गाजियाबाद में CM योगी की पदयात्रा आज: ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान का करेंगे नेतृत्व
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज 5 नवंबर को गाजियाबाद में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। यह कार्यक्रम राजनगर एक्सटेंशन में आयोजित किया जा रहा है।
भाजपा ने इस पदयात्रा के जरिए विपक्ष के राजनीतिक आरोपों का जवाब देने की तैयारी की है। कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के पहुंचने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री पहले कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इसके बाद उनके नेतृत्व में पदयात्रा निकाली जाएगी।
राजनगर एक्सटेंशन से शुरू होगी पदयात्रा
CM योगी की पदयात्रा गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में आयोजित होगी। कार्यक्रम के लिए सृष्टि गोल चक्कर को शुरुआती स्थल निर्धारित किया गया है। यहां से मुख्यमंत्री कार्यकर्ताओं के साथ पैदल मार्च करेंगे।
5 नवंबर को सुबह करीब 11 बजे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचने का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद वह सभा को संबोधित करेंगे। फिर लगभग 1.4 से 1.5 किलोमीटर लंबी पदयात्रा शुरू होगी।
यह यात्रा राजनगर एक्सटेंशन से होते हुए गोल्डन व्यू रिसॉर्ट तक पहुंचेगी। भाजपा ने इस आयोजन के लिए कई दिनों से तैयारियां की हैं।
पार्टी के क्षेत्रीय और महानगर स्तर के पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। कार्यकर्ताओं के आने-जाने और कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्था बनाने के लिए भी तैयारी की गई है।
भाजपा के अभियान का क्या है उद्देश्य?
भाजपा देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ नाम से अभियान चला रही है। इसके तहत अलग-अलग राज्यों और संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राएं आयोजित की जा रही हैं।
पार्टी का कहना है कि यह अभियान लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और व्यवस्था को लेकर जनता के बीच अपनी बात रखने के लिए है।
दरअसल, कांग्रेस और विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम हटाए जाने और चुनावी पारदर्शिता को लेकर चिंताएं हैं।
कांग्रेस ने कथित वोट चोरी के मुद्दे पर भी सरकार और चुनाव आयोग को घेरा है। इसी राजनीतिक माहौल में भाजपा ने अपना अभियान तेज किया है।
भाजपा का आरोप है कि विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाता है। वहीं, विपक्ष इन आरोपों को खारिज करते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहा है।
ऐसे में गाजियाबाद की पदयात्रा दोनों पक्षों के बीच चल रही राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गई है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हजारों कार्यकर्ता होंगे शामिल
इस कार्यक्रम को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा के बड़े संगठनात्मक आयोजनों में गिना जा रहा है। पार्टी ने मेरठ मंडल और आसपास के जिलों से कार्यकर्ताओं को बुलाया है।
भाजपा के पश्चिम क्षेत्र के अध्यक्ष नवाब सिंह नागर ने तैयारियों की जानकारी दी थी। उनके अनुसार, पदयात्रा में लगभग 40 हजार कार्यकर्ताओं के शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है।
कुछ अन्य रिपोर्टों में करीब 50 हजार लोगों की भागीदारी की संभावना भी जताई गई है। हालांकि, ये आयोजन से पहले दिए गए अनुमान हैं। वास्तविक संख्या कार्यक्रम के बाद ही स्पष्ट होगी।
गाजियाबाद के अलावा मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों से भी कार्यकर्ताओं के पहुंचने की तैयारी है।
इसके अलावा पार्टी के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय पदाधिकारियों को भी कार्यक्रम में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली की विपक्षी रैली के बाद भाजपा का जवाबी अभियान
इस पदयात्रा का राजनीतिक संदर्भ दिल्ली में आयोजित विपक्ष की रैली से भी जुड़ा है। इंडिया गठबंधन ने 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर बड़ी रैली की थी।
इस रैली में विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से संबंधित मुद्दे उठाए थे। कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी अपनी आपत्तियां सामने रखी थीं।
इसके बाद भाजपा ने अलग-अलग क्षेत्रों में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान आयोजित करने की रणनीति बनाई।
भाजपा का उद्देश्य विपक्ष के आरोपों का जवाब देना और अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना है। पार्टी इस अभियान के जरिए लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर अपना पक्ष जनता तक पहुंचाना चाहती है।
हालांकि, विपक्ष का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है। इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, कार्यक्रम के लिए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। पुलिस अधिकारी अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे।
पदयात्रा मार्ग के आसपास की ऊंची इमारतों और सोसायटियों की छतों पर भी सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड को भी सक्रिय रखा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में बांटा गया है। मुख्यमंत्री के आसपास विशेष सुरक्षा दल रहेगा। वहीं, स्थानीय पुलिस भीड़ और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखेगी।
कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। सुरक्षा कारणों से गाजियाबाद कमिश्नरेट क्षेत्र को अस्थायी नो-ड्रोन जोन घोषित किया गया है।
कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू
पदयात्रा के कारण राजनगर एक्सटेंशन और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित होने की संभावना है। इसी को देखते हुए गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस ने विशेष डायवर्जन प्लान लागू किया है।
5 नवंबर को सुबह 7 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक निर्धारित मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू रहेगा।
प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:
- रोटरी गोल चक्कर से एएलटी की ओर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी।
- एएलटी से रोटरी गोल चक्कर की ओर भी आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
- डायमंड फ्लाईओवर रेडलाइट से हापुड़ चुंगी की ओर व्यावसायिक वाहन नहीं जा सकेंगे।
- हिंडन मेट्रो स्टेशन से रोटरी गोल चक्कर की ओर यातायात प्रतिबंधित रहेगा।
- करहेड़ा तिराहे से नागद्वार और रोटरी गोल चक्कर की ओर भी डायवर्जन लागू रहेगा।
पुलिस ने वाहन चालकों से वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है। स्थानीय निवासियों को भी यात्रा से पहले यातायात संबंधी जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की संगठनात्मक तैयारी
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपनी संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ा रहे हैं।
भाजपा के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी पार्टी के संगठनात्मक अभियान को मजबूती दे सकती है।
इस पदयात्रा के जरिए भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश कर रही है। साथ ही, विपक्ष के मुद्दों पर पार्टी का पक्ष जनता तक पहुंचाने की तैयारी है।
दूसरी ओर, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल एसआईआर तथा कथित वोट चोरी जैसे मुद्दों को लेकर अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखे हुए हैं।
आने वाले महीनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है। ऐसे में गाजियाबाद का यह कार्यक्रम प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे क्या होगा?
आज की पदयात्रा के बाद भाजपा अभियान को प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ा सकती है। पार्टी का जोर संगठनात्मक सक्रियता और कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने पर है।
वहीं, विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को उठाता रहेगा। इस कारण लोकतंत्र, एसआईआर और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दे राजनीतिक चर्चा में बने रह सकते हैं।
गाजियाबाद में मुख्यमंत्री के संबोधन और पदयात्रा के दौरान दिए जाने वाले संदेश पर भी राजनीतिक दलों की नजर रहेगी।
निष्कर्ष
गाजियाबाद में CM योगी की पदयात्रा भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान का पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रमुख कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसके जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं का नेतृत्व करेंगे।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह आयोजन भाजपा की संगठनात्मक तैयारियों और विपक्ष के साथ चल रही राजनीतिक बहस के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अब सबकी नजर मुख्यमंत्री के संबोधन और कार्यक्रम के बाद आने वाली राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर रहेगी।

