विश्व पर्यावरण दिवस 2026: यूपी में ‘हरित जन्मोत्सव’ अभियान के तहत 5 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए, बना नया रिकॉर्ड
लखनऊ, 6 जून 2026: विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश ने वृक्षारोपण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के 54वें जन्मदिन को ‘हरित जन्मोत्सव’ के रूप में मनाते हुए राज्य सरकार ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, एक ही दिन में 5 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए, जिससे निर्धारित लक्ष्य भी पार हो गया।
यह अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला और सामाजिक जागरूकता का भी प्रतीक बनकर उभरा।
‘हरित जन्मोत्सव’ के माध्यम से दिया गया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने जन्मदिन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए प्रदेशवासियों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास और कुकरैल वन क्षेत्र से इस विशेष अभियान की शुरुआत की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण हमारी संस्कृति और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं, जिससे राज्य के वन क्षेत्र और हरित आवरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
एक दिन में 5 करोड़ पौधरोपण, लक्ष्य से आगे निकला उत्तर प्रदेश
राज्य सरकार ने विश्व पर्यावरण दिवस पर 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। अभियान के दौरान प्रदेश के सभी 75 जिलों में व्यापक स्तर पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
लगाए गए प्रमुख पौधों की प्रजातियां
अभियान में पर्यावरणीय और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों को प्राथमिकता दी गई, जिनमें शामिल हैं:
- नीम
- पीपल
- बरगद
- आम
- महोगनी
- शीशम
- लीची
- विभिन्न औषधीय पौधे
इन पौधों से न केवल हरित आवरण बढ़ेगा बल्कि भविष्य में जैव विविधता संरक्षण और आर्थिक लाभ भी प्राप्त होंगे।
जनभागीदारी बनी अभियान की सबसे बड़ी ताकत
इस महाअभियान में स्कूली छात्रों, शिक्षकों, स्वयंसेवी संगठनों, वन विभाग, पुलिस प्रशासन तथा आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
अयोध्या, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज सहित प्रदेश के सभी जिलों में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। लाखों लोगों ने अपने घरों, स्कूलों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ मजबूत कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और घनी आबादी वाले राज्य में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।
वृक्षारोपण से होने वाले प्रमुख लाभ
1. कार्बन उत्सर्जन में कमी
पेड़ वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करके ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में मदद करते हैं।
2. जैव विविधता का संरक्षण
वृक्षों से पक्षियों, जीव-जंतुओं और अन्य वन्य प्रजातियों के लिए बेहतर आवास उपलब्ध होंगे।
3. जल संरक्षण को बढ़ावा
पेड़ मिट्टी के कटाव को रोकते हैं और भूजल स्तर को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
4. बेहतर स्वास्थ्य
हरित वातावरण वायु प्रदूषण को कम कर लोगों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराता है, जिससे श्वसन संबंधी रोगों में कमी आ सकती है।
जिलों में दिखी हरियाली की नई तस्वीर
लखनऊ और कुकरैल वन क्षेत्र
राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम यहीं आयोजित किया गया, जहां हजारों लोगों ने पौधरोपण किया।
अयोध्या
सरयू तट पर धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व को ध्यान में रखते हुए विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया गया।
फिरोजाबाद
बंजर भूमि को हरित क्षेत्र में बदलने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर पौधे लगाए गए।
जौनपुर, रायबरेली और अलीगढ़
स्कूलों, आईटीआई संस्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक भागीदारी के साथ कार्यक्रम आयोजित हुए।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को मिली नई पहचान
यह अभियान प्रधानमंत्री Narendra Modi की ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल से प्रेरित है। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को भावनात्मक जुड़ाव के साथ जनआंदोलन का रूप देना है।
उत्तर प्रदेश में इसकी अभूतपूर्व सफलता ने इसे देश के सबसे बड़े वृक्षारोपण अभियानों में शामिल कर दिया है।
पौधरोपण के बाद देखभाल होगी सबसे बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
राज्य सरकार ने पौधों की निगरानी के लिए विशेष योजनाएं तैयार की हैं। वन विभाग द्वारा डिजिटल मॉनिटरिंग, सामुदायिक सहभागिता और नियमित सिंचाई व्यवस्था पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि पौधों की जीवित रहने की दर बढ़ाई जा सके।
भविष्य की योजनाएं
राज्य सरकार ने आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की है, जिनमें शामिल हैं:
- वर्षभर में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
- औषधीय वन विकसित करना
- वेटलैंड संरक्षण परियोजनाएं
- वायु गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम
- स्कूलों में पर्यावरण शिक्षा को बढ़ावा देना
निष्कर्ष
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 पर उत्तर प्रदेश का ‘हरित जन्मोत्सव’ अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जनभागीदारी का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। 5 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण यह दर्शाता है कि यदि सरकार और जनता मिलकर प्रयास करें तो हरित और स्वच्छ भविष्य का सपना साकार किया जा सकता है।
हरित जन्मोत्सव उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाया गया विशेष वृक्षारोपण अभियान है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन और विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में एक दिन में 5 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए।
इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए प्रत्येक नागरिक को कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित करना है।
वृक्षारोपण से वायु प्रदूषण कम होता है, कार्बन अवशोषण बढ़ता है, जैव विविधता सुरक्षित रहती है और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।
सरकार ने 35 करोड़ पौधे लगाने, औषधीय वन विकसित करने, वेटलैंड संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा को बढ़ावा देने जैसी योजनाएं तैयार की हैं।

