दिल्ली-NCR में बारिश, MP में बाढ़ जैसे हालात; प्रयागराज में 5 फीट पानी
देश के कई हिस्सों में बारिश ने परेशानी बढ़ा दी है। दिल्ली-NCR में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। वहीं, प्रयागराज में भारी जलभराव के कारण छात्रों को हॉस्टल छोड़ना पड़ा है।
दिल्ली-NCR में बारिश से बढ़ी परेशानी
दिल्ली-NCR में गुरुवार को भी बारिश का असर दिखा। कई इलाकों में सड़कें पानी से भर गईं।
बारिश के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कत हुई। कई जगह ट्रैफिक की रफ्तार भी धीमी रही।
मौसम विभाग ने दिल्ली समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। कई जगह तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
जलभराव से लोगों की बढ़ी मुश्किल
बारिश के बाद निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। ऐसे इलाकों में लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई।
सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी पड़ी। कई जगह लोगों ने वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया।
दिल्ली में पिछले दिनों भी बारिश से जुड़े हादसे सामने आए हैं। प्रेम नगर में पानी से भरे एक प्लॉट में डूबने से एक युवक की मौत हुई थी।
MP के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात
मध्य प्रदेश में भी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। कई जिलों में नदियां और नाले उफान पर हैं।
डिंडौरी में भारी बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है। सड़कों पर पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई है।
बुंदेलखंड में रेड अलर्ट जारी किया गया है। पन्ना में भी बहुत ज्यादा बारिश की चेतावनी दी गई है।
नदियों का बढ़ा जलस्तर
लगातार बारिश के कारण मध्य प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी है।
जबलपुर में नर्मदा नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। बरगी बांध के 9 गेट खोले गए हैं। यहां से 1031 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।
ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर रख रहा है।
प्रयागराज में जलभराव से हालात गंभीर
प्रयागराज में लगातार बारिश के कारण जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने डीएम और नगर आयुक्त से जवाब मांगा है।
कोर्ट के सामने शहर के कई इलाकों की स्थिति रखी गई। इनमें जॉर्ज टाउन, टैगोर टाउन, अल्लापुर और बैरहना शामिल हैं।
घरों तक पहुंचा बारिश का पानी
प्रयागराज के कई इलाकों में बारिश का पानी घरों तक पहुंच गया है। इससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया।
कुछ इलाकों में लोग अपने घरों में ही फंसे रहे। कई लोगों को जरूरी काम के लिए भी बाहर निकलना मुश्किल हुआ।
हाईकोर्ट ने जलभराव को गंभीर समस्या माना है। कोर्ट ने बारिश के पानी को पंप से निकालने के निर्देश भी दिए हैं।
2000 छात्रों ने हॉस्टल छोड़ा
प्रयागराज में जलभराव का असर छात्रों पर भी पड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार करीब 2000 छात्रों ने हॉस्टल खाली किए हैं।
पानी बढ़ने के बाद छात्रों को सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा। इससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हुई है।
शहर में स्कूलों को भी बंद रखने का फैसला लिया गया है। नैनी स्थित सेंट जोसेफ स्कूल ने 20 अगस्त को भारी बारिश और जलभराव के कारण छुट्टी की सूचना जारी की।
प्रयागराज में स्कूल भी बंद
भारी बारिश का असर स्कूलों पर भी पड़ा है। प्रशासन ने कक्षा 12 तक के स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है।
स्कूल बंद होने से बच्चों को घर पर रहने की सलाह दी गई है। इससे जलभराव वाले रास्तों पर बच्चों की आवाजाही भी रुकेगी।
फिलहाल सबसे जरूरी बात बच्चों की सुरक्षा है। मौसम सामान्य होने के बाद स्कूल खोलने पर फैसला लिया जा सकता है।
हाईकोर्ट ने प्रशासन को दिए निर्देश
प्रयागराज की स्थिति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने जलभराव की समस्या पर प्रशासन से जवाब मांगा है।
कोर्ट ने पूछा कि बारिश से पहले जरूरी इंतजाम क्यों नहीं किए गए। साथ ही, जल निकासी की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए।
अदालत ने पानी निकालने के लिए पंप लगाने का निर्देश दिया है। इसके लिए मोरी गेट और दारागंज के रास्ते का इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है।
देश के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार आज कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और कई अन्य राज्यों में मौसम सक्रिय रहेगा।
कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश की भी संभावना है।
ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी पर ध्यान देना चाहिए। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को ज्यादा सावधानी रखनी होगी।
बाढ़ वाले इलाकों में खतरा ज्यादा
बाढ़ के दौरान सबसे ज्यादा खतरा नदी और नालों के आसपास रहता है। पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है।
इसलिए लोगों को पानी भरे रास्तों से गुजरने से बचना चाहिए। बच्चों को ऐसे इलाकों से दूर रखना जरूरी है।
अगर प्रशासन सुरक्षित स्थान पर जाने को कहता है, तो निर्देश का पालन करना चाहिए। अपनी सुरक्षा को सबसे ऊपर रखना जरूरी है।
किसानों के लिए भी चिंता
मध्य प्रदेश में लगातार बारिश से किसानों की चिंता बढ़ सकती है। खेतों में ज्यादा पानी जमा होने से फसलों को नुकसान हो सकता है।
नदी और नालों के पास के खेतों में खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में किसानों को जल निकासी पर ध्यान देना चाहिए।
जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन को नुकसान की जानकारी देनी चाहिए। इससे राहत कार्य में मदद मिल सकती है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
बारिश के बीच प्रशासन के सामने कई चुनौतियां हैं। सबसे पहले जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालना जरूरी है।
इसके अलावा सड़कों पर यातायात सामान्य करना भी जरूरी है। जहां बाढ़ का खतरा है, वहां राहत टीमों को तैयार रखना होगा।
प्रयागराज में हाईकोर्ट की निगरानी से प्रशासन पर दबाव भी बढ़ा है। अब जल निकासी और राहत कार्य की गति पर नजर रहेगी।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
बारिश और बाढ़ के दौरान लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर पानी भरी सड़कों पर वाहन चलाने से बचें।
इन बातों का ध्यान रखें:
- नदी और नालों के पास न जाएं।
- पानी भरी सड़क पर वाहन न चलाएं।
- बिजली के खंभों से दूरी रखें।
- बच्चों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रखें।
- प्रशासन की चेतावनी को नजरअंदाज न करें।
- जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलें।
- जरूरी सामान और दवाइयां सुरक्षित रखें।
बारिश का असर अभी जारी
मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसलिए अगले कुछ घंटे भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
दिल्ली-NCR में जलभराव की समस्या सामने आ सकती है। वहीं, मध्य प्रदेश में नदियों का जलस्तर बढ़ने से खतरा बना रह सकता है।
प्रयागराज में भी जल निकासी का काम तेजी से करना जरूरी है। शहर के कई इलाकों में अभी भी पानी जमा होने की समस्या है।
निष्कर्ष
दिल्ली-NCR से लेकर मध्य प्रदेश और प्रयागराज तक बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिल्ली-NCR में जलभराव है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं।
प्रयागराज में स्थिति ज्यादा गंभीर है। यहां लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया है। हाईकोर्ट ने भी जलभराव पर प्रशासन से जवाब मांगा है।
करीब 2000 छात्रों के हॉस्टल छोड़ने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में प्रशासन के सामने राहत और जल निकासी की बड़ी चुनौती है।
फिलहाल लोगों को सतर्क रहना चाहिए। साथ ही, बारिश के दौरान प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

