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सीजफायर के बाद उमर अब्दुल्ला पुंछ पहुंचे, घायल नागरिकों से मुलाकात

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जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमावर्ती इलाकों में तनाव गहराता चला गया। इस बीच पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई भारी गोलीबारी ने कई मासूमों की जान ले ली और अनेक परिवारों को उजाड़ दिया। सबसे ज्यादा असर पुंछ जिले पर देखने को मिला, जहां हालात बेहद चिंताजनक हो गए थे।

इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला खुद सोमवार को पुंछ पहुंचे और गोलीबारी में प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने उन परिवारों से बात की, जिन्होंने अपनों को इस हिंसा में खो दिया।

पुंछ में हालात बेहद खराब, भाईचारा कायम

मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में युद्ध जैसे हालात बने हुए थे। इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका पुंछ रहा। उन्होंने कहा, “बहुत सालों बाद ऐसा हुआ है कि पाकिस्तान ने पुंछ के शहर के बीचोंबीच बमबारी की है। इसमें अब तक 13 लोगों की जान चली गई है।”

उमर अब्दुल्ला ने बताया कि इस हमले में पाकिस्तान ने किसी एक धर्म को निशाना नहीं बनाया। बमबारी के दौरान मंदिर और गुरुद्वारे तक को नुकसान पहुंचा। उन्होंने पुंछ के लोगों की तारीफ करते हुए कहा, “इस मुश्किल घड़ी में भी यहां के हिंदू, मुस्लिम और सिख समुदायों ने मिलकर भाईचारे की मिसाल पेश की।”

अब हालात सामान्य, लोग वापस लौटें: उमर अब्दुल्ला

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है। बीते 24 घंटे से सीमा पर कोई गोलीबारी नहीं हुई है और सीजफायर लागू है। उन्होंने कहा, “पुंछ के लगभग 80 से 90 फीसदी लोग शहर छोड़कर चले गए थे। अब जब बमबारी बंद हो चुकी है, लोगों को वापस लौटना चाहिए। प्रशासन सुरक्षा और मदद के लिए तैयार है।”

नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा मिलेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित इलाकों में प्रशासन को तत्काल नुकसान के आंकलन के आदेश दिए गए हैं। इसमें पुंछ, राजौरी, जम्मू, बारामूला, कुपवाड़ा और बांदीपोरा शामिल हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।

इसके साथ ही उन्होंने पुंछ के जिला अस्पताल का दौरा किया, जहां उन्होंने गोलाबारी में घायल हुए लोगों से मुलाकात की और डॉक्टरों से उनकी हालत की जानकारी ली। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी दी कि घायलों को बेहतर इलाज और पूरी सरकारी मदद दी जा रही है।

ऑपरेशन सिंदूर और सीमा पर तनाव

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई थी। इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में घुसकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसमें 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया।

इस ऑपरेशन से बौखलाकर पाकिस्तान ने सीमा पर गोलीबारी और मिसाइल हमलों की कोशिशें शुरू कर दीं। हालांकि, भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया। सीमा पार से हुई इस हिंसा में कुल 22 लोगों की मौत हो चुकी है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के दौरे से साफ है कि राज्य सरकार लोगों के साथ खड़ी है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। मौजूदा हालात में जहां एक ओर सीमा पर सीजफायर की उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन द्वारा भरोसे और राहत का माहौल बनाने की कोशिशें जारी हैं।

 

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