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UNGA में आज जयशंकर का संबोधन, भारत का पक्ष रखेंगे; पाकिस्तान पर रहेगी नजर

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में विदेश मंत्री एस जयशंकर का संबोधन, भारत का पक्ष और पाकिस्तान पर नजर - News Critic

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में आज भारत की अहम मौजूदगी रहेगी। विदेश मंत्री एस जयशंकर महासभा के उच्चस्तरीय सत्र को संबोधित करेंगे।

उनका संबोधन न्यूयॉर्क में भारतीय समय के अनुसार शनिवार को होगा। इस दौरान भारत की विदेश नीति और वैश्विक मुद्दों पर देश का पक्ष सामने आएगा।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पहले ही UNGA में भारत से जुड़े मुद्दे उठा चुके हैं। ऐसे में जयशंकर के भाषण पर खास नजर बनी हुई है।

आज होगा जयशंकर का UNGA संबोधन

विदेश मंत्री एस जयशंकर 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। वह इस बार संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर 81वें UNGA के उच्चस्तरीय सप्ताह में हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कई देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक भी की है।

UNGA का सामान्य बहस सत्र 22 सितंबर से 28 सितंबर तक चल रहा है। इस दौरान दुनिया के कई बड़े नेता वैश्विक मुद्दों पर अपनी बात रख रहे हैं।

इस सत्र में युद्ध, सुरक्षा, ऊर्जा और वैश्विक सहयोग जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। ऐसे में भारत के संबोधन को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत किन मुद्दों पर रख सकता है अपना पक्ष?

जयशंकर के भाषण का पूरा आधिकारिक पाठ संबोधन से पहले उपलब्ध नहीं है। इसलिए भाषण में उठाए जाने वाले हर मुद्दे को लेकर अभी निश्चित दावा करना सही नहीं होगा।

हालांकि, मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए कई मुद्दे चर्चा में रह सकते हैं। इनमें आतंकवाद, वैश्विक सुरक्षा और बहुपक्षीय सहयोग शामिल हैं।

भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर देता रहा है। इसके अलावा भारत विकासशील देशों की आवाज को वैश्विक मंच पर रखने की बात भी करता रहा है।

UNGA का मंच भारत के लिए इन मुद्दों पर अपनी नीति रखने का महत्वपूर्ण अवसर है। जयशंकर के संबोधन में इन्हीं विषयों पर दुनिया की नजर रहेगी।

पाकिस्तान के बयान से बढ़ी नजर

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 25 सितंबर को UNGA में भाषण दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कश्मीर का मुद्दा उठाया।

शरीफ ने 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष का भी जिक्र किया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका को लेकर भी बयान दिया।

भारत पहले भी कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के दावों को खारिज करता रहा है। भारत का आधिकारिक रुख है कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न हिस्सा है।

ऐसे में जयशंकर के आज के संबोधन में पाकिस्तान से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान रहेगा। हालांकि, उनके भाषण में किन मुद्दों को कितना स्थान मिलेगा, यह संबोधन के बाद ही स्पष्ट होगा।

सिंधु जल संधि पर भी पाकिस्तान ने उठाई बात

शहबाज शरीफ ने अपने UNGA भाषण में सिंधु जल संधि का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने भारत के फैसले पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने या मोड़ने की कोशिश को उनका देश गंभीरता से लेगा। उन्होंने इसे युद्ध की कार्रवाई के रूप में लेने की बात कही।

भारत की ओर से इस मुद्दे पर पहले ही अलग रुख सामने आ चुका है। ऐसे में UNGA में दोनों देशों के बयानों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।

जयशंकर के भाषण में इस मुद्दे का जिक्र होता है या नहीं, यह आज स्पष्ट होगा। इसलिए फिलहाल किसी संभावित बयान को निश्चित रूप में पेश करना उचित नहीं है।

पाकिस्तान के पत्रकार को जयशंकर का जवाब

जयशंकर के UNGA संबोधन से पहले न्यूयॉर्क में एक और घटना चर्चा में रही। शुक्रवार को एक पाकिस्तानी पत्रकार ने जयशंकर से आतंकवाद को लेकर सवाल पूछा।

पत्रकार ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। इस पर जयशंकर ने जवाब दिया, “A terrorist country is asking me that question.”

यह बातचीत UN मुख्यालय में एक प्रेस कार्यक्रम के दौरान हुई। जयशंकर उस कार्यक्रम में लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेयसोलेव न्यांती के साथ मौजूद थे।

दोनों देशों ने इस दौरान समुद्री सुरक्षा से जुड़ी एक नई पहल की जानकारी दी। इसका उद्देश्य जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाना है।

आतंकवाद का मुद्दा क्यों अहम है?

भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है। पाकिस्तान के साथ संबंधों में भी यह एक प्रमुख विवाद का विषय रहा है।

पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा था। इसके बाद मई 2025 में दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई हुई थी।

भारत ने उस समय आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को अपनी सुरक्षा से जोड़ा था। पाकिस्तान ने भारत के आरोपों पर अलग रुख रखा है।

इसलिए UNGA जैसे मंच पर आतंकवाद का मुद्दा दोनों देशों के लिए संवेदनशील है। जयशंकर के आज के संबोधन में इस विषय को लेकर भी ध्यान रहेगा।

वैश्विक मुद्दों के बीच भारत का रुख

इस साल UNGA ऐसे समय हो रहा है, जब दुनिया कई बड़े संकटों से गुजर रही है। पश्चिम एशिया में तनाव और अन्य क्षेत्रों में संघर्ष चर्चा के प्रमुख विषय हैं।

ऊर्जा सुरक्षा भी कई देशों के लिए बड़ी चिंता बनी हुई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है।

यूक्रेन युद्ध और वैश्विक व्यापार से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में हैं। इसके साथ ही बहुपक्षीय संस्थाओं की भूमिका पर भी बहस जारी है।

भारत ऐसे मामलों में संवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर अपनी बात रखता रहा है। इसलिए जयशंकर का भाषण केवल भारत-पाकिस्तान संबंधों तक सीमित नहीं माना जा रहा है।

जयशंकर की UNGA यात्रा में कई बैठकें

जयशंकर ने UNGA के दौरान कई देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की है। इनमें फ्रांस, इक्वाडोर, स्लोवाकिया और स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्री शामिल हैं।

इन बैठकों में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत हुई। भारत-फ्रांस संबंधों को लेकर भी दोनों पक्षों ने चर्चा की।

जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और BRICS सहयोग की समीक्षा की।

इससे साफ है कि UNGA यात्रा के दौरान भारत का फोकस कई मुद्दों पर है। जयशंकर का मुख्य संबोधन इसी व्यापक कूटनीतिक गतिविधि के बीच होगा।

भारत और पाकिस्तान पर दुनिया की नजर

पाकिस्तान का UNGA संबोधन पहले ही हो चुका है। अब भारत की ओर से जयशंकर का संबोधन बाकी है।

दोनों देशों ने कश्मीर और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अलग-अलग रुख रखा है। ऐसे में भारत के जवाब या प्रतिक्रिया से जुड़े बयानों पर ध्यान रहेगा।

हालांकि, जयशंकर के भाषण से पहले यह कहना सही नहीं होगा कि वह किस मुद्दे पर क्या कहेंगे। आधिकारिक संबोधन के बाद ही भारत की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।

भारत के लिए UNGA का महत्व

संयुक्त राष्ट्र महासभा दुनिया के सबसे बड़े बहुपक्षीय मंचों में से एक है। यहां भारत को अपनी विदेश नीति और वैश्विक प्राथमिकताओं को सामने रखने का अवसर मिलता है।

भारत दुनिया के विकासशील देशों से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी भूमिका रखता है। इसके अलावा आतंकवाद, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक सहयोग जैसे विषय भारत की कूटनीति में अहम हैं।

जयशंकर का अनुभव ऐसे मंचों पर भारत की स्थिति रखने में महत्वपूर्ण रहा है। इसलिए उनके आज के संबोधन को लेकर देश और विदेश में रुचि बनी हुई है।

आज के संबोधन से क्या होगा साफ?

जयशंकर का UNGA संबोधन आज भारत की आधिकारिक स्थिति को सामने रखेगा। इसमें वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भारत की प्राथमिकताएं स्पष्ट हो सकती हैं।

पाकिस्तान के हालिया बयान के बाद दोनों देशों के रुख पर भी ध्यान रहेगा। खासकर कश्मीर, आतंकवाद और सिंधु जल संधि से जुड़े मुद्दे चर्चा में हैं।

फिर भी, किसी संभावित बयान को पहले से तय मानना सही नहीं होगा। जयशंकर के संबोधन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि भारत ने किन मुद्दों पर क्या कहा।

निष्कर्ष

UNGA में आज जयशंकर का संबोधन भारत की कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है। विदेश मंत्री 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में भारत का पक्ष रखेंगे।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक दिन पहले कश्मीर और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया था। इसके बाद जयशंकर के संबोधन पर नजर और बढ़ गई है।

जयशंकर पहले ही न्यूयॉर्क में आतंकवाद से जुड़े एक सवाल पर पाकिस्तानी पत्रकार को जवाब दे चुके हैं। अब उनके UNGA भाषण में भारत की आधिकारिक स्थिति पर दुनिया की नजर रहेगी।

आज के संबोधन के बाद भारत के रुख और प्राथमिकताओं की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

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