एशियन पैरा गेम्स 2026: मोना अग्रवाल ने भारत को दिलाया पहला गोल्ड
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने शानदार शुरुआत की है। भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश का खाता खोला। उन्होंने 250.0 अंक हासिल करके नया एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया।
इस मुकाबले में भारत को दोहरी सफलता मिली। पैरालंपिक चैंपियन अवनि लेखरा ने 249.6 अंकों के साथ रजत पदक अपने नाम किया। दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच स्वर्ण पदक के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिला। आखिरकार मोना ने अवनि को केवल 0.4 अंक से पीछे छोड़ दिया।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन देश के लिए गर्व का पल बन गया है। मोना की जीत ने न केवल भारत को पहला स्वर्ण दिलाया, बल्कि प्रतियोगिता के शुरुआती दिन ही भारतीय निशानेबाजी की ताकत भी दिखाई।
10 मीटर एयर राइफल में मोना का शानदार प्रदर्शन
महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा में मोना अग्रवाल ने बेहतरीन निशाना लगाया। फाइनल में उन्होंने कुल 250.0 अंक हासिल किए। यह स्कोर एशियन पैरा गेम्स का नया रिकॉर्ड बना।
अवनि लेखरा ने भी शानदार प्रदर्शन किया। वह 249.6 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। दोनों खिलाड़ियों के बीच अंतर बेहद कम रहा। मोना ने अंतिम चरण में अपनी बढ़त कायम रखी और स्वर्ण पदक जीत लिया।
दक्षिण कोरिया की ली युनरी ने इस स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। इस तरह भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के पहले दिन स्वर्ण और रजत दोनों पदक जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
कौन हैं मोना अग्रवाल?
मोना अग्रवाल राजस्थान के सीकर की रहने वाली हैं। उन्होंने पैरा शूटिंग में अपनी मेहनत और निरंतर अभ्यास से अलग पहचान बनाई है। शूटिंग में आने से पहले वह कई अन्य खेलों में भी हिस्सा ले चुकी हैं।
मोना को बचपन में पोलियो हुआ था, जिससे उनके दोनों पैर प्रभावित हुए। इसके बावजूद उन्होंने खेलों में आगे बढ़ने का रास्ता चुना। उन्होंने पैरा एथलेटिक्स और पैरा पावरलिफ्टिंग में भी हिस्सा लिया। इसके अलावा वह सिटिंग वॉलीबॉल से भी जुड़ी रहीं।
मोना ने दिसंबर 2021 में राइफल शूटिंग में प्रतिस्पर्धा शुरू की। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की। वर्ष 2023 में उन्होंने पैरा शूटिंग विश्व कप में भी पदक जीते। अब एशियन पैरा गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपने खेल करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।
पेरिस पैरालंपिक में भी जीत चुकी हैं पदक
मोना अग्रवाल का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन पहले भी शानदार रहा है। उन्होंने पेरिस पैरालंपिक 2024 में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। उस उपलब्धि के बाद वह भारतीय पैरा निशानेबाजी की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हुईं।
पैरालंपिक में पदक जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। मोना ने इसके बाद भी अपने अभ्यास और प्रदर्शन पर ध्यान बनाए रखा। एशियन पैरा गेम्स में स्वर्ण जीतना उनके इसी निरंतर प्रयास का परिणाम है।
उनकी सफलता यह भी दिखाती है कि खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रतिभा के साथ धैर्य और अनुशासन महत्वपूर्ण हैं। अलग-अलग खेलों में अनुभव हासिल करने के बाद शूटिंग में अपना करियर बनाना उनके सफर का खास पहलू रहा है।
अवनि लेखरा ने जीता रजत पदक
भारत की अवनि लेखरा ने भी इस स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 249.6 अंक हासिल करके रजत पदक जीता। अवनि पैरालंपिक खेलों में दो स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी में उनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है।
इस मुकाबले में अवनि और मोना के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। दोनों खिलाड़ियों ने फाइनल में शानदार निशाना लगाया। हालांकि, अंतिम परिणाम में मोना ने 0.4 अंक की बढ़त के साथ पहला स्थान हासिल किया।
अवनि का रजत पदक भी भारत के लिए महत्वपूर्ण रहा। एक ही स्पर्धा में स्वर्ण और रजत जीतने से देश ने प्रतियोगिता में मजबूत शुरुआत की। दोनों खिलाड़ियों की सफलता भारतीय पैरा खेलों के बढ़ते स्तर को भी दर्शाती है।
क्या है एसएच1 श्रेणी?
एसएच1 पैरा शूटिंग की एक श्रेणी है। इसमें ऐसे निशानेबाज प्रतिस्पर्धा करते हैं, जिनके निचले अंगों में शारीरिक दिव्यांगता होती है। इस श्रेणी में खिलाड़ियों को निर्धारित नियमों के अनुसार निशाना लगाना होता है।
पैरा शूटिंग में खिलाड़ियों की श्रेणी उनकी शारीरिक स्थिति और खेल में आवश्यक सहायता के आधार पर तय की जाती है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को समान परिस्थितियों में प्रतिस्पर्धा का अवसर देना है।
10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में निशानेबाजों को बेहद सटीकता के साथ लक्ष्य पर निशाना लगाना पड़ता है। छोटे अंकों का अंतर भी अंतिम परिणाम बदल सकता है। मोना और अवनि के बीच केवल 0.4 अंक का अंतर इस मुकाबले की प्रतिस्पर्धा को दिखाता है।
भारत के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि?
एशियन पैरा गेम्स 2026 में मोना अग्रवाल का स्वर्ण पदक भारत के लिए खास उपलब्धि है। प्रतियोगिता के पहले दिन ही भारत ने दो पदक हासिल किए। इससे भारतीय दल को शुरुआती बढ़त और आत्मविश्वास मिला है।
मोना के स्वर्ण और अवनि के रजत ने दिखाया कि भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रदर्शन कर रहे हैं। पैरा खेलों में खिलाड़ियों की उपलब्धियां देश में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
ऐसी जीतें उन खिलाड़ियों को प्रेरित करती हैं, जो शारीरिक चुनौतियों के बावजूद खेलों में करियर बनाना चाहते हैं। मोना का सफर बताता है कि लगातार अभ्यास, सही प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा का अनुभव खिलाड़ी को बड़े मंच पर सफलता दिला सकता है।
निष्कर्ष
एशियन पैरा गेम्स 2026 में मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा में 250.0 अंक हासिल करके स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने नया खेल रिकॉर्ड भी बनाया। अवनि लेखरा ने 249.6 अंकों के साथ रजत पदक जीतकर भारत की सफलता को दोगुना कर दिया। दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन भारतीय पैरा निशानेबाजी के लिए बड़ी उपलब्धि है। अब भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें प्रतियोगिता में आगे होने वाले मुकाबलों पर रहेंगी।

