कर्नाटक की लग्जरी ट्रेन गोल्डन चैरियट आज से शुरू, 6 दिन के सफर में घूमेंगे ऐतिहासिक और खूबसूरत स्थल
कर्नाटक की प्रसिद्ध लग्जरी ट्रेन गोल्डन चैरियट 24 अक्टूबर 2026 से नए पर्यटन सीजन की शुरुआत कर रही है। इस खास ट्रेन में यात्रियों को शाही सुविधाओं के साथ दक्षिण भारत की संस्कृति, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता देखने का मौका मिलेगा।
इस बार ट्रेन को बेहतर सुविधाओं और नए अंदाज के साथ तैयार किया गया है। इसके पहले सफर के लिए सभी उपलब्ध सीटों की बुकिंग हो चुकी है। पांच रात और छह दिन की इस यात्रा में 75 यात्री शामिल होंगे।
गोल्डन चैरियट का उद्देश्य यात्रियों को सामान्य रेल यात्रा से अलग अनुभव देना है। इसमें सफर के साथ पर्यटन स्थलों की सैर, स्थानीय विरासत और खास मेहमाननवाजी पर ध्यान दिया जाता है।
इस ट्रेन का नया सीजन 2026-27 के लिए निर्धारित किया गया है। यात्रियों के लिए अलग-अलग अवधि और मार्ग वाले पर्यटन पैकेज भी रखे गए हैं।
छह दिन के सफर में कहां-कहां जाएंगे यात्री?
नए सीजन की पहली यात्रा का नाम ‘प्राइड ऑफ कर्नाटक’ है। यह पांच रात और छह दिन का पर्यटन पैकेज है। इसमें कर्नाटक के कई प्रसिद्ध स्थलों के साथ गोवा की सैर भी शामिल है।
यात्रा के दौरान यात्रियों को बांदीपुर, मैसूर, बेलूर, हलेबिडु, चिक्कमगलुरु, हम्पी और गोवा जैसे स्थान देखने का अवसर मिलेगा।
बांदीपुर अपने वन्यजीवों और प्राकृतिक वातावरण के लिए जाना जाता है। वहीं, मैसूर का शाही इतिहास और महल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। बेलूर और हलेबिडु अपने प्राचीन मंदिरों तथा बारीक स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध हैं।
इसके बाद यात्रा में चिक्कमगलुरु के कॉफी बागानों का अनुभव भी शामिल है। यह क्षेत्र हरियाली और पहाड़ी प्राकृतिक दृश्यों के लिए जाना जाता है।
हम्पी अपने ऐतिहासिक स्मारकों और विजयनगर साम्राज्य की विरासत के लिए प्रसिद्ध है। यहां के कई स्मारक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हैं।
यात्रा का एक हिस्सा गोवा के तटीय आकर्षणों और सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ा है। इस तरह एक ही पैकेज में यात्रियों को जंगल, इतिहास, मंदिर, कॉफी बागान और समुद्र तटों का अनुभव मिल सकता है।
पहली यात्रा की सभी सीटें बुक
गोल्डन चैरियट के नए सीजन की शुरुआत को लेकर यात्रियों में अच्छी रुचि देखने को मिली है। पहली ‘प्राइड ऑफ कर्नाटक’ यात्रा के लिए सभी 75 उपलब्ध यात्री स्थान बुक हो चुके हैं।
इस यात्रा में यात्रियों की सेवा के लिए करीब 60 कर्मचारी भी तैनात रहेंगे। इनमें ट्रेन में मेहमाननवाजी और अन्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल होंगे।
पहले सफर की पूरी बुकिंग से इस लग्जरी पर्यटन उत्पाद की मांग का संकेत मिलता है। हालांकि, पूरे सीजन में ऐसी ही मांग बनी रहेगी या नहीं, यह आगे की बुकिंग पर निर्भर करेगा।
पर्यटन विभाग का ध्यान अब यात्रियों को बेहतर अनुभव देने और आने वाली यात्राओं के लिए भी रुचि बनाए रखने पर है। इसके लिए सुविधाओं, पर्यटन गतिविधियों और बुकिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
ट्रेन में किए गए नए बदलाव
नए सीजन से पहले गोल्डन चैरियट का निर्धारित तकनीकी रखरखाव किया गया। मई से अगस्त 2026 के बीच मैसूर की कार्यशाला में ट्रेन के रखरखाव का काम हुआ।
इस दौरान ट्रेन के बाहरी रूप को नया रूप दिया गया। साथ ही, यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए रसोई और कुछ अन्य सुविधाओं में सुधार किया गया।
ट्रेन की रसोई में आधुनिक कॉम्बी ओवन और अधिक क्षमता वाली इंडक्शन प्रणाली लगाई गई है। इससे भोजन तैयार करने की व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, पानी को साफ करने वाली आरओ प्रणाली को भी उन्नत किया गया है। यात्रा के दौरान साफ पेयजल और भोजन की व्यवस्था यात्रियों के अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।
इन बदलावों का उद्देश्य केवल ट्रेन को नया दिखाना नहीं है। बेहतर रखरखाव और आधुनिक उपकरणों के जरिए यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना भी इसका हिस्सा है।
गोल्डन चैरियट का टिकट कितना महंगा है?
गोल्डन चैरियट एक प्रीमियम पर्यटन ट्रेन है। इसलिए इसका किराया सामान्य रेल टिकटों की तुलना में काफी अधिक है। किराया यात्रा की अवधि, पैकेज और कमरे की व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
उपलब्ध पैकेज जानकारी के अनुसार, पांच रात और छह दिन की यात्रा का प्रति व्यक्ति किराया लगभग 2.53 लाख रुपये से 4.87 लाख रुपये तक बताया गया है। इस पर पांच प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त लागू हो सकता है।
अंतिम कीमत चुने गए पैकेज और ठहरने की व्यवस्था पर निर्भर करेगी। इसलिए टिकट बुक करने से पहले यात्रियों को संबंधित पैकेज की पूरी शर्तें देखनी चाहिए।
इतनी अधिक कीमत के कारण यह ट्रेन खास तौर पर उन यात्रियों के लिए है, जो प्रीमियम पर्यटन अनुभव चाहते हैं। इसमें यात्रा के साथ पर्यटन स्थलों को देखने और व्यवस्थित मेहमाननवाजी का अनुभव भी शामिल होता है।
पहली यात्रा के सभी स्थान बुक हो चुके हैं। इसलिए 24 अक्टूबर के शुरुआती सफर में शामिल होने के लिए अब सीट उपलब्ध होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। अन्य तारीखों के लिए उपलब्धता की जांच करना जरूरी होगा।
नए सीजन में चलेंगे तीन तरह के पर्यटन पैकेज
वर्ष 2026-27 के लिए गोल्डन चैरियट की कुल 13 यात्राएं निर्धारित की गई हैं। इन्हें तीन अलग-अलग पर्यटन योजनाओं में बांटा गया है।
‘प्राइड ऑफ कर्नाटक’ के तहत सात यात्राएं प्रस्तावित हैं। यह पांच रात और छह दिन का पैकेज है। इसमें कर्नाटक की प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ गोवा के कुछ आकर्षण भी शामिल हैं।
दूसरा पैकेज ‘ग्लिम्प्सेज ऑफ कर्नाटक’ है। इसमें तीन रात और चार दिन का सफर शामिल है। यह उन यात्रियों के लिए विकल्प हो सकता है, जो कम समय में कर्नाटक के प्रमुख पर्यटन स्थलों का अनुभव करना चाहते हैं।
तीसरी योजना ‘ज्वेल्स ऑफ साउथ’ है। इसके तहत पांच रात और छह दिन की तीन यात्राएं निर्धारित की गई हैं। यह दक्षिण भारत के प्रमुख आकर्षणों को जोड़ने वाला पर्यटन पैकेज है।
इन तीनों योजनाओं की अवधि और मार्ग अलग-अलग हैं। इसलिए टिकट बुक करने से पहले यात्रियों को यात्रा कार्यक्रम, ठहराव और शामिल पर्यटन स्थलों की जानकारी ध्यान से देखनी चाहिए।
टिकट बुक करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
गोल्डन चैरियट में यात्रा करने की योजना बना रहे लोगों को सबसे पहले अपनी पसंद की तारीख और पैकेज चुनना चाहिए। इसके बाद उपलब्ध सीटों और किराये की पुष्टि करना जरूरी है।
यात्रियों को यह भी देखना चाहिए कि पैकेज में कौन-कौन सी सेवाएं शामिल हैं। अतिरिक्त कर, यात्रा से पहले या बाद में होटल में ठहरने और अन्य निजी खर्चों की शर्तें अलग हो सकती हैं।
ट्रेन के आधिकारिक बुकिंग माध्यम पर आगामी यात्राओं की तारीखें और पैकेज की जानकारी देखी जा सकती है। भुगतान करने से पहले नियम और रद्दीकरण की शर्तें पढ़ना भी जरूरी है।
यदि किसी खास तारीख पर यात्रा करनी है, तो पहले से बुकिंग की योजना बनाना उपयोगी होगा। शुरुआती यात्रा पूरी तरह बुक हो चुकी है, इसलिए उपलब्धता की पुष्टि किए बिना यात्रा का कार्यक्रम तय करना उचित नहीं होगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश
गोल्डन चैरियट को कर्नाटक के प्रमुख प्रीमियम पर्यटन उत्पादों में शामिल किया जाता है। यह ट्रेन राज्य की ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक स्थलों और सांस्कृतिक विविधता को यात्रियों के सामने प्रस्तुत करती है।
ऐसे पर्यटन पैकेज स्थानीय स्थलों की पहचान बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इनके माध्यम से यात्रियों को अलग-अलग क्षेत्रों की संस्कृति, खानपान, वास्तुकला और प्राकृतिक वातावरण को करीब से देखने का अवसर मिलता है।
नई सुविधाओं और तय पर्यटन कार्यक्रमों के जरिए ट्रेन के अनुभव को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
निष्कर्ष
कर्नाटक की गोल्डन चैरियट लग्जरी ट्रेन 24 अक्टूबर से 2026-27 के नए पर्यटन सीजन की शुरुआत कर रही है। पहली छह दिन की ‘प्राइड ऑफ कर्नाटक’ यात्रा के सभी 75 यात्री स्थान बुक हो चुके हैं।
इस सीजन में यात्रियों को बांदीपुर, मैसूर, बेलूर, हलेबिडु, चिक्कमगलुरु, हम्पी और गोवा जैसे स्थान देखने का मौका मिलेगा। ट्रेन में रसोई और पेयजल व्यवस्था सहित कुछ सुविधाओं को भी बेहतर बनाया गया है।
यात्रा का किराया पैकेज और ठहरने की व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग है। इसलिए इच्छुक यात्रियों को अगली तारीखों की उपलब्धता, किराये और बुकिंग की शर्तों की पुष्टि करके ही अपनी यात्रा की योजना बनानी चाहिए।

