टेक फंडिंग में बेंगलुरु का एकछत्र राज: 2026 के पहले 9 महीनों में देश की 43% टेक फंडिंग अकेले बेंगलुरु के खाते में, $4.4 बिलियन का रिकॉर्ड निवेश
बेंगलुरु ने एक बार फिर भारत के टेक और स्टार्टअप सेक्टर में अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है। 2026 के पहले नौ महीनों में बेंगलुरु टेक फंडिंग का आंकड़ा $4.4 बिलियन पहुंच गया। यह भारत की कुल टेक फंडिंग का करीब 43% है।
इस दौरान देश की टेक कंपनियों ने कुल $10.3 बिलियन जुटाए। खास बात यह है कि फंडिंग की कुल रकम बढ़ी, लेकिन निवेश सौदों की संख्या में बड़ी गिरावट आई। ऐसे में बेंगलुरु का प्रदर्शन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
बेंगलुरु टेक फंडिंग में 43% हिस्सेदारी
Tracxn की India Tech 9M 2026 रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से 21 सितंबर 2026 तक भारत में $10.3 बिलियन की टेक फंडिंग हुई। इसमें अकेले बेंगलुरु को $4.4 बिलियन मिले। शहर की हिस्सेदारी 43% रही।
पिछले साल इसी अवधि में बेंगलुरु की हिस्सेदारी 38% थी। उस समय शहर के टेक स्टार्टअप्स ने करीब $3.6 बिलियन जुटाए थे। इस साल फंडिंग में करीब 22% की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
वहीं, बेंगलुरु की फंडिंग अगले पांच प्रमुख शहरों के संयुक्त आंकड़े के करीब पहुंच गई। मुंबई, गुरुग्राम, नोएडा, दिल्ली और हैदराबाद ने मिलकर करीब $4.8 बिलियन जुटाए।
दूसरे शहरों की स्थिति कैसी रही?
मुंबई $1.8 बिलियन की फंडिंग के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके बाद गुरुग्राम ने $1.6 बिलियन जुटाए। नोएडा को $660 मिलियन और दिल्ली को $446 मिलियन की फंडिंग मिली।
गुरुग्राम का प्रदर्शन भी इस अवधि में तेजी से बढ़ा। उसकी हिस्सेदारी पिछले साल के 8% से बढ़कर 16% हो गई। वहीं, दिल्ली की हिस्सेदारी 15% से घटकर करीब 4% रह गई।
भारत में टेक फंडिंग का पूरा आंकड़ा
भारत की टेक कंपनियों ने 2026 के पहले नौ महीनों में कुल $10.3 बिलियन जुटाए। यह रकम पिछले साल की समान अवधि के $9.7 बिलियन से करीब 7% ज्यादा है।
हालांकि, फंडिंग राउंड की संख्या में काफी गिरावट आई। 2025 के पहले नौ महीनों में 1,838 फंडिंग राउंड हुए थे। इस साल यह संख्या घटकर 1,134 रह गई। यानी करीब 38% की कमी दर्ज हुई।
इसका मतलब यह है कि बाजार में निवेश का तरीका बदल रहा है। कम कंपनियां फंडिंग हासिल कर रही हैं। लेकिन बड़ी कंपनियों को बड़े निवेश मिल रहे हैं।
इस दौरान 100 मिलियन डॉलर या उससे ज्यादा के 18 बड़े फंडिंग राउंड हुए। Nxtra का $1 बिलियन का राउंड सबसे बड़े सौदों में शामिल रहा। Neysa ने $600 मिलियन और CRED ने $540 मिलियन जुटाए।
बेंगलुरु की किन कंपनियों को मिला बड़ा निवेश?
बेंगलुरु में कई बड़े स्टार्टअप्स ने 2026 में निवेश हासिल किया। इनमें CRED सबसे आगे रहा। कंपनी ने $540 मिलियन की फंडिंग जुटाई।
इसके बाद Rapido ने $240 मिलियन और Sarvam ने $234 मिलियन जुटाए। KreditBee ने $220 मिलियन का निवेश हासिल किया। वहीं, udaan को $160 मिलियन की फंडिंग मिली।
Emergent ने भी $130 मिलियन जुटाए। इसके अलावा Rideriver, Slice, Navi और Pixxel जैसी कंपनियों ने 100 मिलियन डॉलर या उससे अधिक की फंडिंग हासिल की।
इन सौदों से पता चलता है कि बेंगलुरु में निवेश कई अलग-अलग टेक क्षेत्रों में पहुंच रहा है। इसमें फिनटेक, मोबिलिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
किन सेक्टरों में बढ़ा निवेश?
2026 के पहले नौ महीनों में Enterprise Applications, FinTech और Enterprise Infrastructure प्रमुख सेक्टर रहे। इन क्षेत्रों में निवेशकों की रुचि मजबूत बनी रही।
Enterprise Infrastructure में फंडिंग सबसे तेज गति से बढ़ी। इस सेक्टर में निवेश $292 मिलियन से बढ़कर $1.6 बिलियन हो गया। यह करीब 436% की वृद्धि है।
Enterprise Applications में भी 49% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। इस क्षेत्र में कुल $3.5 बिलियन का निवेश आया। वहीं, FinTech कंपनियों ने $2.2 बिलियन जुटाए।
इसके अलावा, AI Infrastructure में $1.2 बिलियन की फंडिंग हुई। Digital Lending में $799 मिलियन और Payments सेक्टर में $773 मिलियन का निवेश दर्ज किया गया।
शुरुआती स्टार्टअप्स के लिए तस्वीर कैसी है?
कुल फंडिंग बढ़ने के बावजूद शुरुआती स्तर की कंपनियों के लिए स्थिति अलग रही। Seed funding 37% घटकर $698 मिलियन रह गई। दूसरी ओर, early-stage funding 27% बढ़कर $4.2 बिलियन पहुंची।
Late-stage funding करीब $5.4 बिलियन पर बनी रही। वहीं, पहली बार फंडिंग पाने वाली कंपनियों की संख्या 30% घटकर 338 रह गई।
इस बीच, Series A और उसके बाद के फंडिंग राउंड भी 23% घटे। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक अब कंपनियों के कारोबार और विकास के प्रमाण पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
हालांकि, भारत में नए यूनिकॉर्न बनने की रफ्तार पूरी तरह नहीं रुकी। 2026 के पहले नौ महीनों में छह नए यूनिकॉर्न बने। पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या चार थी।
बेंगलुरु की बढ़त क्यों महत्वपूर्ण है?
बेंगलुरु लंबे समय से भारत के टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम का प्रमुख केंद्र रहा है। शहर में टेक कंपनियों, निवेशकों और उद्यमियों का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। 2026 के आंकड़े इस स्थिति को फिर मजबूत करते हैं।
इस बार शहर की हिस्सेदारी 38% से बढ़कर 43% हो गई। साथ ही, इसकी कुल फंडिंग $3.6 बिलियन से बढ़कर $4.4 बिलियन पहुंची।
वहीं, पूरे देश में सौदों की संख्या कम हुई। ऐसे समय में बेंगलुरु में बड़े निवेश का आना खास महत्व रखता है। इससे शहर में बड़े और स्थापित टेक कारोबारों के लिए निवेशकों की रुचि दिखती है।
दूसरी ओर, गुरुग्राम और मुंबई जैसे शहर भी मजबूत फंडिंग केंद्र बने हुए हैं। इसलिए भारत का स्टार्टअप बाजार केवल एक शहर तक सीमित नहीं है। फिर भी, उपलब्ध 9M 2026 आंकड़ों में बेंगलुरु की हिस्सेदारी सबसे बड़ी रही।
आगे क्या तस्वीर बन सकती है?
2026 के पहले नौ महीनों के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय टेक बाजार में निवेश जारी है। हालांकि, निवेशकों का ध्यान बड़ी और अपेक्षाकृत स्थापित कंपनियों की ओर अधिक दिखाई देता है।
इसके अलावा, AI Infrastructure और Enterprise Technology जैसे क्षेत्रों में तेज वृद्धि हुई है। ऐसे में इन सेक्टरों से जुड़ी कंपनियों के लिए पूंजी जुटाने के अवसर महत्वपूर्ण बने रह सकते हैं।
हालांकि, शुरुआती चरण की कंपनियों के लिए कम Seed funding एक अलग संकेत देती है। इसलिए आने वाले महीनों में नए स्टार्टअप्स के लिए निवेश का माहौल देखना महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल, उपलब्ध आंकड़ों में बेंगलुरु भारत के टेक निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। अगले फंडिंग आंकड़े यह बताएंगे कि यह बढ़त साल के अंतिम महीनों में कितनी मजबूत रहती है।
निष्कर्ष
2026 के पहले नौ महीनों में बेंगलुरु टेक फंडिंग ने $4.4 बिलियन का आंकड़ा छुआ। शहर ने भारत की कुल टेक फंडिंग का करीब 43% हिस्सा हासिल किया। यह पिछले साल की 38% हिस्सेदारी से ज्यादा है।
वहीं, भारत की कुल टेक फंडिंग $10.3 बिलियन रही। फंडिंग राउंड कम होने के बावजूद बड़ी रकम वाले सौदों ने बाजार को मजबूत रखा। ऐसे में बेंगलुरु टेक फंडिंग का 2026 का प्रदर्शन भारतीय स्टार्टअप बाजार की मौजूदा दिशा को समझने के लिए अहम आंकड़ा बन गया है।

