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दिल्ली-NCR में तूफान और भारी बारिश का कहर, 100 KM/H की रफ्तार से चली हवाओं ने मचाई तबाही

दिल्ली-NCR में भारी बारिश, आंधी और 100 किमी/घंटे की रफ्तार से चलती हवाओं की जानकारी देता ग्राफिक।
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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में गुरुवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी, धूल भरे तूफान और मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र में जनजीवन को प्रभावित कर दिया। कई इलाकों में हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई, जिसके कारण पेड़ उखड़ गए, बिजली व्यवस्था बाधित हुई और सड़क यातायात प्रभावित रहा।

कई इलाकों में दिखा तूफान का असर

दिल्ली के रोहिणी, द्वारका, पितमपुरा, लाजपत नगर और दक्षिणी दिल्ली के कई हिस्सों के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में तूफान का व्यापक असर देखा गया। तेज हवाओं के कारण सैकड़ों पेड़ गिर गए, जिससे प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया।

कई क्षेत्रों में बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त होने से घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। कुछ स्थानों पर मकानों की छतें उड़ गईं और खड़े वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए।

हवाई और सड़क यातायात पर पड़ा प्रभाव

खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी देखने को मिला। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कई उड़ानें देरी से संचालित हुईं, जबकि कुछ विमानों का मार्ग बदला गया।

वहीं सड़कों पर जलभराव और गिरे हुए पेड़ों के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई क्योंकि लोग सड़क मार्ग से यात्रा करने से बचते रहे।

क्यों आया इतना शक्तिशाली तूफान?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय परिस्थितियों के संयुक्त प्रभाव के कारण यह मजबूत सिस्टम विकसित हुआ। गर्मी के कारण बने निम्न दबाव क्षेत्र ने तूफान की तीव्रता को और बढ़ा दिया।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आगमन से पहले इस प्रकार के मौसमीय बदलाव सामान्य हैं, लेकिन इस बार हवा की गति और बारिश की तीव्रता अपेक्षा से अधिक रही।

तापमान में आई गिरावट, गर्मी से मिली राहत

भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण दिल्ली-NCR के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, हालांकि बिजली कटौती और जलभराव ने मुश्किलें बढ़ा दीं।

राहत और बचाव कार्य जारी

तूफान के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। प्रभावित क्षेत्रों से पेड़ हटाने, बिजली बहाल करने और यातायात सामान्य बनाने के लिए विशेष टीमें तैनात की गईं।

अधिकारियों ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की है।

अगले कुछ दिनों तक मौसम रहेगा सक्रिय

मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार आगामी दिनों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

  • खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें।
  • पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें।
  • जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन चलाने से बचें।
  • बिजली गिरने की आशंका होने पर सुरक्षित स्थान पर रहें।
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
1. दिल्ली-NCR में तूफान की हवा की रफ्तार कितनी थी?

कई इलाकों में हवा की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई।

2. इस तूफान का मुख्य कारण क्या था?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय निम्न दबाव क्षेत्र के कारण यह शक्तिशाली तूफान बना।

3. क्या दिल्ली में आगे भी बारिश होगी?

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है।

4. क्या हवाई सेवाएं प्रभावित हुईं?

हाँ, खराब मौसम के कारण कई उड़ानों में देरी हुई और कुछ विमानों का मार्ग बदला गया।

5. लोगों को किन सावधानियों का पालन करना चाहिए?

खुले स्थानों से दूर रहें, बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करें।

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