आरसीबी की जीत का जश्न मातम में बदला, चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ में कई लोगों की मौत
आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे शहर में जश्न का माहौल था, लेकिन यह खुशी का पल उस समय मातम में तब्दील हो गया जब चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ मच गई। इस भीषण हादसे में एक महिला और एक लड़के समेत 10 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। घायलों में से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
हादसे की शुरुआत कैसे हुई?
आरसीबी की जीत के बाद बुधवार दोपहर टीम के लिए एक विक्ट्री परेड और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। जैसे ही खबर फैली कि आरसीबी की टीम चिन्नास्वामी स्टेडियम पहुंचने वाली है, हजारों की संख्या में फैंस स्टेडियम के बाहर इकट्ठा हो गए।
करीब 4 बजे, स्टेडियम के पीछे वाले गेट के पास मौजूद भीड़ ने अंदर घुसने की कोशिश की, जिससे अफरा-तफरी मच गई। लोगों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि काबू पाना मुश्किल हो गया। जब एक साथ सैकड़ों लोग गेट की ओर दौड़े, तो धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते भगदड़ की स्थिति बन गई।
अस्पतालों में मची अफरा–तफरी
हादसे में घायल हुए लोगों को बोवरिंग अस्पताल और वैदेही मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
- बोवरिंग अस्पताल में तीन लोगों को मृत घोषित किया गया।
- वैदेही अस्पताल में चार अन्य की मौत की पुष्टि हुई है।
- शेष घायलों का इलाज चल रहा है, जिनमें कई की हालत नाजुक है।
चश्मदीदों ने क्या बताया?
घटना के चश्मदीदों के अनुसार, कब्बन पार्क के पास मौजूद गेट से लोग जबरदस्ती स्टेडियम में घुसने की कोशिश कर रहे थे। कुछ लोग तो स्टेडियम की दीवारों पर चढ़ गए और यहां तक कि कंटीले तारों को भी पार करने लगे। इसी दौरान एक व्यक्ति गिर गया, जिससे उसका पैर टूट गया।
पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा ताकि स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सके।
घटना की पूरी टाइमलाइन
- 2:45 बजे: आरसीबी की टीम एयरपोर्ट पर पहुंचती है।
- 3:30 बजे: टीम ताज होटल जाती है।
- 4:00 बजे: स्टेडियम के पीछे भगदड़ शुरू होती है।
- 4:30 बजे: टीम विधानसभा पहुंचती है, जहां मुख्यमंत्री और राज्यपाल स्वागत करते हैं।
- 6:10 बजे: टीम चिन्नास्वामी स्टेडियम पहुंचती है।
- 6:30 बजे: विक्ट्री कार्यक्रम जल्दी समाप्त कर टीम निकल जाती है।
मुख्यमंत्री पहुंचे अस्पताल
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हादसे की जानकारी मिलते ही बोवरिंग अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया और मृतकों के परिवारों से संवेदना जताई। सरकार की ओर से जांच के आदेश दे दिए गए हैं और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा जल्द की जा सकती है।
सुरक्षा इंतजाम नाकाफी साबित हुए
इस हादसे ने एक बार फिर से बड़े आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा उपायों की पोल खोल दी है।
- ना तो स्टेडियम के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग थी
- ना ही लोगों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए गए थे
- और पुलिस बल भीड़ के अनुमान से कहीं कम था
इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या आयोजकों ने सुरक्षा के मानकों का पालन किया था?
आरसीबी की ऐतिहासिक जीत पर जहां पूरे शहर को गर्व और खुशी होनी चाहिए थी, वहीं यह जश्न अचानक गहरे शोक में बदल गया। यह हादसा न सिर्फ कर्नाटक सरकार के लिए एक चेतावनी है, बल्कि ऐसे आयोजनों में भीड़ प्रबंधन को लेकर पूरे देश में गंभीर सोच-विचार की जरूरत है। उम्मीद है कि इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में और अधिक सतर्कता बरती जाएगी।

