नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई: दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन कवच-15.0, 1708 ठिकानों पर छापे और 256 गिरफ्तार
दिल्ली में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ऑपरेशन कवच-15.0 के तहत दिल्ली पुलिस ने 1,708 ठिकानों पर छापेमारी और जांच की। इस कार्रवाई में एनडीपीएस एक्ट के तहत 214 मामले दर्ज किए गए।
पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान 256 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। कार्रवाई में गांजा, हेरोइन, कोकीन, एमडीएमए और चरस समेत कई तरह के नशीले पदार्थ बरामद किए गए।
ऑपरेशन कवच-15.0 में 1708 ठिकानों पर कार्रवाई
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन का मुख्य चरण 24 सितंबर की शाम 6 बजे से 26 सितंबर की शाम 6 बजे तक चला। इसके बाद पुलिस ने 1 अक्टूबर की शाम तक कई मामलों में आगे की कार्रवाई जारी रखी।
इस अभियान में दिल्ली के सभी जिलों की पुलिस इकाइयां शामिल हुईं। इसके अलावा क्राइम ब्रांच, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स और स्पेशल सेल ने भी कार्रवाई की।
पुलिस ने अलग-अलग इलाकों में संदिग्ध ठिकानों की जांच की। इसके साथ ही पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और खुफिया जानकारी के आधार पर कई लोगों को निशाना बनाया गया।
256 आरोपी गिरफ्तार, 214 मामले दर्ज
पुलिस की कार्रवाई में एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 214 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में 256 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार लोगों में एक नाबालिग भी शामिल है। इसके अलावा 15 घोषित अपराधियों को पकड़ा गया। सात अन्य वांछित आरोपियों को भी तलाश कर गिरफ्तार किया गया।
अभियान के दौरान 140 ऐसे लोगों की भी जांच की गई, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस के पास था। नशीली गतिविधियों से जुड़े पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
ऑपरेशन कवच-15.0 में भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद
पुलिस ने अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में अलग-अलग नशीले पदार्थ बरामद किए। इनमें सबसे अधिक मात्रा गांजे की रही।
बरामदगी में शामिल प्रमुख नशीले पदार्थ इस प्रकार हैं:
- 111.748 किलोग्राम गांजा
- 3.959 किलोग्राम स्मैक और हेरोइन
- 107.43 ग्राम कोकीन
- 684.22 ग्राम एमडीएमए
- 1.057 किलोग्राम चरस
- एम्फेटामाइन की गोलियां
- अल्प्राजोलम और बुप्रेनॉर्फिन की गोलियां
- ट्रामाडोल के 8,026 कैप्सूल
- मॉर्फिन और अन्य नशीले पदार्थ
इसके अलावा पुलिस ने करीब 23 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की। अधिकारियों के अनुसार, यह रकम नशे के कारोबार से जुड़ी होने के संदेह में जब्त की गई।
द्वारका और अन्य इलाकों में भी बड़ी कार्रवाई
अभियान के दौरान दिल्ली के कई इलाकों में अलग-अलग कार्रवाई हुई। द्वारका में पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा। उसके पास से एमडीएमए, एम्फेटामाइन, कोकीन और एलएसडी से जुड़े पदार्थ बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में करीब 19 लाख रुपये की नकदी भी मिली। जांच के दौरान दो विदेशी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया।
वहीं, रोहिणी और नरेला क्षेत्र में भी हेरोइन की बरामदगी हुई। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 801 ग्राम हेरोइन बरामद करने की जानकारी दी।
तीन नाइजीरियाई नागरिक भी गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई में तीन नाइजीरियाई नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, उनके पास से 417 ग्राम एमडीएमए और 105 ग्राम कोकीन बरामद हुई।
जांच आगे बढ़ने पर एक अन्य आरोपी के पास से भी एमडीएमए बरामद होने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब इन मामलों में ड्रग्स की सप्लाई से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
ऐसे मामलों में पुलिस का फोकस केवल नशीला पदार्थ रखने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता। जांच के दौरान सप्लायर और वितरण से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाने की कोशिश भी की जाती है।
ड्रग्स की पूरी सप्लाई चेन तोड़ने पर जोर
दिल्ली पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन कवच-15.0 का उद्देश्य केवल नशा बेचने वालों को गिरफ्तार करना नहीं है। पुलिस ड्रग्स की पूरी सप्लाई चेन की जानकारी जुटाने पर भी काम कर रही है।
इसके तहत नशीले पदार्थों के स्रोत, सप्लायर, वितरण नेटवर्क और पैसों के लेन-देन की जांच की जा रही है। पुलिस ने वित्तीय जांच और आपराधिक नेटवर्क की कड़ियों को समझने पर भी जोर दिया है।
इस तरह की कार्रवाई में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना रहती है। जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर पुलिस दूसरे आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश करती है।
ऑपरेशन कवच की कार्रवाई पहले भी जारी रही है
दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन कवच कोई पहली ऐसी कार्रवाई नहीं है। गृह मंत्रालय के मार्च 2026 के लोकसभा जवाब के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने मई 2023 से जनवरी 2026 तक ऑपरेशन कवच के 12 विशेष अभियान चलाए थे।
इस अवधि में 9,694 स्थानों पर छापे मारे गए। इन अभियानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत 851 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा दिल्ली आबकारी अधिनियम के तहत 1,690 मामले दर्ज हुए और 2,640 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
ऑपरेशन कवच-15.0 इसी अभियान की आगे की कार्रवाई के रूप में सामने आया है। इस बार भी पुलिस ने कई विभागों को साथ लेकर बड़े स्तर पर कार्रवाई की।
दिल्ली में नशे के नेटवर्क पर पुलिस की नजर
नशीले पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क कई स्तरों पर काम कर सकता है। ऐसे में केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी से पूरा नेटवर्क खत्म नहीं होता।
इसी वजह से पुलिस सप्लाई के स्रोत और पैसों के लेन-देन की जांच पर जोर दे रही है। साथ ही, पुराने मामलों में वांछित आरोपियों को पकड़ने की कोशिश भी की जा रही है।
ऑपरेशन कवच-15.0 में घोषित अपराधियों और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी भी इसी रणनीति का हिस्सा रही। इसके अलावा संदिग्ध लोगों और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों की जांच की गई।
आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि नशे के कारोबार से जुड़े मामलों में निगरानी बढ़ाई जा रही है। पुलिस अलग-अलग इकाइयों के बीच तालमेल के जरिए तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल ऑपरेशन कवच-15.0 के दौरान दर्ज मामलों की जांच जारी है। बरामद नशीले पदार्थों और गिरफ्तार आरोपियों से जुड़ी जानकारी के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है।
ऐसे में आने वाले दिनों में सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। हालांकि, किसी भी आरोपी के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा।
निष्कर्ष
ऑपरेशन कवच-15.0 के तहत दिल्ली पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। 1,708 ठिकानों पर जांच के दौरान 214 एनडीपीएस मामले दर्ज हुए और 256 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा बड़ी मात्रा में गांजा, हेरोइन, कोकीन, एमडीएमए और अन्य नशीले पदार्थ बरामद हुए। अब पुलिस का फोकस ड्रग्स की सप्लाई और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क की कड़ियों को तलाशने पर है।

