छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 12,489 पदों के विज्ञापन में लागू आरक्षण रोस्टर निरस्त
छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती और आरक्षण रोस्टर को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने 14 अक्टूबर 2026 को वर्ष 2023 में जारी शिक्षक भर्ती के विज्ञापन को उस सीमा तक निरस्त कर दिया, जिसमें पहले रद्द की जा चुकी आरक्षण व्यवस्था और उससे जुड़े मॉडल रोस्टर को लागू किया गया था। यह भर्ती कुल 12,489 पदों के लिए निकाली गई थी।
अदालत के फैसले का असर भर्ती प्रक्रिया और नियुक्तियों की स्थिति पर पड़ सकता है। हालांकि, हाईकोर्ट ने पहले से नियुक्त शिक्षकों की सेवाएं तत्काल समाप्त करने का आदेश नहीं दिया है। उनकी नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के अंतिम फैसले के अधीन रहेंगी।
क्या है पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने 4 मई 2023 को शिक्षक और सहायक शिक्षक के 12,489 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती में 29 नवंबर 2012 की आरक्षण अधिसूचना और उससे जुड़े मॉडल रोस्टर के आधार पर पदों का आरक्षण निर्धारित किया गया था।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 19 सितंबर 2022 को संबंधित आरक्षण व्यवस्था को असंवैधानिक ठहराते हुए निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद उसी व्यवस्था के आधार पर भर्ती विज्ञापन जारी किए जाने को चुनौती दी गई।
हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया?
जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने भर्ती विज्ञापन को विवादित आरक्षण व्यवस्था लागू किए जाने की सीमा तक निरस्त कर दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के 1 मई 2023 के आदेश के तहत भर्ती प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति मिली थी, लेकिन इससे विवादित आरक्षण व्यवस्था को अंतिम कानूनी मान्यता नहीं मिल गई थी।
राज्य सरकार को कानून के अनुसार रिक्तियों और आरक्षण रोस्टर की समीक्षा करनी होगी। नियुक्तियां और उनसे जुड़े पदोन्नति संबंधी अधिकार सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगे।
क्या पहले से नियुक्त शिक्षकों की नौकरी जाएगी?
इस फैसले के बाद नियुक्त शिक्षकों के मन में सबसे बड़ा सवाल नौकरी की सुरक्षा को लेकर है। फिलहाल, हाईकोर्ट ने पहले से नियुक्त शिक्षकों की सेवाएं तत्काल समाप्त करने का आदेश नहीं दिया है।
हालांकि, उनकी नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन रहेंगी। इसलिए आगे की स्थिति लंबित मामलों के नतीजे और राज्य सरकार की ओर से की जाने वाली कानूनी कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
भर्ती अभ्यर्थियों पर क्या पड़ेगा असर?
इस फैसले के बाद भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण रोस्टर और रिक्तियों की समीक्षा महत्वपूर्ण होगी। उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अदालत ने पूरे भर्ती तंत्र को तत्काल रोकने के बजाय विवादित आरक्षण व्यवस्था के आधार पर जारी विज्ञापन को संबंधित सीमा तक निरस्त किया है।
आगे की प्रक्रिया के संबंध में राज्य सरकार के आदेश और अदालतों में लंबित मामलों की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी।

