26/11 आतंकी हमले के मुख्य आरोपी तहव्वुर राणा को भारत लाया जा रहा है, गुरुवार दोपहर तक पहुंचेगा भारत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि उनके प्रशासन ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी है। राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई व्यवसायी है। जिस पर 26/11 हमलों की साजिश में शामिल होने का आरोप है। यह घोषणा राष्ट्रपति ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान की गई।
तहव्वुर राणा पर आरोप है कि उसने अपने बचपन के मित्र डेविड कोलमैन हेडली की सहायता की, जो लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करता था और 26/11 हमलों की योजना में शामिल था। अमेरिकी सुप्रीमकोर्ट ने जनवरी 2025 में राणा की समीक्षा याचिका को ख़ारिज कर दिया था। जिससे उसके भारत प्रत्यर्पण का मार्ग प्रशस्त हुआ। इससे पहले अगस्त 2024 में कैलिफोर्निआ की एक संघीय अपील अदालत ने भी उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी।
दोपहर तक पंहुचेगा भारत
26/11 मुंबई आतंकी हमले के मुख्य आरोपियों में से एक तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत लाया जा रहा है। राणा को लेकर एक भारतीय एजेंसी की टीम अमेरिका से रवाना हो चुकी है और वह गुरुवार यानी आज दोपहर तक भारत पहुंच सकता है।
राणा की सुरक्षा की पूरी तैयारी
दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 26/11 आतंकी हमलों के मुख्य आरोपी तहव्वुर राणा की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस की थर्ड बटालियन की एक विशेष टीम तैनात की गई है। जानकारी के अनुसार, इस टीम में एक जेल वैन के साथ एक पायलट कार और एक एस्कॉर्ट कार भी शामिल होगी। थर्ड बटालियन की इस टीम में 15 पुलिसकर्मी शामिल होंगे, जो अत्याधुनिक हथियारों से लैस होंगे। गौरतलब है कि थर्ड बटालियन की जिम्मेदारी होती है किसी भी आरोपी को कोर्ट से जेल और जेल से कोर्ट तक सुरक्षित पहुंचाना। इसी के तहत तहव्वुर राणा की कोर्ट पेशी और जेल ट्रांजिट की सुरक्षा भी इसी बटालियन को सौंपी गई है।
पियूष गोयल ने राणा के प्रत्यर्पण पर दिया बयान
केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा के प्रत्यर्पण पर कहा, “कांग्रेस की सरकार ने आरोपियों को सख़्त सजा दिलाने के लिए कुछ नहीं किया। कसाब जो पकड़ा गया था उसे भी बिरयानी खिलाते थे। आज हम सभी को प्रधानमंत्री मोदी पर गर्व है, जिन्होंने हमारे देश पर हमला किया था उन्हें हम भारत की ज़मीन पर, भारत के कानून से सजा दिलाएंगे।”

