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विजय शाह के ‘आतंकवादियों की बहन’ केस में SIT जांच पूरी, सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल पर छोड़ा फैसला

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह के विवादित बयान से जुड़े मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम यानी SIT ने अपनी जांच पूरी कर ली है। अब मंत्री के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी पर फैसला होना बाकी है।

सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि अभियोजन की मंजूरी से जुड़ी फाइल सक्षम प्राधिकारी के पास भेज दी गई है। अब इस मामले में राज्यपाल की ओर से फैसला लिया जाना है। कोर्ट ने इस प्रक्रिया में सीधे दखल देने से इनकार कर दिया।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला मई 2025 में दिए गए विजय शाह के एक विवादित बयान से जुड़ा है। उन्होंने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की ओर से मीडिया ब्रीफिंग कर रही थीं। इसी दौरान एक सार्वजनिक कार्यक्रम में विजय शाह ने उन्हें आतंकवादियों से जोड़ते हुए टिप्पणी की थी।

उनके बयान के बाद देशभर में राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया था। मामले में उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग उठी। बाद में विजय शाह ने अपने बयान को लेकर माफी भी मांगी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने SIT का गठन किया था

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को विशेष जांच टीम बनाने का निर्देश दिया था। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की SIT गठित की गई।

SIT ने मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच की। टीम ने बयान, घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार की।

अब SIT की जांच पूरी हो चुकी है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि अभियोजन की मंजूरी से जुड़ा प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेज दिया गया है।

राज्यपाल को फैसला लेने देगा कोर्ट

सोमवार की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब राज्यपाल को इस मामले में फैसला लेने दिया जाए। कोर्ट ने अभियोजन की मंजूरी के मुद्दे पर फिलहाल हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मंजूरी को लेकर जल्द फैसला होने की उम्मीद है। ऐसे में अब अगला कदम राज्यपाल के फैसले पर निर्भर करेगा।

पहले भी सरकार को दिया गया था निर्देश

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले भी मध्य प्रदेश सरकार को अभियोजन की मंजूरी पर फैसला लेने का निर्देश दे चुका है। जनवरी 2026 में कोर्ट ने सरकार को इस मुद्दे पर दो सप्ताह के भीतर निर्णय लेने को कहा था।

हालांकि, इसके बाद भी मंजूरी का मामला लंबित रहा। अगस्त 2026 में यह मुद्दा फिर चर्चा में आया। कैबिनेट स्तर पर भी इस मामले को लेकर विचार हुआ, लेकिन अंतिम फैसला नहीं हो सका। इसके बाद फाइल राज्यपाल के पास भेजे जाने की बात सामने आई।

अब आगे क्या होगा?

SIT की जांच पूरी होने के बाद अब मामले का अगला चरण अभियोजन की मंजूरी है। राज्यपाल के फैसले के बाद यह साफ होगा कि विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी या नहीं।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीधे फैसला देने के बजाय संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया को आगे बढ़ने दिया है। अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर राज्यपाल के फैसले का इंतजार रहेगा।

विजय शाह का यह मामला पिछले एक साल से मध्य प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब SIT की जांच पूरी होने के बाद मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है।

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