भारी बारिश से कई राज्यों में बिगड़े हालात, केरल और गुजरात में अलर्ट, असम में बाढ़ से हजारों लोग प्रभावित
देश के कई हिस्सों में मानसून अब अपना तेज असर दिखा रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। विशेष रूप से केरल और गुजरात में भारी वर्षा से हालात चिंताजनक बने हुए हैं। कई इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। मौसम विभाग (IMD) ने इन राज्यों के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रशासन राहत और बचाव कार्य में लगातार जुटा हुआ है ताकि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
केरल में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, श्रद्धालुओं के लिए जारी की गई सलाह
केरल में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में अब तक 6 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 6 अन्य लोगों की तलाश जारी है। कई स्थानों पर पेड़ गिरने, जलभराव और भूस्खलन की घटनाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने राहत कार्यों को तेज कर दिया है। अब तक 65 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 1,400 से अधिक लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है। प्रभावित परिवारों को भोजन, पीने का पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
भारी बारिश को देखते हुए सबरीमाला जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड और पथानामथिट्टा जिला प्रशासन ने 2 और 3 अगस्त को मनाए जाने वाले ‘निरापुथरी’ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं से यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पंपा नदी का जलस्तर बढ़ गया है और कई इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
मौसम विभाग ने केरल के 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड शामिल हैं। लोगों से बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
गुजरात में कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट, हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
गुजरात में भी लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में सामान्य जीवन को प्रभावित कर दिया है। कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया है और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। कई जिलों में अधिकारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं ताकि राहत कार्यों में किसी तरह की बाधा न आए।
भारतीय मौसम विभाग ने रविवार के लिए अहमदाबाद, सुरेंद्रनगर, राजकोट, भावनगर, मोरबी और बोटाद जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा कई अन्य इलाकों में ऑरेंज अलर्ट भी लागू किया गया है।
बारिश के कारण सबसे ज्यादा असर दक्षिण और मध्य गुजरात के कई हिस्सों में देखने को मिला। सूरत, नवसारी और आसपास के क्षेत्रों से करीब 27 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें लगातार जलमग्न इलाकों में फंसे लोगों को निकालने में लगी हुई हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहा है।
असम में बाढ़ की स्थिति में हल्का सुधार, राहत शिविरों में रह रहे हजारों लोग
असम में बाढ़ की स्थिति में शनिवार को कुछ राहत देखने को मिली है। प्रभावित लोगों की संख्या घटकर लगभग 1.78 लाख रह गई है, लेकिन राज्य के सात जिले अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। राहत की बात यह है कि पिछले 24 घंटों के दौरान बाढ़ से किसी नई मौत की सूचना नहीं मिली है। राज्य में अब तक बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 82 बनी हुई है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, शिवसागर और गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ क्षेत्र में दिखौ और धनसिरी (दक्षिण) नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गोलाघाट, शिवसागर, चराइदेव, बाजाली, धेमाजी, सोनितपुर और जोरहाट जिले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं।
बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए राज्यभर में 218 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां 71,889 लोग रह रहे हैं। इसके अलावा 1,811 राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत दल भी तैनात किए जाएंगे।

