ISI समर्थित आतंकी नेटवर्क पर बड़ा एक्शन, 14 राज्यों में 253 गुर्गे गिरफ्तार
स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने ISI समर्थित बताए जा रहे शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी बहु-राज्यीय कार्रवाई की है। गृह मंत्रालय के अनुसार 14 राज्यों में 80 से अधिक FIR दर्ज की गईं और 250 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि 200 से अधिक गिरफ्तारियां की गई हैं।
कार्रवाई के दौरान IED, ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और निगरानी से जुड़े उपकरण बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। सरकार के मुताबिक इस कार्रवाई से स्वतंत्रता दिवस के आसपास संभावित हिंसक या विध्वंसक गतिविधियों को रोकने में मदद मिली।
14 राज्यों में एक साथ चला अभियान
गृह मंत्रालय के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों और राज्य पुलिस बलों ने अलग-अलग स्थानों पर समन्वित कार्रवाई की। यह अभियान 14 राज्यों में चलाया गया और इसमें कई संदिग्धों से पूछताछ की गई।
रिपोर्ट के अनुसार 80 से अधिक FIR दर्ज हुईं। कार्रवाई के दौरान 250 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि 200 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की गई।
अधिकारियों के अनुसार नेटवर्क का इस्तेमाल कथित तौर पर भारत में अस्थिरता पैदा करने और संभावित आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।
शहजाद भट्टी नेटवर्क पर क्या आरोप हैं?
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार शहजाद भट्टी नेटवर्क को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से समर्थित एक हाइब्रिड आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क के तौर पर देखा जा रहा है।
सरकार के मुताबिक नेटवर्क की गतिविधियों में हथियारों और विस्फोटकों की व्यवस्था, युवाओं की भर्ती, निगरानी और संभावित हमलों के लिए जमीनी स्तर पर मदद जुटाना शामिल था।
हालांकि, किसी भी आरोपी की भूमिका अदालत में साबित होना अभी बाकी है। हिरासत या गिरफ्तारी को अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता और आगे की जांच में आरोपों की पुष्टि होगी।
स्वतंत्रता दिवस से पहले क्यों बढ़ी चिंता?
यह कार्रवाई स्वतंत्रता दिवस के आसपास संभावित विध्वंसक गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से की गई। गृह मंत्रालय के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों ने नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रखते हुए अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई की।
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय आयोजनों के दौरान सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही संवेदनशील स्थानों, सार्वजनिक आयोजनों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की निगरानी बढ़ाती हैं।
ऐसे समय में किसी संगठित नेटवर्क की संदिग्ध गतिविधियों का सामने आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।
हथियार और विस्फोटक बरामद
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को कई महत्वपूर्ण सामान मिलने का दावा किया गया है। इनमें IED, ग्रेनेड, पिस्तौल और जिंदा कारतूस शामिल हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक कुछ ग्रेनेड पर पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की मार्किंग भी मिली है। इसके अलावा CCTV कैमरों से जुड़े उपकरण भी बरामद किए गए, जिन्हें कथित तौर पर जासूसी या निगरानी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा था।
बरामदगी की जांच के जरिए एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हथियार और अन्य सामान नेटवर्क तक कैसे पहुंचे और इसके पीछे कौन-कौन से लोग काम कर रहे थे।
80 से ज्यादा FIR ने खोली नेटवर्क की परतें
इस पूरे अभियान में 80 से ज्यादा FIR दर्ज होना कार्रवाई के बड़े स्तर को दर्शाता है। अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों को जोड़कर जांच एजेंसियां नेटवर्क के संपर्कों और उसकी गतिविधियों की कड़ियां तलाश रही हैं।
जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना होगा कि हिरासत में लिए गए लोगों के बीच किस तरह का संपर्क था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या सभी संदिग्ध एक ही नेटवर्क का हिस्सा थे या अलग-अलग मॉड्यूल के जरिए काम कर रहे थे।
किन राज्यों में कार्रवाई हुई?
अभियान का दायरा 14 राज्यों तक बताया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने अलग-अलग राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
इस तरह के बहु-राज्यीय अभियान में केंद्रीय एजेंसियों और स्थानीय पुलिस के बीच सूचना साझा करना महत्वपूर्ण होता है। अलग-अलग स्थानों से मिले सुरागों को जोड़कर नेटवर्क की पूरी संरचना समझने की कोशिश की जाती है।
अभी सभी 14 राज्यों के नाम और हर राज्य में हिरासत में लिए गए लोगों का विस्तृत आंकड़ा एक साथ सार्वजनिक नहीं किया गया है।
जासूसी गतिविधियों से भी जुड़े तार
गृह मंत्रालय की ओर से सामने आई जानकारी में निगरानी और जासूसी से जुड़े उपकरणों की बरामदगी का भी उल्लेख है। इससे जांच का दायरा केवल आतंकी हमले की साजिश तक सीमित नहीं रहने की संभावना है।
सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगा सकती हैं कि संदिग्धों ने किन स्थानों की निगरानी की और क्या संवेदनशील प्रतिष्ठानों से जुड़ी जानकारी इकट्ठा की गई थी।
यदि ऐसे आरोप जांच में पुष्ट होते हैं तो नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा कानूनों के तहत आगे कार्रवाई की जा सकती है।
शहजाद भट्टी कौन है?
शहजाद भट्टी को सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान स्थित एक गैंगस्टर और कथित आतंकी नेटवर्क के प्रमुख संपर्कों में से एक के रूप में देख रही हैं।
भारतीय एजेंसियों के मुताबिक उसका नेटवर्क संगठित अपराध और आतंकी गतिविधियों के बीच संपर्क बनाने की कोशिश करता रहा है। आरोप है कि इसके जरिए युवाओं को प्रभावित करने, हथियारों की सप्लाई और हमलों के लिए स्थानीय मदद जुटाने जैसी गतिविधियां की गईं।
हालांकि, इन आरोपों से जुड़े अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
अमित शाह ने कार्रवाई को बताया बड़ी सफलता
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को लेकर कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने ISI समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग स्थानों पर समन्वित कार्रवाई के जरिए नेटवर्क के 200 से अधिक ऑपरेटिव पकड़े गए और स्वतंत्रता दिवस से पहले संभावित विध्वंसक गतिविधियों को विफल किया गया।
गृह मंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति से जोड़ते हुए इसकी सराहना की।
पाकिस्तान से जुड़े कनेक्शन की जांच
मामले में पाकिस्तान कनेक्शन भी जांच का प्रमुख हिस्सा है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का आरोप है कि नेटवर्क को ISI से समर्थन मिला था और इसके कुछ संपर्क सीमा पार मौजूद थे।
हालांकि पाकिस्तान ने भारत की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इन दावों को बेबुनियाद बताया और कहा कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ कथित तौर पर दुर्भावनापूर्ण अभियान चला रहा है।
इस तरह मामले में भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होने की संभावना है।
आगे क्या होगी जांच?
अब जांच एजेंसियां गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाएंगी। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि नेटवर्क में किसकी क्या भूमिका थी और इसके पीछे विदेशी हैंडलर्स की भूमिका कितनी थी।
जांच में मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस, CCTV उपकरण और अन्य बरामद सामान महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकते हैं। इनके जरिए संदिग्धों के बीच बातचीत और संपर्कों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
इसके अलावा हथियारों और विस्फोटकों की सप्लाई लाइन की भी जांच की जाएगी।
सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती
इस कार्रवाई ने यह भी दिखाया है कि आतंकी नेटवर्क अब केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर नहीं हैं। गैंगस्टर नेटवर्क, डिजिटल प्लेटफॉर्म, स्थानीय संपर्क और सीमा पार मौजूद हैंडलर्स के बीच कथित गठजोड़ सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बन रहा है।
ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के लिए केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं होती। इसके वित्तीय स्रोत, हथियारों की सप्लाई और संचार नेटवर्क को भी तोड़ना जरूरी होता है।
इसी वजह से आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां और बरामदगी सामने आने की संभावना बनी हुई है।
निष्कर्ष
स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI समर्थित बताए जा रहे शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। गृह मंत्रालय के मुताबिक 14 राज्यों में अभियान चलाकर 250 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं और 80 से अधिक FIR दर्ज की गईं।
कार्रवाई में IED, ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और निगरानी से जुड़े उपकरण मिलने का दावा किया गया है। एजेंसियां अब इन बरामद वस्तुओं और डिजिटल सबूतों के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
फिलहाल यह कार्रवाई आतंकवाद और संगठित अपराध के कथित गठजोड़ के खिलाफ एक बड़ा अभियान मानी जा रही है। हालांकि, गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।

