ साझा करने की कोशिश की जाएगी।
नेपाल में कितने भारतीय लापता हैं?
नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा में बड़ी संख्या में भारतीयों के संपर्क से बाहर होने की खबर है। 27 अगस्त की रिपोर्टों के अनुसार, भारत सरकार की ओर से 130 से अधिक भारतीय नागरिकों के लापता या संपर्क से बाहर होने की जानकारी सामने आई है।
इनमें पर्यटक और कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े लोग भी शामिल हैं। हालांकि, अलग-अलग समय पर सामने आने वाले आंकड़ों में बदलाव हो सकता है क्योंकि बचाव दल लगातार लोगों का पता लगाने में जुटे हैं।
नेपाल के पर्यटन अधिकारियों के अनुसार, 579 से अधिक पर्यटकों के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। इनमें 400 से ज्यादा विदेशी नागरिक बताए गए हैं।
कई राज्यों के नागरिक प्रभावित
नेपाल में फंसे या लापता लोगों में भारत के कई राज्यों के नागरिक शामिल बताए गए हैं। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों के लोगों के बारे में भी जानकारी सामने आई है।
कुछ लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। आपदा प्रभावित क्षेत्र में संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण उनके परिवारों को संपर्क करने में परेशानी हो रही है।
इसी वजह से राज्य सरकारों के कंट्रोल रूम परिवारों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क केंद्र बन गए हैं।
नेपाल में फ्लैश फ्लड से भारी तबाही
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ ने कई इलाकों को प्रभावित किया है। तेज पानी और मलबे के बहाव ने सड़क, पुल और बिजली जैसी जरूरी सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ के बाद नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र में करीब 1,500 लोग लापता बताए गए हैं। बचाव अभियान में हजारों सुरक्षाकर्मी और राहतकर्मी जुटे हुए हैं।
कई प्रभावित इलाकों में संचार और बिजली व्यवस्था भी बाधित हुई है। इससे लापता लोगों से संपर्क करना और उनकी स्थिति की पुष्टि करना मुश्किल हो रहा है।
बचाव अभियान लगातार जारी
नेपाल में सेना और सुरक्षा एजेंसियां राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। हेलीकॉप्टर के जरिए प्रभावित इलाकों में जरूरी सामान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके बावजूद दूरदराज के इलाकों में राहत पहुंचाना अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
भारतीय दूतावास ने भी हेल्पलाइन जारी की
नेपाल में प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने भी आपातकालीन नंबर जारी किए हैं।
भारत सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिक या उनके परिवार इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
- +977 9851316807
- +977 9709107500
इन नंबरों के जरिए बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की जानकारी और सहायता से जुड़े मामलों में संपर्क किया जा सकता है।
परिजन क्या जानकारी दें?
लापता व्यक्ति की जानकारी देते समय परिजनों को सही और पूरी जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए। इससे संबंधित एजेंसियों के लिए व्यक्ति की पहचान और तलाश करना आसान हो सकता है।
परिजन संभव हो तो ये जानकारी तैयार रखें:
- लापता व्यक्ति का पूरा नाम
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट या पहचान संबंधी जानकारी
- नेपाल में जाने की तारीख
- अंतिम बार संपर्क का समय
- संभावित स्थान
- यात्रा समूह या संस्था की जानकारी
- हाल की तस्वीर
सही जानकारी मिलने से खोज और सत्यापन की प्रक्रिया में मदद मिल सकती है।
ओडिशा के परिवारों के लिए क्यों अहम है कंट्रोल रूम?
नेपाल में संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण परिवारों के लिए सीधे संपर्क करना मुश्किल हो सकता है। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार का कंट्रोल रूम एक समन्वय केंद्र की तरह काम कर सकता है।
ओडिशा सरकार विदेश मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में रहकर अपने नागरिकों की जानकारी जुटा रही है। इससे परिवारों को आधिकारिक स्रोत से जानकारी मिलने की उम्मीद बढ़ती है।
हालांकि, सरकार ने अभी ओडिशा के कितने लोग प्रभावित हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए किसी भी अपुष्ट सूची या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
केंद्र सरकार भी स्थिति पर नजर रख रही
नेपाल की बाढ़ को लेकर केंद्र सरकार भी लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है। गृह मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
भारत ने नेपाल में आई आपदा पर संवेदना जताई है। सीमा से लगे भारतीय क्षेत्रों में भी प्रशासन और बचाव दलों को सतर्क रखा गया है।
केंद्र सरकार के अनुसार, नेपाल की बाढ़ का असर आगे चलकर भारत में गंडक नदी के जलस्तर पर भी पड़ सकता है। बिहार और उत्तर प्रदेश को निगरानी बढ़ाने की सलाह दी गई है।
परिवारों को घबराने के बजाय आधिकारिक संपर्क करना चाहिए
आपदा के समय परिवारों में चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। लेकिन गलत जानकारी तेजी से फैलने पर स्थिति और मुश्किल हो सकती है।
अगर किसी व्यक्ति से संपर्क नहीं हो रहा है, तो परिवार को पहले संबंधित राज्य के कंट्रोल रूम या भारतीय दूतावास से संपर्क करना चाहिए। आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी व्यक्ति के सुरक्षित या लापता होने की जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
नेपाल में बचाव अभियान जारी है और कई लोगों का अभी पता लगाया जा रहा है। इसलिए आने वाले समय में लापता लोगों की संख्या में बदलाव संभव है।
आगे राहत और तलाश पर रहेगा फोकस
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और लापता लोगों की तलाश करना है। इसके साथ परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाना भी जरूरी है।
ओडिशा सरकार का कंट्रोल रूम इसी काम में राज्य के नागरिकों और उनके परिजनों की सहायता करेगा। विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के साथ समन्वय से जानकारी जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
नेपाल में स्थिति सामान्य होने तक भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनके परिवारों तक सूचना पहुंचाना महत्वपूर्ण बना रहेगा।
निष्कर्ष
नेपाल बाढ़ लापता भारतीय मामले में ओडिशा सरकार ने अपने नागरिकों और उनके परिजनों की मदद के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम शुरू किया है। नई दिल्ली स्थित ओडिशा निवास में बनाए गए इस केंद्र के जरिए नेपाल में फंसे या लापता लोगों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी।
सरकार ने तीन संपर्क नंबर भी जारी किए हैं। इसके अलावा भारतीय दूतावास के आपातकालीन नंबरों पर भी मदद ली जा सकती है। अभी नेपाल में लापता भारतीयों में ओडिशा के कितने लोग शामिल हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे समय में परिजनों के लिए सबसे जरूरी है कि वे आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करें और अपुष्ट जानकारी से बचें। नेपाल बाढ़ लापता भारतीय मामले में बचाव अभियान जारी है और आने वाले घंटों में स्थिति की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

