वक्फ कानून पर गरमाई बिहार की राजनीति, तेजस्वी यादव का बीजेपी पर तीखा हमला
बिहार की राजनीति इन दिनों वक्फ कानून को लेकर काफी गर्म है। इस मुद्दे को लेकर आरजेडी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को निशाने पर लिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी राजनीति धर्म के नाम पर नहीं, बल्कि जनसेवा और कर्म के आधार पर है। तेजस्वी यादव ने पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में बीजेपी के नेताओं और प्रवक्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब भी दिया और केंद्र की राजनीति पर करारा प्रहार किया।
‘धर्म नहीं, कर्म की राजनीति करते हैं’
तेजस्वी यादव ने मंगलवार, 1 जुलाई 2025 को पटना के बापू सभागार में अब्दुल कय्यूम अंसारी की 120वीं जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज कुछ राजनीतिक ताकतें नफरत फैलाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा, “हम धर्म के नाम पर राजनीति नहीं करते, बल्कि अपने कर्म से पहचान बनाते हैं। मंदिर भी सजाएंगे और मस्जिद भी, क्योंकि जनता के साथ हमारा रिश्ता सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि भावना और संवेदना का है।”
तेजस्वी ने कहा कि कुछ लोग देश को बांटने का काम कर रहे हैं, लेकिन उनकी पार्टी लोगों को जोड़ने में विश्वास रखती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर जनता का समर्थन मिला तो “नागपुर से चलने वाली सरकार” को सत्ता से बाहर करने में वे पीछे नहीं हटेंगे।
‘वक्फ बचाओ‘ रैली से शुरू हुआ विवाद
पूरे विवाद की शुरुआत बीते रविवार को हुई, जब तेजस्वी यादव ने पटना के गांधी मैदान में आयोजित ‘वक्फ बचाओ, संविधान बचाओ’ रैली में केंद्र सरकार के बनाए गए वक्फ कानून पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा था कि बिहार में मौजूदा एनडीए सरकार सत्ता से बाहर होने की कगार पर है और अगर विपक्षी दलों की सरकार बनती है, तो वक्फ कानून को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया जाएगा।
तेजस्वी यादव के इस बयान को बीजेपी ने सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की और इसे संविधान विरोधी करार दिया। इसके बाद बिहार और दिल्ली में राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई।
बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया का पलटवार
तेजस्वी यादव के बयानों के जवाब में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा, “तेजस्वी यादव देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहते हैं। वे शरिया कानून लागू करना चाहते हैं। मौलाना तेजस्वी यादव को संविधान की समझ नहीं है। वे और उनके पिता लालू यादव वर्षों से सांप्रदायिक राजनीति कर रहे हैं।”
भाटिया ने यह भी दावा किया कि आरजेडी अगले 50 वर्षों तक बिहार की सत्ता में नहीं आ पाएगी। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि बीजेपी के लिए अंबेडकर पूजनीय हैं, जबकि विपक्षी दल संविधान को ताक पर रखकर वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं।
तेजस्वी का तीखा जवाब
तेजस्वी यादव ने मंच से ही बीजेपी प्रवक्ताओं को जवाब देते हुए कहा, “दिल्ली में संघी प्रवक्ता दो दिनों से मुझे गालियां दे रहे हैं। कोई मुझे नमाजवादी कह रहा है, कोई मौलाना। हम मुद्दों की बात करते हैं, वे मुर्दों की बात करते हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब जनता की तकलीफें एक जैसी हैं, तो उन्हें धर्म के नाम पर कैसे बांटा जा सकता है?
बिहार में वक्फ कानून को लेकर छिड़ा यह राजनीतिक विवाद आने वाले चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। जहां तेजस्वी यादव इसे अल्पसंख्यकों के अधिकार और संवैधानिक मूल्यों से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं बीजेपी इसे धर्म आधारित राजनीति और संविधान विरोधी गतिविधि करार दे रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी संग्राम और तेज होने की संभावना है।
