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पीएम मोदी आज करेंगे ESTIC 2026 का उद्घाटन, एआई और नई तकनीकों पर होगा मंथन

भारत मंडपम में इमर्जिंग साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन करते पीएम मोदी - News Critic

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2026) का उद्घाटन करेंगे। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 27 से 29 अक्टूबर तक आयोजित होगा। इसमें देश-विदेश के वैज्ञानिक, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ, नीति निर्माता और स्टार्टअप प्रतिनिधि शामिल होंगे।

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत में विज्ञान, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, वैज्ञानिक खोजों को आम लोगों के काम आने वाले समाधानों में बदलने पर भी चर्चा होगी। कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, ऊर्जा और जलवायु विज्ञान सहित 12 प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

शाम 5:30 बजे होगा सम्मेलन का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे भारत मंडपम में सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान वह कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित भी करेंगे।

ESTIC 2026 में विज्ञान और तकनीक से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। इसमें वैज्ञानिक अनुसंधान की प्राथमिकताओं को तय करने और भारत की तकनीकी क्षमताओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा।

इसके साथ ही, सम्मेलन में यह समझने की कोशिश होगी कि प्रयोगशालाओं में होने वाले शोध को उद्योगों और आम लोगों तक कैसे पहुंचाया जाए। इससे नई तकनीकों के व्यावहारिक इस्तेमाल को बढ़ावा मिल सकता है।

कार्यक्रम में वैज्ञानिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, कंपनियों और स्टार्टअप के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच मिलेगा। इस तरह अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने अनुभव और विचार साझा कर सकेंगे।

ESTIC 2026 में 12 प्रमुख विषयों पर होगी चर्चा

इस सम्मेलन में विज्ञान और तकनीक से जुड़े 12 विषयों को प्रमुखता दी जाएगी। इनमें कई ऐसे क्षेत्र शामिल हैं, जो आने वाले वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था और विकास को प्रभावित कर सकते हैं।

प्रमुख विषयों में शामिल हैं:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता
  • जैव प्रौद्योगिकी
  • उन्नत सामग्री और नई तकनीकें
  • विनिर्माण और औद्योगिक विकास
  • स्वास्थ्य सेवाएं
  • ऊर्जा और ऊर्जा से जुड़े नए समाधान
  • जलवायु विज्ञान
  • महासागर विज्ञान

इन विषयों पर चर्चा का उद्देश्य केवल नई तकनीकों की जानकारी देना नहीं है। इसके जरिए अनुसंधान के लिए जरूरी प्राथमिकताओं की पहचान भी की जाएगी।

उदाहरण के लिए, स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकें बीमारी की पहचान और उपचार को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं। वहीं, ऊर्जा क्षेत्र में वैज्ञानिक शोध से अधिक प्रभावी और टिकाऊ समाधान विकसित किए जा सकते हैं।

इसी तरह, जलवायु और महासागर विज्ञान से जुड़े अध्ययन पर्यावरण की चुनौतियों को समझने में उपयोगी हो सकते हैं। सम्मेलन में ऐसे शोधों को आगे बढ़ाने और उनके व्यावहारिक उपयोग पर विचार किया जाएगा।

150 डीप-टेक स्टार्टअप दिखाएंगे अपने नवाचार

ESTIC 2026 का एक प्रमुख आकर्षण तकनीक और नवाचार से जुड़ी प्रदर्शनी होगी। इसमें लगभग 150 डीप-टेक स्टार्टअप अपने उत्पादों और तकनीकी समाधानों का प्रदर्शन करेंगे।

डीप-टेक स्टार्टअप ऐसी कंपनियां होती हैं, जो विज्ञान और उन्नत तकनीक पर आधारित नए उत्पाद या समाधान विकसित करती हैं। इनके काम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, जैव प्रौद्योगिकी और अन्य आधुनिक तकनीकें शामिल हो सकती हैं।

इस प्रदर्शनी के जरिए स्टार्टअप को अपने काम को विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों के सामने रखने का अवसर मिलेगा। इससे संभावित साझेदारियों और निवेश के नए रास्ते भी खुल सकते हैं।

प्रदर्शनी में भारत में विकसित तकनीकों और वैज्ञानिक उपलब्धियों को भी सामने लाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह दिखाना है कि देश में नई तकनीक विकसित करने की कितनी संभावनाएं मौजूद हैं।

कार्यक्रम में तकनीकी प्रदर्शन, विषय आधारित वीडियो, वृत्तचित्र और सूचना केंद्र जैसी व्यवस्थाएं भी होंगी। इसके अलावा, ऑगमेंटेड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से तकनीकी विषयों को समझने के नए तरीके पेश किए जाएंगे।

ग्लोबल कनेक्ट नेटवर्किंग इवेंट से बढ़ेगा अंतरराष्ट्रीय सहयोग

सम्मेलन में ग्लोबल कनेक्ट नेटवर्किंग इवेंट नाम की एक नई पहल भी शामिल की गई है। इसके तहत भारत और विदेशों से 300 से अधिक आमंत्रित प्रतिभागियों के शामिल होने की योजना है।

इसमें शिक्षा जगत, शोध संस्थानों और उद्योगों से जुड़े प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसका प्रमुख उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान साझेदारियों को बढ़ावा देना है।

इसके अलावा, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। इससे वैज्ञानिक शोध को व्यावसायिक उपयोग तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

अक्सर प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीकों को बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों और विशेषज्ञता की जरूरत होती है। ऐसे में शोध संस्थानों और कंपनियों के बीच साझेदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

ग्लोबल कनेक्ट जैसे मंच पर विशेषज्ञ संभावित सहयोग, तकनीकी विकास और शोध के व्यावहारिक इस्तेमाल पर विचार कर सकते हैं। इससे भारतीय शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय अनुभव और विशेषज्ञता से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।

इसरो भी दिखाएगा अपनी उभरती तकनीकें

ESTIC 2026 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो भी अपनी तकनीकी उपलब्धियों को प्रदर्शित करेगा। इसकी प्रदर्शनी में भविष्य के अंतरिक्ष कार्यक्रमों और उन्नत प्रक्षेपण तकनीक से जुड़ी जानकारी शामिल होगी।

इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने कार्यक्रम से पहले आयोजित एक परिचयात्मक कार्यक्रम में अगली पीढ़ी के भारी प्रक्षेपण यान का मॉडल प्रदर्शित किए जाने की जानकारी दी थी। प्रस्तावित प्रक्षेपण यान का उद्देश्य कम पृथ्वी कक्षा में 30,000 किलोग्राम से अधिक वजन के पेलोड पहुंचाने की क्षमता विकसित करना है।

इसके अलावा, प्रदर्शनी में चंद्रयान-4 और चंद्रयान-5 मिशनों से जुड़ी जानकारी भी दिखाई जाएगी। ये मिशन भारत के भविष्य के चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम का हिस्सा हैं।

इसरो की भागीदारी से सम्मेलन में अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीकी विकास को भी प्रमुख स्थान मिलेगा। इससे लोगों को भारत की अंतरिक्ष योजनाओं और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी मिल सकेगी।

हालांकि, प्रदर्शनी में किसी मिशन का मॉडल या जानकारी दिखाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि मिशन की सभी गतिविधियां उसी समय पूरी हो रही हैं। प्रदर्शनी का उद्देश्य तकनीक और योजनाओं को समझाना भी है।

विज्ञान और तकनीक से विकसित भारत का लक्ष्य

ESTIC 2026 का आयोजन वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद यानी सीएसआईआर कर रही है। यह आयोजन भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के मार्गदर्शन में हो रहा है।

इस सम्मेलन का उद्देश्य देश के विज्ञान, तकनीक और नवाचार से जुड़े तंत्र को मजबूत करना है। इसके साथ ही, वैज्ञानिक संस्थानों, उद्योगों और स्टार्टअप के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया जाएगा।

भारत के लिए विज्ञान और तकनीक आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। नई तकनीक से उद्योगों की कार्यक्षमता बढ़ सकती है। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं, ऊर्जा, कृषि और पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान भी विकसित किए जा सकते हैं।

हालांकि, केवल नई तकनीक विकसित करना पर्याप्त नहीं है। उसे उपयोगी, सुरक्षित और किफायती बनाना भी जरूरी है। इसके लिए शोध, निवेश और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता होती है।

ESTIC 2026 में इन चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा के जरिए देश की वैज्ञानिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। यह पहल विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से भी जुड़ी है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में ESTIC 2026 का उद्घाटन करेंगे। 29 अक्टूबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में वैज्ञानिक, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ और स्टार्टअप प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

कार्यक्रम में एआई, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, ऊर्जा और जलवायु विज्ञान सहित 12 विषयों पर चर्चा होगी। वहीं, लगभग 150 डीप-टेक स्टार्टअप अपने नवाचार प्रदर्शित करेंगे। इसरो भी अपनी उभरती तकनीकों और भविष्य के अंतरिक्ष कार्यक्रमों से जुड़ी जानकारी साझा करेगा।

कुल मिलाकर, ESTIC 2026 का उद्देश्य भारत में वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी विकास और नवाचार को बढ़ावा देना है। सम्मेलन से मिलने वाले विचार और सहयोग भविष्य में नई तकनीकों को व्यावहारिक उपयोग तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं।

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