नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने पर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला, छात्रों के भविष्य को लेकर उठाए सवाल
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 को रद्द किए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ियों के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। कांग्रेस ने इसे शिक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता बताया है।
पेपर लीक से लाखों छात्रों की मेहनत पर असर
कांग्रेस ने कहा कि नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने से करीब 22 लाख छात्रों की मेहनत बेकार चली गई। इन छात्रों ने पूरे साल कठिन तैयारी की थी और उनके परिवारों ने कोचिंग, किताबों और अन्य खर्चों पर बड़ी रकम खर्च की थी। अब परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों को फिर से तैयारी करनी पड़ेगी, जिससे उन पर मानसिक दबाव भी बढ़ेगा।
पार्टी ने आरोप लगाया कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों ने युवाओं का भरोसा परीक्षा व्यवस्था से खत्म कर दिया है। कांग्रेस के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कई वर्षों में अलग-अलग भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक की खबरें सामने आती रही हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि मोदी सरकार के पिछले 10 वर्षों में 89 से ज्यादा परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पेपर लीक अब एक संगठित नेटवर्क का रूप ले चुका है, जिसे रोकने में सरकार पूरी तरह असफल साबित हुई है। पार्टी का आरोप है कि पेपर लीक माफिया खुलेआम सक्रिय हैं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में नाकाम रही है। पार्टी ने कहा कि हर साल लाखों छात्र सरकारी नौकरियों और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण उनके सपने टूट जाते हैं।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। पार्टी के अनुसार सत्ता में बैठे लोगों को आम छात्रों की परेशानियों का अंदाजा नहीं है, क्योंकि उनके बच्चे विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की बजाय लापरवाही और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
पार्टी ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता लगातार कमजोर हो रही है और इससे देश के युवाओं में निराशा फैल रही है। कांग्रेस ने मांग की कि सरकार परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए सख्त कदम उठाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।
एनटीए ने परीक्षा दोबारा कराने का किया ऐलान
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने भारत सरकार की मंजूरी मिलने के बाद नीट यूजी 2026 परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है। यह परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी। परीक्षा के बाद देश के कई हिस्सों से पेपर लीक और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं।
इन आरोपों को गंभीर मानते हुए केंद्र सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है। एनटीए ने कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए यह फैसला लिया गया है। एजेंसी ने यह भी जानकारी दी कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी और नई तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी।
फिलहाल लाखों छात्र और उनके परिवार नई परीक्षा तारीख का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, इस पूरे मामले ने देश की परीक्षा प्रणाली और उसकी पारदर्शिता पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

