जयपुर में एसआई भर्ती रद्द कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हनुमान बेनीवाल, कांग्रेस पर जमकर साधा निशाना
राजस्थान की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना दिया। यह धरना SI भर्ती परीक्षा रद्द कराने की मांग को लेकर किया गया था, लेकिन इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं पर तीखे तंज कसे।
धरने के दौरान बेनीवाल ने कांग्रेस की आंतरिक गुटबाज़ी और आपसी संघर्ष को लेकर व्यंग्यपूर्ण भाषा में हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस को लेकर ऐसा बयान दिया, जिससे वहां मौजूद लोगों की हंसी छूट गई और सभा में ठहाकों की गूंज सुनाई दी।
“कांग्रेस में असली दूल्हा कौन?”
बेनीवाल ने व्यंग्य करते हुए कहा कि अशोक गहलोत, सचिन पायलट और गोविंद सिंह डोटासरा—तीनों खुद को पार्टी का असली नेता यानी “दूल्हा” मानते हैं। उन्होंने कहा,
“गहलोत कहते हैं कि मैं दूल्हा हूं, पायलट भी यही दावा करते हैं और अब ‘गमछे वाले’ (गोविंद सिंह डोटासरा) भी पीछे नहीं हैं। कांग्रेस में कोई नहीं जानता कि असली दूल्हा कौन है।”
“कांग्रेस की हालत द्रौपदी जैसी“
बेनीवाल ने अपने तंज को और आगे बढ़ाते हुए कहा,
“जैसे द्रौपदी के पांच पति थे, वैसी ही कांग्रेस की स्थिति भी हो गई है। अब इसमें भी पांच-पांच लोग खुद को दूल्हा कह रहे हैं। जब इतने लोग एक ही पद के लिए दावा करेंगे तो टिकट किसे मिलेगा?”
उनके इस बयान पर धरने में मौजूद लोग जोर-जोर से हंसने लगे और तालियों की गड़गड़ाहट गूंजने लगी। इस तरह से उन्होंने कांग्रेस के भीतर चल रहे नेतृत्व संघर्ष को एक राजनीतिक तमाशा बताया।
कांग्रेस पर धोखा देने का आरोप
धरने में बेनीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पहले आरएलपी के साथ गठबंधन का दिखावा किया, लेकिन बाद में उसे कमजोर करने के लिए साजिश रच डाली। उन्होंने कहा कि
“पहले तो कांग्रेस हमारे साथ मिलकर चलने की बात करती रही, लेकिन जैसे ही समय बदला, पीठ में छुरा घोंप दिया। कांग्रेस की मंशा साफ नहीं थी।”
उन्होंने सीधे तौर पर अशोक गहलोत, सचिन पायलट और गोविंद डोटासरा को इस साजिश के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि कांग्रेस को यह समझ लेना चाहिए कि जनता सब देख रही है।
भाई को तोड़ने की कोशिश का भी आरोप
एक टीवी इंटरव्यू में बेनीवाल ने यह भी खुलासा किया कि कांग्रेस ने उनके भाई उम्मेदाराम बेनीवाल को पार्टी में शामिल कर उन्हें राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से कमजोर करने की योजना बनाई थी।
उन्होंने कहा,
“यह कांग्रेस की सोची-समझी चाल थी, ताकि आरएलपी का संगठन टूट जाए। लेकिन हम झुकने वाले नहीं हैं।”
पंचायती चुनावों में जवाब मिलेगा: बेनीवाल
बेनीवाल ने चेतावनी दी कि अगर कांग्रेस को लगता है कि वो अब मजबूत हो गई है, तो उसे जल्दी ही इसका जवाब मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि
“आगामी पंचायत राज चुनावों में जनता कांग्रेस को उसका असली चेहरा दिखाएगी। जिन लोगों ने किसानों और बेरोजगारों से धोखा किया है, उन्हें गांव-गांव से जवाब मिलेगा।”
हनुमान बेनीवाल का यह धरना सिर्फ SI परीक्षा रद्द कराने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक राजनीतिक हमला बन गया जिसमें उन्होंने कांग्रेस की नीतियों, नेताओं और चालों पर सीधा वार किया। अपने बयान में उन्होंने चुटीले अंदाज और तंज के माध्यम से जनता के बीच अपनी बात को प्रभावी तरीके से रखा। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और राजस्थान की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

