भारत की आतंकवाद के खिलाफ मुहिम तेज, ऑपरेशन सिंदूर के बाद सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल करेगा वैश्विक दौरा
भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने सख्त रुख को एक बार फिर दुनिया के सामने रखने की तैयारी कर ली है। हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत सरकार सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को इस महीने के अंत तक विभिन्न देशों के दौरे पर भेज रही है। ये डेलीगेशन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के सदस्य देशों सहित भारत के अहम वैश्विक साझेदारों से मिलेंगे और आतंकवाद को लेकर भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को उनके समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
इन दलों के सांसद होंगे प्रतिनिधिमंडल में शामिल
इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद शामिल हैं। कांग्रेस से शशि थरूर, भारतीय जनता पार्टी से रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, जनता दल यूनाइटेड से संजय कुमार झा, डीएमके से कनिमोझी करुणानिधि, एनसीपी से सुप्रिया सुले और शिवसेना से श्रीकांत एकनाथ शिंदे का नाम शामिल है। यह डेलीगेशन आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों, विशेष रूप से पाकिस्तान की भूमिका को उजागर करेगा।
भारत सरकार का कहना है कि पाकिस्तान वर्षों से आतंकवादियों को शरण देता आ रहा है और भारत के खिलाफ उनका इस्तेमाल करता रहा है। प्रतिनिधिमंडल के पास पाकिस्तान के इन कृत्यों के पुख्ता सबूत मौजूद हैं, जिन्हें वे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। पाकिस्तान अक्सर यह दावा करता रहा है कि उसने अपने देश से आतंकवाद को समाप्त कर दिया है, लेकिन भारत इन झूठे दावों की पोल खोलने का इरादा रखता है।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवादियों के खिलाफ करारा जवाब
हाल ही में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादियों के मारे जाने की जानकारी दी गई है। यह ऑपरेशन पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के जवाब में किया गया था।
22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले में आतंकवादियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की निर्मम तरीके से गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इसके बाद भारत ने 7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर के तहत जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आतंकी ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया।
पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाया कि इस कार्रवाई में आम नागरिक, धार्मिक स्थल और बच्चे निशाना बने, लेकिन भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भारतीय सेना का स्पष्ट कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य केवल आतंकवाद का सफाया करना था, न कि किसी निर्दोष को नुकसान पहुंचाना।
पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब करने की तैयारी
अब भारत का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल इन सभी घटनाओं और तथ्यों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष जाएगा। वे दुनिया को बताएंगे कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को किस तरह पनाह दी और उसे भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया। भारत की यह पहल आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग बढ़ाने और पाकिस्तान के झूठे प्रचार को रोकने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
यह मिशन केवल भारत की सुरक्षा नीति का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक वैश्विक अपील है कि आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।

