उत्तराखंड में महिलाओं का सम्मान, तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि बढ़ी
उत्तराखंड के देहरादून में वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में तीलू रौतेली पुरस्कार और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पुरस्कारों की राशि बढ़ाने की भी घोषणा की।
तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि अब 75 हजार रुपये
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने की घोषणा की। यानी पुरस्कार की राशि में 24 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार की राशि भी बढ़ाई गई है। इसे 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 61 हजार रुपये किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान के प्रति सम्मान का प्रतीक है। सरकार का उद्देश्य उत्कृष्ट काम करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करना है।
2023 में भी बढ़ाई गई थी पुरस्कार राशि
मुख्यमंत्री के अनुसार वर्ष 2023 में तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि 31 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये की गई थी। अब तीन साल बाद इसे फिर बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार की राशि भी 51 हजार रुपये से बढ़कर 61 हजार रुपये हो गई है। इससे राज्य सरकार की ओर से दिए जाने वाले इन सम्मान की आर्थिक राशि में स्पष्ट बढ़ोतरी हुई है।
कितनी महिलाओं को मिला सम्मान?
इस साल के समारोह को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में पुरस्कार पाने वाली महिलाओं की संख्या में अंतर दिखाई देता है। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार और 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया, यानी कुल 48 महिलाओं को सम्मान मिला।
वहीं अमर उजाला की रिपोर्ट में 14 महिलाओं को तीलू रौतेली और 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई है। इसलिए संख्या को लेकर रिपोर्टिंग में अंतर है।
आपकी दी गई हेडलाइन के अनुसार इस खबर में कुल 48 महिलाओं को सम्मानित किए जाने की जानकारी को आधार बनाया गया है।
अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान देने वाली महिलाओं का सम्मान
तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए महिलाओं का चयन विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम के आधार पर किया जाता है। इनमें शिक्षा, खेल, समाजसेवा, कला, कृषि और अन्य क्षेत्रों में योगदान शामिल हैं।
इस सम्मान का उद्देश्य उन महिलाओं को पहचान देना है, जिन्होंने चुनौतियों के बीच अपनी प्रतिभा और मेहनत से अलग पहचान बनाई है। राज्य सरकार इसे महिला सशक्तीकरण से जोड़कर देखती है।
कौन हैं वीरांगना तीलू रौतेली?
तीलू रौतेली उत्तराखंड के इतिहास में साहस और वीरता की प्रतीक मानी जाती हैं। राज्य सरकार उनके नाम पर हर साल विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित करती है।
तीलू रौतेली की जयंती के अवसर पर आयोजित यह समारोह महिलाओं के योगदान को सार्वजनिक रूप से पहचान देने का माध्यम भी बनता है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में तीलू रौतेली को साहस, वीरता और महिला सशक्तीकरण का प्रतीक बताया।
महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की बेटियों और महिलाओं ने अपनी प्रतिभा और साहस से राज्य का नाम रोशन किया है। सम्मान पाने वाली महिलाएं दूसरे लोगों के लिए भी प्रेरणा बन सकती हैं।
सरकार की ओर से दिए जाने वाले ऐसे पुरस्कारों का उद्देश्य सिर्फ सम्मान देना नहीं, बल्कि बेहतर काम करने वालों को आगे भी प्रोत्साहित करना है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी मिला राज्य स्तरीय सम्मान
समारोह में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी उनके उत्कृष्ट सेवा कार्य के लिए सम्मानित किया गया। कुल 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य स्तरीय पुरस्कार दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के शुरुआती विकास, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में अहम भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में इन केंद्रों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों और परिवारों तक कई सरकारी सेवाओं को पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करती हैं। पोषण, स्वास्थ्य और शुरुआती बाल विकास से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी भूमिका रहती है।
मुख्यमंत्री ने भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के शुरुआती विकास और पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आंगनबाड़ी पुरस्कार की राशि भी बढ़ी
उत्तराखंड सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार की राशि को 51 हजार से बढ़ाकर 61 हजार रुपये करने की घोषणा की है। यानी इस पुरस्कार में 10 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
यह फैसला राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम को प्रोत्साहन देने के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि पुरस्कार राशि और नियमित मानदेय अलग-अलग विषय हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में भी बढ़ोतरी
समारोह में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय से जुड़ी जानकारी भी साझा की। उनके अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 7,500 रुपये से बढ़ाकर 9,300 रुपये किया गया है।
मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 4,500 रुपये से बढ़ाकर 6,250 रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 3,550 रुपये से बढ़ाकर 5,250 रुपये किए जाने की जानकारी दी गई।
सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नत करने का प्रावधान किया गया है। इससे लंबे समय से विभाग में काम कर रही कार्यकर्ताओं के लिए आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
हालांकि पदोन्नति की प्रक्रिया संबंधित नियमों और पात्रता के आधार पर होगी। इसलिए किसी भी नियुक्ति या पदोन्नति को लेकर अंतिम जानकारी विभागीय आदेश के अनुसार ही मानी जानी चाहिए।
महिला सशक्तीकरण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य की बेटियों और महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में महिलाओं की भूमिका सामाजिक और आर्थिक स्तर पर काफी महत्वपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं कृषि, स्वरोजगार, शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं।
सम्मान के साथ अवसर देने की जरूरत
सिर्फ पुरस्कार देने से महिला सशक्तीकरण पूरा नहीं होता। महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर भी मिलना जरूरी है।
सरकार की ओर से पुरस्कार राशि बढ़ाने के साथ महिलाओं के लिए अन्य योजनाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे सम्मान और अवसर दोनों को साथ लेकर चलने की कोशिश दिखाई देती है।
पुरस्कार समारोह में क्या संदेश गया?
देहरादून में आयोजित समारोह का मुख्य संदेश महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान को पहचान देना रहा। तीलू रौतेली के नाम से दिया जाने वाला सम्मान उत्तराखंड की महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है।
वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य स्तरीय सम्मान मिलने से शुरुआती बाल विकास और पोषण से जुड़े उनके काम को भी सार्वजनिक पहचान मिली।
कार्यक्रम में पुरस्कार राशि बढ़ाने की घोषणा ने समारोह को और महत्वपूर्ण बना दिया। अब तीलू रौतेली पुरस्कार के विजेताओं को 75 हजार रुपये और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार के विजेताओं को 61 हजार रुपये की राशि मिलेगी।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में तीलू रौतेली पुरस्कार और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार के जरिए महिलाओं के योगदान को सम्मान दिया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुरस्कार राशि बढ़ाने की घोषणा कर महिला सशक्तीकरण और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया।
अब तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि 51 हजार से बढ़कर 75 हजार रुपये और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार की राशि 51 हजार से बढ़कर 61 हजार रुपये हो गई है। यह बढ़ोतरी उन महिलाओं और कार्यकर्ताओं के काम को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो समाज और राज्य के विकास में लगातार योगदान दे रही हैं।

