रामपुर पहुंची ED की टीम, आजम खान से पूछताछ शुरू; अब्दुल्ला आजम पर भी नजर
रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान से पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पहुंची है। जांच एजेंसी जौहर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेन-देन और धन के स्रोत की पड़ताल कर रही है। इस मामले में आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम से भी पूछताछ किए जाने की संभावना है।
जांच एजेंसी अब तक ट्रस्ट से जुड़े कई लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। अब इन बयानों और दस्तावेजों का मिलान आजम खान से पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारियों से किया जा सकता है। इस कार्रवाई से जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
रामपुर जेल पहुंची ED की टीम
मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को लखनऊ से प्रवर्तन निदेशालय की टीम रामपुर जिला जेल पहुंची। टीम में चार अधिकारी शामिल बताए गए हैं। अधिकारियों ने जेल में आजम खान से जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले में पूछताछ शुरू की।
जांच एजेंसी का उद्देश्य ट्रस्ट के कामकाज, उसके वित्तीय लेन-देन और उससे जुड़े फैसलों के बारे में जानकारी जुटाना है। इसके अलावा, पहले पूछताछ किए गए लोगों के बयानों का सत्यापन भी किया जा रहा है।
जांच के दौरान एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि ट्रस्ट को मिली रकम कहां से आई। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि धनराशि किन माध्यमों से ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी तक पहुंची।
फिलहाल पूछताछ के सभी सवालों और आजम खान के जवाबों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। इसलिए जांच के अंतिम नतीजों को लेकर अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
जौहर ट्रस्ट के करोड़ों रुपये के लेन-देन की जांच
आजम खान से ED की पूछताछ का मुख्य केंद्र जौहर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेन-देन बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाना चाहती है कि ट्रस्ट को मिलने वाले चंदे और अन्य रकम का स्रोत क्या था।
जौहर ट्रस्ट का संबंध रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से है। आजम खान इस विश्वविद्यालय के संस्थापक हैं। ट्रस्ट के कामकाज और विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच में कई तरह के लेन-देन की पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसी अलग-अलग कंपनियों, बैंक खातों और ट्रस्ट के बीच हुए लेन-देन का ब्योरा जुटा रही है। इसके साथ ही, दान के रूप में मिली रकम और विश्वविद्यालय के निर्माण पर हुए खर्च से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
जांच में एस एंड ए समेत 11 फर्मों के माध्यम से जौहर यूनिवर्सिटी को करोड़ों रुपये का दान दिए जाने का पहलू भी शामिल बताया गया है। ED यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन कंपनियों से रकम किस माध्यम से आई और उसका वास्तविक स्रोत क्या था।
हालांकि, किसी वित्तीय लेन-देन की जांच होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। एजेंसी को संबंधित दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि करनी होगी।
अब्दुल्ला आजम से भी हो सकती है पूछताछ
इस मामले में आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम से भी पूछताछ किए जाने की संभावना है। जांच एजेंसी ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेन-देन और संबंधित लोगों की भूमिका को समझने के लिए जानकारी जुटा रही है।
अब्दुल्ला आजम से पूछताछ होने पर एजेंसी ट्रस्ट के कामकाज और उससे जुड़े मामलों में उनकी जानकारी या भूमिका से संबंधित सवाल कर सकती है। हालांकि, उनसे पूछताछ की निश्चित तारीख और विस्तृत प्रक्रिया को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
जांच एजेंसी का उद्देश्य संबंधित लोगों के बयानों और दस्तावेजों के बीच किसी अंतर की पहचान करना है। इसके आधार पर आगे की जांच की दिशा तय हो सकती है।
इस मामले में यह स्पष्ट रहना जरूरी है कि पूछताछ की संभावना या जांच के दायरे में नाम आने से किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो जाते। अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाएगा।
आजम खान के करीबियों से पहले ही हो चुकी है पूछताछ
ED इस मामले में आजम खान से जुड़े कई लोगों से पहले ही पूछताछ कर चुकी है। इनमें ठेकेदार सलीम, चार्टर्ड अकाउंटेंट दीपक गोयल और समाजवादी पार्टी के विधायक नसीर अहमद खान के नाम शामिल हैं।
जांच एजेंसी ने जौहर ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से संबंधित वित्तीय मामलों को समझने के लिए इन लोगों से जानकारी जुटाई है। अब उनके बयानों का मिलान अन्य दस्तावेजों और आजम खान से पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों से किया जा सकता है।
सलीम से दो बार पूछताछ
आजम खान और अब्दुल्ला आजम के करीबी माने जाने वाले सलीम से ED पहले दो बार पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी ने उनसे ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेन-देन और संबंधित फर्मों के बारे में जानकारी मांगी थी।
अब सलीम को तीसरी बार पूछताछ के लिए बुलाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। एजेंसी उनके बयानों और दस्तावेजों का मिलान कर रही है।
इसके अलावा, आजम खान के एक अन्य करीबी अनवर से भी 14 अक्टूबर को पूछताछ किए जाने की संभावना बताई गई है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम स्थिति की पुष्टि जरूरी है।
चार्टर्ड अकाउंटेंट और विधायक से भी मांगी जानकारी
ED ने चार्टर्ड अकाउंटेंट दीपक गोयल से भी ट्रस्ट के खातों और विश्वविद्यालय के निर्माण पर हुए खर्च से जुड़े सवाल किए थे।
वहीं, रामपुर की चमरौआ विधानसभा सीट से सपा विधायक नसीर अहमद खान से भी पूछताछ की गई थी। उनसे जौहर ट्रस्ट में उनकी भूमिका, दान और विश्वविद्यालय के निर्माण से जुड़े मामलों पर जानकारी मांगी गई थी।
इन बयानों के आधार पर एजेंसी वित्तीय लेन-देन की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।
अगस्त में कई ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
जौहर ट्रस्ट मामले की जांच के तहत ED ने 19 अगस्त को रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में ट्रस्ट, जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खान से जुड़े परिसरों की जांच की गई थी।
छापेमारी के दौरान एजेंसी ने विश्वविद्यालय के निर्माण खर्च, ट्रस्ट को मिले चंदे और वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की थी।
इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और ट्रस्ट से जुड़े लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। सितंबर के अंतिम सप्ताह से अक्टूबर तक अलग-अलग लोगों के बयान दर्ज किए गए।
अब आजम खान से पूछताछ को इसी जांच की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। एजेंसी पहले से जुटाई गई जानकारी के आधार पर वित्तीय लेन-देन से जुड़े सवालों के जवाब तलाश रही है।
जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण खर्च पर भी सवाल
जांच एजेंसी जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण और उसके लिए धन की व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। इसमें यह समझने की कोशिश की जा रही है कि निर्माण कार्यों के लिए रकम कहां से आई और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।
इसके साथ ही ट्रस्ट को मिले दान, संबंधित कंपनियों की भूमिका और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच भी महत्वपूर्ण है। एजेंसी यह पता लगाना चाहती है कि सभी लेन-देन के पीछे वैध स्रोत और उचित दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं।
जांच में ट्रस्ट के फैसलों और संबंधित लोगों की जिम्मेदारियों को समझना भी जरूरी है। इसी वजह से अलग-अलग लोगों से पूछताछ की जा रही है।
हालांकि, जांच के दौरान उठाए गए सवालों और साबित हुए आरोपों में अंतर होता है। किसी भी कथित अनियमितता पर अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकता है।
क्या बुधवार तक जारी रह सकती है पूछताछ?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आजम खान से पूछताछ बुधवार तक जारी रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि, इसकी अवधि जांच की जरूरतों और संबंधित अधिकारियों के फैसले पर निर्भर करेगी।
यदि पूछताछ के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं, तो एजेंसी संबंधित लोगों से दोबारा जानकारी मांग सकती है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त दस्तावेज भी तलब किए जा सकते हैं।
फिलहाल जांच एजेंसी का ध्यान ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड, दान की रकम के स्रोत और संबंधित लोगों के बयानों का सत्यापन करने पर है।
निष्कर्ष
रामपुर जेल में आजम खान से ED की पूछताछ जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। एजेंसी करोड़ों रुपये के दान, कंपनियों के माध्यम से हुए लेन-देन और विश्वविद्यालय के निर्माण खर्च से जुड़े सवालों के जवाब तलाश रही है।
इस मामले में अब्दुल्ला आजम से भी पूछताछ की संभावना है। वहीं, पहले पूछताछ किए गए लोगों के बयानों और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पूछताछ के बाद ED क्या जानकारी सार्वजनिक करती है और मामले में आगे कौन-से कानूनी कदम उठाए जाते हैं।

