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MP Laptop Yojana: CM मोहन यादव ने 1.21 लाख छात्रों के खाते में भेजे 25 हजार रुपये, 10 को मिले लैपटॉप

MP Laptop Yojana 1.21 लाख छात्रों के खाते में आए 25 हजार रुपये

भोपाल: मध्य प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों के लिए 1 सितंबर 2026 का दिन खास रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत 1 लाख 21 हजार 804 विद्यार्थियों के बैंक खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की। इस दौरान कुल 304 करोड़ रुपये से अधिक की राशि विद्यार्थियों के खातों में भेजी गई।

भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने योजना के तहत 10 विद्यार्थियों को मंच पर लैपटॉप भी प्रदान किए। बाकी पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में सीधे राशि भेजी गई।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना और उनकी आगे की पढ़ाई में तकनीक की मदद उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।

1.21 लाख विद्यार्थियों के खातों में पहुंची राशि

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान सिंगल क्लिक के जरिए विद्यार्थियों के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की। इस बार योजना का लाभ 1,21,804 विद्यार्थियों को मिला है।

हर पात्र विद्यार्थी के खाते में 25 हजार रुपये की राशि भेजी गई है। इस हिसाब से सरकार ने 304 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है।

यह राशि विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए दी गई है। इससे छात्र अपनी जरूरत के अनुसार लैपटॉप खरीद सकते हैं और पढ़ाई में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

योजना का फोकस खास तौर पर उन विद्यार्थियों पर है, जिन्होंने 12वीं कक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया है।

किन विद्यार्थियों को मिला योजना का लाभ?

MP Laptop Yojana के तहत इस बार उन विद्यार्थियों को पात्र बनाया गया है, जिन्होंने कक्षा 12वीं की परीक्षा में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं।

यानी सिर्फ अच्छे अंक हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है। पात्रता के लिए परीक्षा को पहली बार में पास करना भी जरूरी है।

सरकार का मानना है कि मेहनत से बेहतर अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई में तकनीकी सुविधाएं मिलनी चाहिए।

लैपटॉप मिलने से विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई, ई-लाइब्रेरी, डिजिटल कोर्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

10 विद्यार्थियों को मंच पर दिए गए लैपटॉप

भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 10 विद्यार्थियों को मंच पर लैपटॉप प्रदान किए।

इसके अलावा बाकी विद्यार्थियों के खातों में लैपटॉप खरीदने की राशि सीधे ट्रांसफर की गई। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बातचीत भी की और उनके भविष्य के सपनों के बारे में जाना।

कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों ने अपनी पढ़ाई और उपलब्धियों के बारे में मुख्यमंत्री को बताया। कुछ विद्यार्थियों ने 12वीं की पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की है।

12वीं के साथ NEET और JEE Main में भी सफलता

कार्यक्रम के दौरान कुछ विद्यार्थियों की उपलब्धियों ने मुख्यमंत्री का ध्यान खींचा।

कुछ छात्रों ने 12वीं की पढ़ाई के साथ NEET की परीक्षा पास की। वहीं कुछ विद्यार्थियों ने NEET और JEE Main जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की।

मुख्यमंत्री ने इन विद्यार्थियों की मेहनत की सराहना की। उन्होंने छात्रों से बातचीत करते हुए उनके लक्ष्य और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी ली।

इस दौरान विद्यार्थियों को अपने सपनों को बड़ा रखने और लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित किया गया।

CM मोहन यादव ने विद्यार्थियों को क्या संदेश दिया?

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेधावी विद्यार्थियों की मेहनत की तारीफ की।

उन्होंने कहा कि 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करना विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है। सरकार का प्रयास है कि ऐसे विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को सफलता को लेकर भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अच्छे अंक हासिल करना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन सफलता को सिर पर नहीं चढ़ने देना चाहिए।

उनका जोर इस बात पर रहा कि विद्यार्थी आगे भी मेहनत जारी रखें और अपने लक्ष्य को बड़ा रखें।

लैपटॉप सिर्फ एक डिवाइस नहीं, पढ़ाई का माध्यम

सरकार की इस योजना का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को लैपटॉप उपलब्ध कराना नहीं है।

लैपटॉप का इस्तेमाल विद्यार्थी अपनी पढ़ाई के लिए कर सकते हैं। आज के समय में शिक्षा तेजी से डिजिटल हो रही है।

ऑनलाइन क्लास, डिजिटल नोट्स, ई-बुक्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए इंटरनेट और लैपटॉप महत्वपूर्ण साधन बन गए हैं।

ऐसे में 25 हजार रुपये की सहायता विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। इससे उन्हें अपनी पढ़ाई के लिए जरूरी तकनीकी संसाधन खरीदने में मदद मिलेगी।

पिछले साल से बढ़ी लाभ लेने वाले छात्रों की संख्या

इस साल MP Laptop Yojana के तहत लाभ लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या पिछले साल की तुलना में बढ़ी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले साल करीब 92 हजार विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए राशि दी गई थी। इस बार यह संख्या बढ़कर 1.21 लाख से अधिक हो गई है।

इस बढ़ोतरी को विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है।

शिक्षा विभाग के अनुसार, विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के प्रयासों से अधिक संख्या में छात्र इस योजना के लिए पात्र बने हैं।

सरकार ने 304 करोड़ रुपये से ज्यादा किए ट्रांसफर

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान 1.21 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों के खातों में 304 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की।

प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को 25 हजार रुपये मिले हैं। यह राशि सीधे बैंक खाते में भेजी गई है।

सरकार की ओर से DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए राशि भेजी गई। इससे पात्र विद्यार्थियों को सीधे आर्थिक सहायता मिलती है।

विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए अलग से राशि उपलब्ध कराई गई है।

विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने की कोशिश

मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।

लैपटॉप योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीण और छोटे शहरों के विद्यार्थियों को भी डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल करने का अवसर मिल सकता है।

आज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से लेकर उच्च शिक्षा तक कई चीजें ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

ऐसे में विद्यार्थियों के पास लैपटॉप होने से वे इन सुविधाओं का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं।

सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट को लेकर भी बात

कार्यक्रम के दौरान स्कूल शिक्षा से जुड़े अधिकारियों और मंत्रियों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलावों का भी उल्लेख किया।

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के अनुसार, 12वीं में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लैपटॉप की राशि दी जा रही है।

उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रयासों की भी सराहना की।

सरकार का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार के लिए अलग-अलग योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं विद्यार्थी?

लैपटॉप के लिए मिलने वाली 25 हजार रुपये की राशि का इस्तेमाल विद्यार्थी अपनी जरूरत के अनुसार लैपटॉप खरीदने में कर सकते हैं।

लैपटॉप का इस्तेमाल कई तरह से किया जा सकता है। उदाहरण के लिए विद्यार्थी ऑनलाइन क्लास कर सकते हैं।

इसके अलावा ई-बुक पढ़ने, नोट्स बनाने, प्रोजेक्ट तैयार करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी लैपटॉप उपयोगी होगा।

NEET, JEE और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए ऑनलाइन स्टडी मटेरियल काफी मददगार हो सकता है।

विद्यार्थियों के लिए सरकार की बड़ी पहल

मध्य प्रदेश में शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में यह योजना विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

MP Laptop Yojana के जरिए अच्छे अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिल रही है।

इससे एक तरफ छात्रों को पढ़ाई के लिए तकनीकी साधन मिलेगा। दूसरी तरफ बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन भी मिलेगा।

योजना का फायदा 1.21 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों तक पहुंचना अपने आप में बड़ी संख्या है।

आगे भी जारी रह सकता है प्रोत्साहन

सरकार की कोशिश है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा जाए।

डिजिटल शिक्षा के बढ़ते महत्व को देखते हुए ऐसी योजनाएं विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हो सकती हैं।

लैपटॉप की मदद से विद्यार्थी अपने घर से भी ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं। इससे उन्हें अलग-अलग शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच मिल सकती है।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश में MP Laptop Yojana के तहत मेधावी विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 लाख 21 हजार 804 विद्यार्थियों के खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की।

कुल 304 करोड़ रुपये से अधिक की राशि विद्यार्थियों के खातों में भेजी गई। वहीं, भोपाल के कार्यक्रम में 10 विद्यार्थियों को मंच पर लैपटॉप भी दिए गए।

इस योजना का लाभ उन विद्यार्थियों को मिला है, जिन्होंने 12वीं कक्षा में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं।

सरकार का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना और उनकी आगे की पढ़ाई को तकनीकी संसाधनों से मजबूत करना है। अब इन विद्यार्थियों के लिए यह आर्थिक सहायता उनकी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कितनी मददगार साबित होती है, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।

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