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बेंगलुरु में 112 साल का सबसे गर्म जुलाई, पारा 33.6 डिग्री सेल्सियस पहुंचा

बेंगलुरु में 112 साल की सबसे गर्म जुलाई और पारे के 33.6°C पहुंचने की मौसम विभाग की रिपोर्ट को दर्शाता News Critic का जलवायु परिवर्तन समाचार इंफोग्राफिक।
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कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में इस बार जुलाई का महीना पिछले 112 वर्षों में सबसे अधिक गर्म दर्ज किया गया है। बेंगलुरु में सबसे गर्म जुलाई के बीच अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से काफी अधिक माना जा रहा है। मौसम के इस बदलाव ने लोगों के साथ-साथ मौसम वैज्ञानिकों की भी चिंता बढ़ा दी है।

आमतौर पर जुलाई में बेंगलुरु का मौसम सुहावना रहता है, लेकिन इस बार अपेक्षाकृत कम बारिश और लगातार तेज धूप के कारण तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बेंगलुरु में सबसे गर्म जुलाई क्यों बना चर्चा का विषय?

बेंगलुरु में सबसे गर्म जुलाई इसलिए चर्चा में है क्योंकि शहर में जुलाई के दौरान इतना अधिक तापमान पिछले 112 वर्षों में पहली बार दर्ज किया गया है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य से कम वर्षा और लंबे समय तक साफ आसमान रहने के कारण तापमान लगातार बढ़ता गया।

कितना दर्ज किया गया तापमान?

मौसम विभाग के अनुसार, बेंगलुरु में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

यह तापमान जुलाई महीने के सामान्य औसत से अधिक है और लंबे समय के रिकॉर्ड में इसे एक असामान्य मौसमीय घटना माना जा रहा है।

गर्मी बढ़ने के प्रमुख कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, कई कारणों से इस बार तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली—

  • सामान्य से कम बारिश।
  • लंबे समय तक तेज धूप।
  • बादलों की कमी।
  • मानसून की गतिविधियों में बदलाव।
  • स्थानीय मौसमीय परिस्थितियों का प्रभाव।

लोगों पर क्या पड़ा असर?

बेंगलुरु में बढ़ते तापमान का असर आम जनजीवन पर भी देखने को मिला। दोपहर के समय सड़कों पर कम आवाजाही देखी गई और लोगों ने गर्मी से बचने के लिए एहतियात बरते।

विशेषज्ञों ने पर्याप्त पानी पीने, धूप में लंबे समय तक रहने से बचने और आवश्यक होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है।

क्या मानसून कमजोर पड़ा?

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने और वर्षा में कमी के कारण तापमान बढ़ा।

हालांकि, आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने पर तापमान में गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है।

जलवायु परिवर्तन से भी जोड़कर देख रहे विशेषज्ञ

कई मौसम विशेषज्ञ इस तरह की असामान्य मौसमीय घटनाओं को जलवायु परिवर्तन के व्यापक प्रभावों से भी जोड़कर देख रहे हैं।

हालांकि, किसी एक घटना के आधार पर जलवायु परिवर्तन का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जाता। इसके लिए लंबे समय के मौसम संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण आवश्यक होता है।

मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से गर्मी को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है।

विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को दोपहर की तेज धूप से बचने की सलाह दी गई है।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे तापमान में कुछ कमी आने की उम्मीद है।

हालांकि, स्थानीय मौसम की स्थिति के अनुसार तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

निष्कर्ष

बेंगलुरु में सबसे गर्म जुलाई ने 112 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए मौसम के बदलते स्वरूप की ओर ध्यान आकर्षित किया है। 33.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचे तापमान ने यह संकेत दिया है कि सामान्य से कम वर्षा और बदलती मौसमीय परिस्थितियां बड़े शहरों के मौसम को भी प्रभावित कर रही हैं। अब लोगों की निगाहें आने वाले दिनों में होने वाली बारिश और मौसम विभाग के अगले पूर्वानुमान पर टिकी हैं।

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