एशियन गेम्स: भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता सोना, ईरान को हराकर भारत ने जीता तीसरा गोल्ड
एशियन गेम्स 2026 में भारत को एक और बड़ी सफलता मिली है। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया।
इस जीत के साथ भारत के खाते में एशियन गेम्स 2026 का तीसरा गोल्ड आ गया है। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना खिताब बरकरार रखा।
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को हराया
भारतीय महिला कबड्डी टीम और ईरान के बीच फाइनल मुकाबला शनिवार को जापान के आइची-नागोया में खेला गया। मुकाबला शुरुआत से ही कड़ा रहा।
भारत ने शानदार डिफेंस और प्रभावी रेड के दम पर 37-34 से जीत दर्ज की। ईरान ने दूसरे हाफ में जोरदार वापसी की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने आखिरी मिनटों में अपना संयम बनाए रखा।
भारत ने पहले हाफ में 22-16 की बढ़त बना ली थी। हालांकि, दूसरे हाफ में ईरान ने दबाव बढ़ाया और अंतर को काफी कम कर दिया।
इसके बावजूद भारतीय डिफेंस ने अंतिम चरण में अहम टैकल किए। इस तरह टीम ने तीन अंकों से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
भारत के खाते में आया तीसरा गोल्ड
महिला कबड्डी में मिली जीत भारत का एशियन गेम्स 2026 में तीसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने गोल्ड जीता था।
इसके बाद 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में सुरूची सिंह फोगाट और कमलजीत की जोड़ी ने भारत को दूसरा गोल्ड दिलाया था। अब महिला कबड्डी टीम ने तीसरा स्वर्ण अपने नाम किया।
इस जीत के साथ भारत की पदक तालिका में भी इजाफा हुआ है। महिला कबड्डी का गोल्ड भारत के लिए दिन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल रहा।
फाइनल में भारत ने कैसे बनाई बढ़त?
मुकाबले की शुरुआत दोनों टीमों के बीच बराबरी की रही। शुरुआती मिनटों में स्कोर 5-5 से बराबर था।
इसके बाद भारतीय टीम ने अपनी रणनीति में बदलाव किया। भारतीय डिफेंस ने ईरानी रेडर्स पर दबाव बनाया और टीम ने धीरे-धीरे बढ़त हासिल कर ली।
भारत ने पहले हाफ के दौरान ऑलआउट भी हासिल किया। इसके बाद टीम ने 22-16 की बढ़त के साथ हाफ टाइम किया।
दूसरे हाफ में ईरान ने आक्रामक खेल दिखाया। एक समय ईरान ने भारत की बढ़त को सिर्फ एक अंक तक सीमित कर दिया।
यह मुकाबले का सबसे दबाव वाला दौर था। हालांकि, भारत ने इसके बाद फिर से अपनी बढ़त बढ़ाई और अंत में 37-34 से जीत दर्ज की।
आखिरी मिनटों में भारतीय डिफेंस ने दिखाया दम
फाइनल के आखिरी मिनटों में ईरान लगातार अंक हासिल करने की कोशिश कर रहा था। भारतीय टीम पर मुकाबला हाथ से निकलने का दबाव था।
ऐसे समय में भारतीय डिफेंस ने अहम भूमिका निभाई। खिलाड़ियों ने जरूरी टैकल किए और ईरान को लगातार अंक बनाने से रोका।
आखिरी चरण में भारत ने अपनी तीन अंकों की बढ़त बचाए रखी। इसके साथ ही भारतीय टीम ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में महिला कबड्डी का गोल्ड जीत लिया।
भारतीय महिला कबड्डी टीम का चौथा एशियन गेम्स गोल्ड
इस जीत के साथ भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स इतिहास में अपना चौथा स्वर्ण पदक जीता है। भारत ने 2010, 2014 और 2022 में भी महिला कबड्डी का गोल्ड जीता था।
साल 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में भारत को स्वर्ण नहीं मिला था। उस संस्करण में ईरान ने खिताब जीता था।
अब 2026 में भारत ने एक बार फिर ईरान को फाइनल में हराकर खिताब अपने नाम किया है।
महिला कबड्डी एशियन गेम्स में 2010 से शामिल है। भारत ने अब तक इस स्पर्धा में चार बार स्वर्ण पदक जीता है।
पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा भारत
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में पूरे अभियान के दौरान शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने ग्रुप चरण से लेकर फाइनल तक अपना दबदबा बनाए रखा।
भारत ने ग्रुप चरण में बांग्लादेश और जापान को हराया था। टीम ने ईरान को भी ग्रुप मुकाबले में मात दी थी।
इसके बाद सेमीफाइनल में भारत ने नेपाल को 48-24 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इस जीत ने टीम का आत्मविश्वास और बढ़ाया।
फाइनल में भी टीम ने शुरुआती बढ़त हासिल की। हालांकि, ईरान ने दूसरे हाफ में कड़ी चुनौती दी। भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव में बेहतर प्रदर्शन किया।
कप्तान पुष्पा राणा की अगुआई में मिली जीत
इस बार भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तानी पुष्पा राणा के हाथों में है। टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा खिलाड़ियों का भी अच्छा संतुलन रहा।
पिछले एशियन गेम्स में रितु नेगी ने भारतीय टीम की कप्तानी की थी। भारत ने तब भी स्वर्ण पदक जीता था।
इस बार कप्तानी की जिम्मेदारी पुष्पा राणा को मिली और टीम ने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। रितु नेगी भी टीम में अपने अनुभव के साथ मौजूद रहीं।
ईरान ने दूसरे हाफ में दी कड़ी चुनौती
ईरान की टीम ने फाइनल में हार नहीं मानी। पहले हाफ में छह अंकों से पीछे रहने के बाद उसने दूसरे हाफ में भारतीय टीम पर दबाव बढ़ाया।
एक समय ईरान भारत की बढ़त को सिर्फ एक अंक तक ले आया था। इससे मुकाबला काफी रोमांचक हो गया।
इसके बाद भारतीय टीम ने लगातार महत्वपूर्ण अंक हासिल किए। डिफेंस ने भी सही समय पर टैकल किए और भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया।
अब पुरुष कबड्डी टीम पर भी नजर
महिला टीम के गोल्ड जीतने के बाद अब भारतीय पुरुष कबड्डी टीम भी खिताबी मुकाबले में उतरेगी। पुरुष टीम का सामना भी ईरान से होना है।
भारतीय पुरुष टीम ने 2018 में खिताब गंवाने के बाद 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में फिर स्वर्ण पदक जीता था। अब टीम के पास एक बार फिर गोल्ड जीतने का मौका है।
अगर पुरुष टीम भी फाइनल जीतती है, तो भारत के कबड्डी अभियान में महिला और पुरुष दोनों वर्गों से स्वर्ण पदक आ सकते हैं।
एशियन गेम्स में भारत के लिए शानदार दिन
26 सितंबर भारत के लिए एशियन गेम्स में पदकों के लिहाज से व्यस्त दिन रहा। महिला कबड्डी के गोल्ड के अलावा भारत ने एथलेटिक्स, शूटिंग और स्क्वैश में भी पदक जीते।
सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन में रजत पदक जीता। यह एशियन गेम्स में पुरुष मैराथन में भारत का 44 साल बाद पदक रहा।
वहीं, महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में भारत ने रजत पदक जीता। स्क्वैश मिश्रित युगल में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने कांस्य पदक हासिल किया।
भारतीय महिला कबड्डी टीम की जीत की खास बातें
- भारत ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराया।
- भारतीय टीम ने लगातार दूसरी बार महिला कबड्डी का गोल्ड जीता।
- यह एशियन गेम्स में भारत का चौथा महिला कबड्डी स्वर्ण है।
- भारत का 2026 एशियन गेम्स में यह तीसरा गोल्ड है।
- भारत पूरे महिला कबड्डी अभियान में अजेय रहा।
- पुरुष कबड्डी टीम का फाइनल भी ईरान के खिलाफ होना है।
निष्कर्ष
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीत लिया। फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर भारत ने लगातार दूसरी बार इस खिताब पर कब्जा किया।
इस जीत के साथ भारत के खाते में एशियन गेम्स 2026 का तीसरा स्वर्ण पदक आ गया है। अब सभी की नजर भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के फाइनल मुकाबले पर है।

