वरुण गाँधी ने पीलीभीत में जनसभा को किया सम्बोधित, अपनी ही सरकार की नीतियों पर उठाये सवाल
बीजेपी नेता और पीलीभीत से सांसद वरुण गाँधी सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर पीलीभीत पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एक जनसभा को सम्बोधित किया। इस दौरान वरुण गाँधी ने एक बार फिर अपनी ही सरकार की नीतियों पर सवाल उठाये। उन्होंने मुफ्त राशन, महंगाई और अग्निवीर जैसी योजनाओं को लेकर अपनी ही सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सिर्फ नारेवाजी से देश की समस्याएं हल नहीं होंगी। क्या जय श्री राम और भारत माता की जय के नारे से देश समस्याएं हल हो जाएँगी। मैं भारत माता को अपनी माँ मानता हूँ। मैं हनुमान जी का भक्त हूँ और भगवान राम को अपना इष्ट मानता हूँ। लेकिन मैं आपसे पूछता हूँ कि आज जिन बुनियादी समस्याओं से हर व्यक्ति ग्रसित है, क्या उनका हल केवल नारे से होगा या उनका हल नीतिगत सुधार से होगा। देश को चलाने के लिए संवेदनशील होना जरूरी है।
रोजगार को लेकर साधा निशाना
वरुण गाँधी ने रोजगार को लेकर अपनी ही सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “हर नौकरी आज संविदा पर दी जा रही है। इस सभा में भी कई संविदाकर्मी बैठे हैं। सब खून के आंसू रो रहे हैं। सालों से उनका मानदेय नहीं बढ़ा, उन्हें स्थायित्व नहीं दिया गया, काम पूरा लिया जाता है और मान-सम्मान स्थायित्व कुछ है नहीं। अग्निवीर योजना आई, तो वरुण गांधी ने सबसे पहले उसका खुला विरोध किया।”
अग्निवीर योजना पर उठाये सवाल
वरुण गाँधी ने अग्निवीर योजना पर अपनी ही सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा अगर आपके गांव का नौजवान सरहद पर जाता है और देश की सीमा की रक्षा करता है तो यह सम्मान की बात है या नहीं। मैं आपसे पूछता हूँ कि जब वह चार साल बाद सेना से निकल दिया जायेगा और वह वर्दी पहनकर आएगा और मजदूरी करेगा तो उस पर क्या मानसिक प्रभाव पड़ेगा। देश चलाना कोई मजाक नहीं है। यह एक संवेदनशील और गहरा काम है।
मुफ्त राशन पर कसा तंज
वरुण गाँधी ने अपनी ही सरकार की मुफ्त राशन योजना पर कसा। उन्होंने कहा कि आपको यह पता है कि यह क्यों किया जा रहा है ? ताकि वह आपको चुनाव में आटा, दाल चना बाँट सके। उन्होंने एक शायरी सुनाते हुए कहा, ” तेरी मोहब्बत में हो गए फना….. मांगी थी नौकरी मिला आटा दाल चना।” उन्होंने कहा कि क्या ये कोई स्थायी समाधान है? ये छलावा है, कितने लोग परीक्षा देते हैं। यूपी की कोई भी परीक्षा देख लें पिछले तीन साल में कोई ऐसी परीक्षा नहीं है जिसके पांच-पांच बार पेपर लीक न हुए हों चाहे वो टीचर्स की भर्ती हो या पुलिस की भर्ती।

