मानसून की रफ्तार धीमी, यूपी-बिहार समेत 22 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी
नई दिल्ली। देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ती नजर आ रही है, लेकिन कई राज्यों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली समेत 22 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और मानसून की गतिविधियों के कारण अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में मौसम अस्थिर बना रह सकता है।
मानसून की प्रगति में आई मंदी
इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून को केरल में दस्तक दी थी, जो सामान्य तिथि से कुछ दिन देरी से पहुंचा। फिलहाल मानसून कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार देश में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है, जिसका प्रमुख कारण एल-नीनो प्रभाव माना जा रहा है।
यूपी और बिहार में बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 11 जून से उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में 50 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
यूपी के कई जिलों में धूल भरी आंधी के बाद हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है, जिससे तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। वहीं बिहार में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पटना, गया और आसपास के जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है।
दिल्ली-एनसीआर को भी मिलेगी राहत
दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं। अगले कुछ दिनों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और धूल भरी आंधी चल सकती है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
22 राज्यों में मौसम विभाग का अलर्ट
IMD ने जिन राज्यों के लिए मौसम चेतावनी जारी की है, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के कई राज्य शामिल हैं।
भारी बारिश वाले क्षेत्र
- केरल
- कर्नाटक
- तमिलनाडु
- पश्चिम बंगाल
- सिक्किम
- असम
- मेघालय
आंधी और वज्रपात का खतरा
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- दिल्ली
- राजस्थान
- हरियाणा
- पंजाब
किसानों के लिए राहत और चिंता दोनों
यूपी और बिहार समेत कई राज्यों के किसान खरीफ फसलों की बुवाई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे थे। मानसून की धीमी प्रगति के कारण खेती प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। हालांकि मौजूदा बारिश फसलों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है, लेकिन तेज हवाएं और वज्रपात नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।
कृषि विशेषज्ञ किसानों को जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दे रहे हैं।
शहरों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की आशंका
भारी बारिश के अलर्ट के बीच दिल्ली, लखनऊ, पटना और अन्य बड़े शहरों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी संभावना है।
जलवायु परिवर्तन का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मानसून का पैटर्न लगातार बदल रहा है। कभी देर से मानसून आना, कभी अचानक भारी बारिश और कभी लंबे सूखे की स्थिति अब सामान्य होती जा रही है। एल-नीनो प्रभाव के चलते इस साल जून में कम बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि जुलाई और अगस्त में स्थिति बेहतर हो सकती है।
मौसम विभाग की महत्वपूर्ण सलाह
- मौसम विभाग की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर नियमित अपडेट देखें।
- आंधी और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर न रहें।
- किसान खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
- यात्रा से पहले मौसम की स्थिति जरूर जांच लें।
- पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतें।
निष्कर्ष
मानसून की धीमी शुरुआत ने किसानों से लेकर आम नागरिकों तक सभी की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि आगामी दिनों में कई राज्यों में बारिश की संभावना है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। संतुलित वर्षा होने पर कृषि और जल संसाधनों को फायदा होगा, जबकि अत्यधिक या कम बारिश दोनों ही चुनौतियां पैदा कर सकती हैं।
IMD के अनुसार 2026 में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना जताई गई है, हालांकि अंतिम स्थिति मानसून की आगे की प्रगति पर निर्भर करेगी।
मौसम विभाग के अनुसार 11 जून से अगले कुछ दिनों तक यूपी और बिहार के कई जिलों में बारिश, आंधी और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी।
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
हां, यूपी और बिहार सहित कई राज्यों में बारिश के बाद तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है।
किसानों को फसलों की सुरक्षा, जल निकासी की व्यवस्था और मौसम विभाग के अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।

