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छत्तीसगढ़ के बिश्रामपुर स्टेशन पर शुरू हुई लाइफलाइन एक्सप्रेस, 5 सितंबर तक मिलेगा मुफ्त इलाज

न्यूज़ क्रिटिक - छत्तीसगढ़ लाइफलाइन एक्सप्रेस का सूचनात्मक ग्राफ़िक, जिसमें विश्रामपुर स्टेशन पर 5 सितंबर तक मोतियाबिंद और कैंसर के मुफ्त इलाज की जानकारी दी गई है।

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में जरूरतमंद मरीजों के लिए बड़ी स्वास्थ्य सुविधा शुरू हुई है। बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर लाइफलाइन एक्सप्रेस पहुंच गई है, जहां 5 सितंबर 2026 तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में निःशुल्क जांच, उपचार और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

इस चलित अस्पताल में मोतियाबिंद, कान की बीमारी, प्लास्टिक सर्जरी, दांतों की समस्या और महिलाओं में स्तन व सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग जैसी सेवाएं दी जा रही हैं। 16 अगस्त से शुरू हुए शिविर में शुरुआती दिनों में ही बड़ी संख्या में मरीजों ने पंजीयन कराया है।

बिश्रामपुर स्टेशन पर बना ‘हॉस्पिटल ऑन व्हील्स’

इम्पैक्ट इंडिया फाउंडेशन की 256वीं लाइफलाइन एक्सप्रेस परियोजना के तहत यह विशेष ट्रेन सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन पहुंची है। 16 अगस्त से 5 सितंबर तक चलने वाले इस स्वास्थ्य शिविर में प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक ओपीडी संचालित की जा रही है।

लाइफलाइन एक्सप्रेस को ‘हॉस्पिटल ऑन व्हील्स’ यानी चलता-फिरता अस्पताल भी कहा जाता है। ट्रेन में विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम मरीजों की जांच करती है और जरूरत के अनुसार उन्हें सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।

यह सूरजपुर जिले में लाइफलाइन एक्सप्रेस की चौथी यात्रा है। इसके पहुंचने से दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे लोगों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं, जिनके लिए बड़े शहरों में जाकर महंगा इलाज कराना मुश्किल होता है।

मोतियाबिंद और आंखों की बीमारी का मुफ्त इलाज

लाइफलाइन एक्सप्रेस में आंखों से जुड़ी समस्याओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मरीजों की आंखों की जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर मोतियाबिंद की सर्जरी भी निःशुल्क की जा रही है।

आंखों की ओपीडी 16 से 21 अगस्त तक निर्धारित थी, जबकि मोतियाबिंद की सर्जरी 17 से 22 अगस्त तक की जा रही है। सर्जरी के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को निःशुल्क दवाइयां और चश्मा भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

मोतियाबिंद और दृष्टि संबंधी समस्याओं से जूझ रहे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों के लिए यह सुविधा खास तौर पर महत्वपूर्ण है। ऐसे मरीजों को स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिलने से इलाज के लिए दूसरे शहरों की यात्रा का खर्च और परेशानी कम हो सकती है।

महिलाओं के लिए कैंसर स्क्रीनिंग की सुविधा

इस शिविर में महिलाओं के स्वास्थ्य को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। स्तन कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा यानी सर्वाइकल कैंसर की जांच और स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

स्तन और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग 16 से 21 अगस्त तक निर्धारित की गई है। शिविर की शुरुआत के शुरुआती दिनों में ही 124 महिलाओं की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

महिलाओं के लिए कैंसर की शुरुआती जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस तरह के शिविरों से उन महिलाओं तक स्क्रीनिंग सुविधा पहुंच सकती है, जो नियमित जांच के लिए बड़े अस्पतालों तक नहीं जा पातीं।

कान की जांच और सर्जरी भी मुफ्त

लाइफलाइन एक्सप्रेस में कान से जुड़ी बीमारियों के इलाज की भी सुविधा उपलब्ध है। मरीजों की कान की जांच, ऑडियोमेट्री और जरूरत के अनुसार सर्जरी की व्यवस्था की गई है।

कान की जांच के लिए ओपीडी 22 से 27 अगस्त तक और सर्जरी 23 से 28 अगस्त तक निर्धारित की गई है। इससे सुनने की समस्या या कान से जुड़ी अन्य गंभीर परेशानी वाले मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श और उपचार मिल सकेगा।

बच्चों के मुड़े हाथ-पैर की भी होगी सर्जरी

लाइफलाइन एक्सप्रेस में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के मुड़े हुए हाथ-पैर की जांच और सुधारात्मक सर्जरी की सुविधा भी रखी गई है। इसके अलावा कटे-फटे होंठ और जलने के बाद शरीर में आई सिकुड़न से जुड़ी प्लास्टिक सर्जरी भी की जाएगी।

मुड़े हुए हाथ-पैर से संबंधित ओपीडी 28 से 31 अगस्त तक होगी, जबकि संबंधित सर्जरी 29 अगस्त से 1 सितंबर तक निर्धारित है। प्लास्टिक सर्जरी की सेवाएं भी इसी अवधि में उपलब्ध रहेंगी।

इस सुविधा का फायदा खासतौर पर उन बच्चों और मरीजों को मिल सकता है, जिनके परिवार आर्थिक कारणों से लंबे समय से इलाज नहीं करा पा रहे थे।

दांतों की जांच और उपचार भी निःशुल्क

शिविर के अंतिम चरण में दांतों से जुड़ी समस्याओं का भी इलाज किया जाएगा। दांतों की जांच और आवश्यक उपचार के लिए 1 से 5 सितंबर तक सुविधा उपलब्ध रहेगी।

इस तरह एक ही स्थान पर आंख, कान, दांत, प्लास्टिक सर्जरी और महिलाओं से जुड़ी गंभीर बीमारियों की जांच जैसी कई स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

शुरुआती दिनों में 1944 मरीजों की जांच

लाइफलाइन एक्सप्रेस के शिविर को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। 18 अगस्त तक कुल 1944 मरीजों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई थी, जिसमें 1820 नेत्र रोगी और 124 स्त्री रोग से संबंधित मरीज शामिल थे।

शिविर के शुरुआती दिन ही बड़ी संख्या में लोग पंजीयन कराने पहुंचे थे। अधिकारियों के अनुसार, दूर-दराज के इलाकों से आने वाले मरीजों के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

मरीजों की बढ़ती संख्या यह दिखाती है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में इस तरह की विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की कितनी जरूरत है।

इलाज के लिए किन बातों का रखना होगा ध्यान?

शिविर में आने वाले मरीजों को अपनी पहचान से संबंधित दस्तावेज साथ लेकर आने की सलाह दी गई है। आधार कार्ड, वोटर आईडी या अन्य वैध पहचान पत्र साथ रखना आवश्यक बताया गया है।

भर्ती होने वाले मरीज के साथ केवल एक सहयोगी को रहने की अनुमति होगी। शिविर से संबंधित जानकारी और पंजीयन में सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 7039673973 जारी किया गया है।

मरीजों को अपनी बीमारी से संबंधित पुराने मेडिकल दस्तावेज, जांच रिपोर्ट और दवाइयों की जानकारी भी साथ रखना उपयोगी रहेगा। इससे डॉक्टरों को मरीज की पिछली स्वास्थ्य स्थिति समझने में मदद मिल सकती है।

लाइफलाइन एक्सप्रेस क्यों है खास?

लाइफलाइन एक्सप्रेस की शुरुआत वर्ष 1991 में हुई थी। यह इम्पैक्ट इंडिया फाउंडेशन, भारतीय रेलवे और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े सहयोग की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है।

इस ट्रेन में मल्टी-स्पेशियलिटी ऑपरेशन थिएटर सहित कई चिकित्सा सुविधाएं मौजूद हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, तकनीशियन और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मिलकर मरीजों की जांच और उपचार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं।

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों में जाने की जरूरत कम पड़ती है। अस्पताल जैसी सुविधाओं वाली ट्रेन सीधे जरूरतमंद क्षेत्रों तक पहुंचती है और पात्र मरीजों को निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराती है।

प्रशासन ने लोगों से की शिविर का लाभ लेने की अपील

सूरजपुर जिला प्रशासन की ओर से जिले के लोगों से लाइफलाइन एक्सप्रेस का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई है। प्रशासन का प्रयास है कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद मरीजों तक इस सुविधा की जानकारी पहुंचे और वे समय पर जांच एवं उपचार करा सकें।

स्थानीय स्वास्थ्य अमले और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाकर मरीजों के पंजीयन, जांच और उपचार की व्यवस्था की जा रही है। पंचायत स्तर पर भी जरूरतमंद मरीजों को चिन्हित कर उन्हें शिविर तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

5 सितंबर तक मिलेगा मुफ्त इलाज

बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर शुरू हुआ यह विशेष स्वास्थ्य शिविर 5 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान अलग-अलग तारीखों पर विभिन्न बीमारियों के लिए ओपीडी, जांच और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

जिले के लोगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं उनके नजदीक उपलब्ध हैं। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए निःशुल्क जांच और सर्जरी बड़ी राहत साबित हो सकती है।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन पर लाइफलाइन एक्सप्रेस के रूप में जरूरतमंद लोगों को बड़ी स्वास्थ्य सुविधा मिली है। 5 सितंबर तक चलने वाले इस शिविर में मोतियाबिंद, कान की बीमारी, प्लास्टिक सर्जरी, दांतों की समस्या और महिलाओं में स्तन व सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग समेत कई सेवाएं निःशुल्क दी जा रही हैं।

शुरुआती दिनों में ही हजारों मरीजों की जांच से इस पहल की उपयोगिता सामने आई है। दूरदराज के क्षेत्रों के मरीजों के लिए विशेषज्ञ इलाज उनके घर के अपेक्षाकृत करीब उपलब्ध होना बड़ी राहत है। ऐसे में पात्र और जरूरतमंद लोगों को निर्धारित अवधि के भीतर बिश्रामपुर पहुंचकर इस निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा का लाभ लेना चाहिए।

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