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अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, अब नियमित सेना में शामिल होने का मिलेगा नया रास्ता

भारतीय सेना की वर्दी पहने अग्निवीर जवानों की तस्वीर के साथ नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने के नए रास्ते की जानकारी देता ग्राफिक्स - News Critic

केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव को मंजूरी दी है। अब चार साल की शुरुआती सेवा पूरी करने के बाद नियमित सशस्त्र बलों में चयनित नहीं होने वाले अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा। इसके बाद उन्हें नियमित सैनिक बनने के लिए एक और मौका दिया जाएगा। इस फैसले से अग्निवीरों को सेना में लंबे समय तक सेवा करने का नया रास्ता मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पिछले चार वर्षों में अग्निवीरों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया। इसमें उनके कौशल, शारीरिक क्षमता, अनुशासन और तकनीकी दक्षता को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इसी आधार पर सरकार ने अग्निपथ योजना के मौजूदा ढांचे में बदलाव का निर्णय लिया है।

अग्निपथ योजना में सरकार ने क्या बदलाव किया?

अग्निपथ योजना के तहत पहले अग्निवीरों को चार साल की अवधि के लिए सशस्त्र बलों में भर्ती किया जाता था। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर नियमित सेवा में शामिल किया जाता था।

वहीं, बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को चार साल बाद सेवा से मुक्त होना पड़ता था। हालांकि, अब केंद्र सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव किया है।

नई व्यवस्था के तहत शुरुआती चार साल के बाद नियमित सेवा में चयनित नहीं होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर दिया जाएगा। इस तरह उनका कुल सेवा कार्यकाल छह साल हो जाएगा।

दो साल की अतिरिक्त सेवा पूरी होने के बाद नियमित सैनिक बनने के इच्छुक अग्निवीरों को चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा। इसके लिए उन्हें निर्धारित पात्रता और चयन मानदंडों को पूरा करना होगा।

अब सभी अग्निवीरों के लिए खुलेगा नियमित सैनिक बनने का रास्ता

सरकार के इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब नियमित सैनिक बनने का अवसर केवल शुरुआती 25 प्रतिशत अग्निवीरों तक सीमित नहीं रहेगा।

पहले चरण में चयनित 25 प्रतिशत अग्निवीर चार साल पूरे होने पर नियमित सेवा में शामिल हो सकेंगे। वहीं, शेष अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा के बाद एक और अवसर मिलेगा।

इसका मतलब है कि अब सभी अग्निवीरों के लिए नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने का रास्ता खुल गया है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि छह साल पूरे करने वाले सभी अग्निवीरों को स्वतः स्थायी नियुक्ति मिल जाएगी।

नियमित सेवा में शामिल होने के लिए अग्निवीरों की इच्छा और निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करना जरूरी होगा। सैन्य बलों की जरूरत और संबंधित चयन प्रक्रिया भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

दो साल अतिरिक्त सेवा करने पर मिलेगा ज्यादा वेतन

नई व्यवस्था में अग्निवीरों को केवल अतिरिक्त समय ही नहीं मिलेगा, बल्कि उनकी आर्थिक सुविधाओं में भी सुधार किया जाएगा।

रक्षा मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों को अधिक पारिश्रमिक दिया जाएगा। इसके साथ ही उनकी सेवा निधि के पैकेज में भी बढ़ोतरी की जाएगी।

सरकार ने इस अवधि के लिए वरिष्ठता से जुड़े लाभ देने की व्यवस्था को भी मंजूरी दी है। इससे लंबे समय तक सेवा करने वाले अग्निवीरों को आर्थिक और सेवा संबंधी फायदे मिल सकेंगे।

पहले चार साल के बाद सेवा छोड़ने वाले अग्निवीरों के सामने रोजगार और करियर को लेकर कई चुनौतियां रहती थीं। नई व्यवस्था से उन्हें सैन्य सेवा में अनुभव बढ़ाने और नियमित सैनिक बनने की तैयारी करने के लिए दो अतिरिक्त साल मिलेंगे।

अग्निवीरों के प्रदर्शन के आधार पर लिया गया फैसला

सरकार ने इस बदलाव के पीछे अग्निवीरों के पिछले चार वर्षों के प्रदर्शन को प्रमुख आधार बताया है।

रक्षा बलों ने अग्निवीरों की कार्यक्षमता का विस्तृत मूल्यांकन किया था। इसमें उनकी शारीरिक फिटनेस, तकनीकी कौशल, काम के प्रति प्रेरणा और सैन्य जिम्मेदारियों को निभाने की क्षमता का आकलन किया गया।

मूल्यांकन में अग्निवीरों के प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई। इसके बाद रक्षा बलों ने सेवा अवधि बढ़ाने और नियमित सेवा में शामिल होने का अतिरिक्त अवसर देने की सिफारिश की।

सरकार का मानना है कि अतिरिक्त सेवा अवधि से सैन्य बलों को प्रशिक्षित और अनुभवी जवानों का लाभ मिलेगा। वहीं, अग्निवीरों को भी अपने अनुभव और प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

क्या अग्निपथ योजना बंद हो जाएगी?

केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद अग्निपथ योजना को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना को बंद नहीं किया गया है।

अग्निपथ योजना के तहत भर्ती प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी। इसमें केवल सेवा अवधि पूरी होने के बाद उपलब्ध विकल्पों में बदलाव किया गया है।

14 जून 2022 को शुरू की गई अग्निपथ योजना का उद्देश्य सशस्त्र बलों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना और सेना को अधिक युवा तथा तकनीकी रूप से सक्षम बनाना था।

इस योजना के तहत थल सेना, नौसेना और वायु सेना में अग्निवीरों की भर्ती की जाती है। भर्ती होने वाले युवाओं को चार साल तक सैन्य प्रशिक्षण और सेवा का अवसर मिलता है।

अब नई व्यवस्था के तहत शुरुआती चार साल के बाद दो साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प भी जोड़ा गया है। इससे इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनने के लिए अधिक समय और एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

पहले बैच के अग्निवीरों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

सरकार का यह निर्णय ऐसे समय आया है, जब अग्निपथ योजना के पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है।

ऐसे में नई व्यवस्था पहले बैच के जवानों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पहले नियमों के अनुसार, चार साल बाद नियमित सेवा में चयनित नहीं होने वाले अग्निवीरों को सेना से बाहर होना पड़ता था।

अब उन्हें दो साल अतिरिक्त सेवा का विकल्प मिलेगा। इससे उन्हें सैन्य वातावरण में काम जारी रखने और अपने अनुभव को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

इसके अलावा, अतिरिक्त सेवा अवधि के बाद नियमित सैनिक बनने की संभावना भी उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, अंतिम चयन संबंधित पात्रता और निर्धारित मानकों के आधार पर ही किया जाएगा।

युवाओं और सेना के लिए क्या मायने रखता है यह बदलाव?

इस फैसले का असर अग्निवीरों के भविष्य के साथ सशस्त्र बलों की कार्यप्रणाली पर भी पड़ सकता है। लंबे समय तक सेवा करने वाले जवानों के पास सैन्य प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव अधिक होगा।

वहीं, नियमित सेवा में शामिल होने के इच्छुक युवाओं को अपना प्रदर्शन बेहतर करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

सेना के नजरिए से भी यह व्यवस्था महत्वपूर्ण है। अनुभवी जवानों को बनाए रखने से विभिन्न सैन्य जिम्मेदारियों में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, नई व्यवस्था को लागू करने के दौरान चयन प्रक्रिया, पात्रता, वरिष्ठता और अलग-अलग सैन्य बलों की जरूरतों को स्पष्ट करना भी जरूरी होगा।

निष्कर्ष

केंद्र सरकार का अग्निवीरों के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा और नियमित सैनिक बनने का अवसर देने वाला फैसला अग्निपथ योजना में महत्वपूर्ण बदलाव है। अब शुरुआती चार साल की सेवा के बाद चयनित नहीं होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को भी आगे बढ़ने का एक और मौका मिलेगा।

नई व्यवस्था में अधिक वेतन, बेहतर सेवा निधि और वरिष्ठता संबंधी लाभ भी शामिल हैं। हालांकि, नियमित सशस्त्र बलों में नियुक्ति के लिए अग्निवीरों की इच्छा और निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य होगा। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई व्यवस्था को तीनों सेनाओं में किस तरह लागू किया जाता है।

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